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रिपोर्ट: दीपावली पर वायु तीन गुना व ध्वनि प्रदूषण दो गुना होता है

Sat, 14 Oct 2017 09:03 AM IST
आशीष वर्मा /अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा /अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 14 Oct 2017 09:03 AM IST
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air three times and sound pollution is two times in Diwali
crackers - फोटो : अमर उजाला
इस बार यदि लोग बम फोड़ने से बाज नहीं आए तो दीपावली के मौके पर प्रदूषण झेलने के लिए तैयार रहे। चंडीगढ़ पाल्यूशन डिपार्टमेंट के मुताबिक हर साल प्रदूषण में बढ़ोतरी हो रही है। वायु प्रदूषण तीन गुना बढ़ जाता है, जबकि ध्वनि प्रदूषण दोगुना।
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बम धमाकों की आवाज से शहरवासियों के कान तक जवाब दे जाते हैं। पिछले साल ध्वनि प्रदूषण चार सालों में सबसे अधिक दर्ज किया गया था, जबकि वायु प्रदषूण तीन सालों में। पर्यावरण विभाग की ओर से ग्रीन दीवाली बनाने का अभियान तो जारी है मगर कितना कामयाब होता है, यह दीपावली के अगले दिन ही पता चल पाएगा।
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सेक्टर 22 में ध्वनि प्रदूषण कितना रहा है
समय         2013            2014           2015          2016
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6-7          62.6            64.2             68.6          68.8
7-8          72.0            62.9             70.4          72.1 
8-9          76.4            80.2             80.4          82.2
9-10         76.6            82.9            85.8          86.3
10-11        73.5           77.8             84.0          84.0
11-12        71.6           68.9             80.2          81.0
(नोट : नियम के मुताबिक रात के वक्त 45 डेसीबल से ज्यादा आवाज नहीं होनी चाहिए)

स्वास्थ्य पर ये पड़ता है असर

air three times and sound pollution is two times in Diwali
सेक्टर 22 में वायु प्रदूषण कितना रहा है
पैरामीटर          2013         2014         2015     2016
आरएसपीएम     450           218          124        316
नाइट्रोजन         30             20            34         38

स्वास्थ्य पर ये पड़ता है असर
पीजीआई के कम्युनिटी मेडिसिन के एसोसिएट प्रोफेसर डा. रविंद्रा खैवाल ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति पीएम-10 की 300 मिलीग्राम की वैल्यू के बीच लगातार रहता है तो उसे गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। सांस लेने से लेकर हृदय संबंधी बीमारियां हो सकती हैं। ध्वनि प्रदूषण से तनाव, घबराहट और कान के ऊतक परमानेंट डैमेज हो सकते हैं। इसके अलावा पालतू जानवर को भी काफी दिक्कते आती हैं। वे खूब भौंकते हैं। उत्तेजित हो जाते हैं।

चंडीगढ़ पाल्यूशन कंट्रोल कमेटी उठा रही है ये कदम
-प्रतिबंधित पटाखों को चेक करने के निर्देश दिए गए हैं
-ग्रीन दीवाली मनाने के लिए स्कूलों में कैम्पेन चलाया जा रहा है
-रेडियो और अखबारों के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है

लोगों को जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जितना प्रदूषण कम होगा कि उतना ही शहर के लिए अच्छा होगा। हम सब मिलकर पूरे देश में अपनी शहर की एक मिसाल पेश कर सकते हैं। मेरी लोगों से अपील है कि वे इस बार पटाखे न फोंड़े।
पीजेएस डडवाल, मेंबर सेक्रेटरी, पाल्यूशन कंट्रोल कमेटी चंडीगढ़
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