{"_id":"d84d93544f317c08f3b50984809875f6","slug":"aishna-got-third-consequetive-national-award-this-year","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर की इस बेटी को निशक्त बालिका राष्ट्रीय पुरस्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर की इस बेटी को निशक्त बालिका राष्ट्रीय पुरस्कार
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 06 Dec 2013 10:39 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर की होनहार बेटी ऐशना को निशक्त बालिका राष्ट्रीय पुरस्कार 2013 से नवाजा गया है। सेक्टर-38 स्थित गुरु हरकृष्ण सिंह सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आठवीं की छात्रा अब तक तीन नेशनल अवार्ड पा चुकी हैं।
नई दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय निशक्त दिवस पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उन्हें यह अवार्ड दिया। पुरस्कार के तहत उन्हें 50 हजार का चेक, मेडल और प्रशंसा पत्र से नवाजा गया है।
यह अवार्ड देशभर में एक अशक्त लड़की और एक अशक्त लड़के को दिया जाता है। डांस, पेंटिंग, जिमनास्टिक आदि में ऐशना की उपलब्धियों के आधार पर उसका इस अवार्ड के लिए चयन हुआ था।
विज्ञापन
आईएएस बनने का लक्ष्य
बेशक ऐशना बोलने और सुनने में असमर्थ हो, लेकिन उनके हौसले को सभी सलाम करते हैं। मां सुषमा बताती है कि बेटी का सपना आईएएस अफसर बनना है।
डांस कोरियोग्राफी में कैरियर बनना भी इसकी प्राथमिकता में है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा ऐशना पढ़ाई में भी हमेशा अव्वल रहती है। ऐशना की पढ़ाई और अन्य गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए मां हमेशा बेटी का साथ देती हैं।
70 से भी अधिक मिल चुके हैं पुरस्कार
16 साल की ऐशना सुनने और बोलने में असमर्थ है। मां सुषमा और पिता अश्वनी के सहयोग से ऐशना ने डांस, पेंटिंग और जिम्नानिस्टक में 70 से अधिक अवार्ड हासिल किए हैं।
2010 में ऐशना को राष्ट्रीय बाल श्री अवार्ड, 2012 में राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से नवाजा जा चुका है। ऐशना को स्टार गर्ल अवार्ड 2013 के अलावा 2011 में चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से स्टेट अवार्ड से भी नवाजा जा चुका है।
विज्ञापन
नई दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय निशक्त दिवस पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उन्हें यह अवार्ड दिया। पुरस्कार के तहत उन्हें 50 हजार का चेक, मेडल और प्रशंसा पत्र से नवाजा गया है।
विज्ञापन
यह अवार्ड देशभर में एक अशक्त लड़की और एक अशक्त लड़के को दिया जाता है। डांस, पेंटिंग, जिमनास्टिक आदि में ऐशना की उपलब्धियों के आधार पर उसका इस अवार्ड के लिए चयन हुआ था।
विज्ञापन
आईएएस बनने का लक्ष्य
बेशक ऐशना बोलने और सुनने में असमर्थ हो, लेकिन उनके हौसले को सभी सलाम करते हैं। मां सुषमा बताती है कि बेटी का सपना आईएएस अफसर बनना है।
डांस कोरियोग्राफी में कैरियर बनना भी इसकी प्राथमिकता में है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा ऐशना पढ़ाई में भी हमेशा अव्वल रहती है। ऐशना की पढ़ाई और अन्य गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए मां हमेशा बेटी का साथ देती हैं।
70 से भी अधिक मिल चुके हैं पुरस्कार
16 साल की ऐशना सुनने और बोलने में असमर्थ है। मां सुषमा और पिता अश्वनी के सहयोग से ऐशना ने डांस, पेंटिंग और जिम्नानिस्टक में 70 से अधिक अवार्ड हासिल किए हैं।
2010 में ऐशना को राष्ट्रीय बाल श्री अवार्ड, 2012 में राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से नवाजा जा चुका है। ऐशना को स्टार गर्ल अवार्ड 2013 के अलावा 2011 में चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से स्टेट अवार्ड से भी नवाजा जा चुका है।