मोहाली में 4 मुख्यमंत्री और बजट पर महामंथन
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विभिन्न प्रदेशों की प्रमुख सियासी शख्सियतों, कृषि विशेषज्ञों, कंपनी प्रतिनिधियों और किसानों की मौजूदगी के बीच प्रोग्रेसिव पंजाब एग्रीकल्चर समिट का आगाज हुआ। नई एसी मंडी में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि जिस तरह देश में रेलवे का अलग बजट बनाया जाता है, कृषि के लिए अलग से बजट होना चाहिए, तभी समस्याएं हल होंगी।
समिट के आयोजन का उद्देश्य बताते हुए बादल ने कहा कि देशभर के किसान, खेत मजदूर संकट में हैं, उसके कारण और हल ढूंढे जाने चाहिए। उन्होंने समिट को गैर सियासी समागम बताते हुए कहा कि इसीलिए अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों को समिट में बुलाया गया है ताकि सियासत से ऊपर उठकर किसानों को संकट से निकाला जाए।
सीएम बादल ने दिए सुझाव
सीएम बादल ने हल सुझाते हुए कहा कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक खर्च में पचास फीसदी मुनाफा जोड़कर एमएसपी तय किया जाना चाहिए। इसके अलावा शॉर्ट टर्म कर्ज पर छोटे किसानों से दो फीसदी, बड़ों से चार फीसदी ब्याज, अधिक कर्ज पर छह फीसदी ब्याज लिया जाए। रिसर्च के लिए ग्रांट दी जानी चाहिए और किसानों को विदेशों की तर्ज पर सब्सिडी दी जाए। इसके साथ ही फसल और किसान का बीमा जरूरी होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने सहायक धंधों पर आयकर खत्म करने का सुझाव रखते हुए कहा कि इसके बिना फसल का विकेंद्रीयकरण संभव नहीं है। केंद्र सारे देश में इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करे। अलग बजट हो, ताकि खेती के मसले हल हों। बादल ने कहा कि समिट में पश्चिम बंगाल से लेकर पाकिस्तान तक के लोग पहुंचे हैं, वही इस मुहिम को आगे बढ़ाएंगे। ताकि जो भी सरकार बने, उस तक बात पहुंचाई जा सके।
सभी राज्य एक मंच पर आएं : सुखबीर
स्वागत भाषण में डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने कहा कि सभी राज्यों को एक प्लेटफॉर्म पर आना चाहिए। ताकि केंद्र पर दबाव बनाकर खेती की समस्याएं हल की जा सकें।
उन्होंने माहिरों से कहा कि वे समिट के दौरान होने वाली चर्चाओं की विस्तृत रिपोर्ट बनाएं, ताकि केंद्र को हालात बताए जा सकें। इस दौरान एमपी के सीएम शिवराज चौहान, छत्तीसगढ़ के सीएम रमन सिंह, यूपी के सीएम अखिलेश यादव, पूर्व सीएम चंद्रबाबू नायडू, पाक पंजाब के खेतीबाड़ी मंत्री जावेद फारुख, पूर्व केंद्रीय मंत्री सोमपाल शास्त्री, बिहार, गुजरात, पश्चिम बंगाल के खेतीबाड़ी मंत्री और राजस्थान भाजपा प्रधान अशोक प्रणामी ने भी समागम को संबोधित किया। मंच का संचालन एफसीडी सुरेश कुमार ने किया।
सोया शेर जागा तो बिगड़ेगी कानून-व्यवस्था
समिट का उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री ने देश में खेती पर छाए संकट की गंभीरता का विस्तार से जिक्र किया और न सिर्फ उसके कारण बताए, बल्कि उसके हल भी सुझाए।
मुख्यमंत्री बादल ने इसके साथ ही केंद्र सरकार को चेतावनी भी दी कि बुरे समय में किसानों ने सरकार का साथ दिया था। आज किसान बुरे वक्त में हैं, उन्हें संभाला जाए। अगर सोया शेर जाग गया तो कानून-व्यवस्था की समस्या खड़ी हो जाएगी।
झलकियां: बिहार के मंत्री बोले, बादल बनें पीएम
लोकसभा चुनाव से पहले हर तरफ गठबंधन और दल बदलने की बातें चल रही हैं। तीसरे मोर्चे में दल जोड़ने को लेकर भी कवायद तेज हो रही है। ऐसे में बिहार के खेतीबाड़ी मंत्री नरेंद्र सिंह ने प्रोग्रेसिव पंजाब एग्रीकल्चर समिट के मंच से मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को पीएम बनने का आह्वान कर नई चर्चा छेड़ दी है।
समिट के उद्घाटन समागम के दौरान नरेंद्र सिंह ने कहा कि बादल अब देश के किसानों की अगुवाई करें। बादल देश के प्रधानमंत्री बनें और लाल किले पर तिरंगा फहराएं। उन्होंने कहा कि बादल को पहल करनी चाहिए।
अखिलेश ने दिखाई लखनवी तहजीब
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, यूपी के सीएम अखिलेश यादव और छत्तीसगढ़ के सीएम रमन सिंह के साथ चप्पड़चिड़ी बाबा बंदा सिंह बहादुर यादगार में लगाई प्रदर्शनी पहुंचे।
बादल प्रदर्शनी का उद्घाटन अखिलेश से कराना चाहते थे। उन्होंने अखिलेश से रिबन काटने को कहा। पर अखिलेश ने कहा कि नहीं सर आप काटें। बादल ने फिर कहा तो अखिलेश ने कहा कि नहीं सर आप बड़े हैं, आप ही काटेंगे। मैं और रमन जी आपका हाथ पकड़ेंगे। फिर उन्होंने बादल के हाथ पकड़े और बादल ने रिबन काटा। रिबन काटने के बाद बादल ने कैंची अखिलेश को पकड़ा दी।
शिवराज चौहान ने कविता से जीता दिल
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान अपने अच्छे भाषण के लिए जाने जाते हैं। रविवार को भी उन्होंने समिट के दौरान शानदार भाषण देकर सबका दिल जीत लिया।
शिवराज ने भारत माता की जय से शुरुआत की, फिर बोले सो निहाल.. बोल कर फतेह बुलाई। हंसते हुए बोले, बादल साहब मध्य प्रदेश में हम आपका वाजपेई जी के बराबर सम्मान करते हैं। उसके बाद बोले कि वह बचपन से एक कविता पढ़ते आ रहा हैं। श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों की कुर्बानी पर आधारित कविता सुनाकर उन्होंने सबका दिल जीत लिया।
हाथों में फूल लिए इंतजार करते रह गए किसान
प्रदर्शनी के उद्घाटन के बाद बादल और बाकी वीवीआईपी को मुआयना भी करना था। इससे पहले पंजाब व बाहर से आए किसानों से भी उन्होंने मिलना था।
सुबह से ही किसान दो कतारों में उद्घाटन स्थल के पास खड़े थे। पर देरी के चलते बादल ने रिबन काटा और मेहमानों के साथ बाहर से ही एसी मंडी में समागम के लिए चले गए। हाथों में फूल व गुलदस्ते लेकर घंटों से खडे़ किसान काफी मायूस नजर आए।
चंद्रबाबू नायडू की हिंदी ने किया प्रभावित
आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम ने अपनी शानदार हिंदी से सबको प्रभावित किया। हिंदी के कठिन शब्दों से सजे उनके भाषण के शुरुआती हिस्से ने खूब रंग जमाया।
नायडू ने बाद में कहा कि वह हिंदी सीख रहे हैं। बाद में वह अंग्रेजी में आ गए और सहज ढंग से बोलते रहे।
रमन सिंह को बना दिया चंडीगढ़ का सीएम
पश्चिम बंगाल के खेतीबाड़ी मंत्री मलॉय घटक ने मुख्यमंत्री बादल से पहले समागम को संबोधित किया। वह सभी प्रमुख लोगों का नाम ले रहे थे।
इसी बीच छत्तीसगढ़ के सीएम रमन सिंह की बारी आई तो उन्होंने गलती से रमन सिंह को चंडीगढ़ का सीएम बोल दिया। देखते ही देखते हॉल में हंसी के फौव्वारे छूट पड़े। हालांकि घटक को अपनी गलती का पता नहीं चला और उन्होंने भाषण जारी रखा।
बाहर पड़ी कुर्सियां रही खालीं
शनिवार दोपहर बारिश के चलते उद्घाटन समागम चप्पड़चिड़ी से नई एसी मंडी में शिफ्ट कर दिया गया था। यहां अंदर कम लोग बैठ सकते थे। इसलिए बाहर एलईडी स्क्रीन लगा कर कुर्सियां लगा दी गई थीं। पर बाहर की कुर्सियां खाली ही पड़ी रहीं।