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करोड़ों की ब्लड मनी, सरबत का भला ट्रस्ट ने की 60 लाख रुपये की पेशकश
ब्यूरो/अमर उजाला, होशियारपुर(पंजाब)
Updated Wed, 08 Feb 2017 10:04 PM IST
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सरबत दा भला ट्रस्ट के चेयरमैन एसपी ओबेरॉय
पाकिस्तानी युवक मोहम्मद इजाज के कत्ल में फांसी की सजा पाने के बाद से गत अक्तूबर से दुबई जेल में होशियारपुर के गांव हवेली के चंदर शेखर समेत 10 पंजाबी युवकों की रिहाई के लिए मृतक के परिजनों को ब्लड मनी दिए जाने को लेकर बात आगे तो बढ़ी हैं पर समझौता नहीं हुआ है।
फिलहाल मृतक के परिवार ने माफीनामा देने पर सहमति तो जता दी है। वह ब्लड मनी के तौर पर काफी ज्यादा पैसे की मांग कर रहे हैं। सरबत दा भला ट्रस्ट की ओर से दुबई कानून के अनुसार तय बनती ब्लड मनी के मुताबिक उन्हें 60 लाख रुपये ब्लड मनी के तौर पर देने की पेशकश की गई है।
दुबई से अमर उजाला को फोन पर यह जानकारी देते हुए सरबत दा भला ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी एसपीएस ओबरॉय ने बताया कि पहले मृतक का परिवार माफीनामा देने के लिए मान नहीं रहा था। अब ट्रस्ट की टीम के दो बार जाने के बाद वह अब माफीनामा देने के लिए मान गए हैं लेकिन पैसे का लेनदेन और बाकी सारे बातें बाद में तय होंगी।
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फिलहाल मृतक के परिवार ने माफीनामा देने पर सहमति तो जता दी है। वह ब्लड मनी के तौर पर काफी ज्यादा पैसे की मांग कर रहे हैं। सरबत दा भला ट्रस्ट की ओर से दुबई कानून के अनुसार तय बनती ब्लड मनी के मुताबिक उन्हें 60 लाख रुपये ब्लड मनी के तौर पर देने की पेशकश की गई है।
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दुबई से अमर उजाला को फोन पर यह जानकारी देते हुए सरबत दा भला ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी एसपीएस ओबरॉय ने बताया कि पहले मृतक का परिवार माफीनामा देने के लिए मान नहीं रहा था। अब ट्रस्ट की टीम के दो बार जाने के बाद वह अब माफीनामा देने के लिए मान गए हैं लेकिन पैसे का लेनदेन और बाकी सारे बातें बाद में तय होंगी।
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माफीनामे पर सहमति दी पर अभी तक समझौता नहीं हुआ- ओबराय
एसपी सिंह ओबराय, चेयरमैन, सरबत दा भला
- फोटो : File Photo
एसपीएस ओबरॉय ने बताया कि ट्रस्ट की एक टीम पाकिस्तान गई हुई है और अब भी उनके घर पर ही मौजूद है। मृतक के पाकिस्तान में रहने वाले परिवार में उसके दो भाई और माता पिता सहित चार लोग हैं।
चूंकि मामले की अगली सुनवाई 27 फरवरी को है लिहाजा अभी उनकी टीम के लोग मृतक के परिवार से इस मामले में पैरवी के लिए पावर ऑफ अटार्नी लेने गए हैं। इसके बाद मृतक के पिता को खुद अदालत में पेश होना होगा उसके बाद ही ब्लड मनी देकर समझौता फाइनल होगा।
ओबराय का कहना था कि अगर ब्लड मनी देकर समझौता फाइनल होने की बात करें तो अभी तक इस दिशा में 50 प्रतिशत काम ही हुआ है कि मृतक के परिजनों ने माफीनामा देने पर सहमति दी है। उन्होंने उम्मीद जताी कि आगामी दो-तीन दिनों में इस बारे में कुछ कहा जा सकेगा।।
चूंकि मामले की अगली सुनवाई 27 फरवरी को है लिहाजा अभी उनकी टीम के लोग मृतक के परिवार से इस मामले में पैरवी के लिए पावर ऑफ अटार्नी लेने गए हैं। इसके बाद मृतक के पिता को खुद अदालत में पेश होना होगा उसके बाद ही ब्लड मनी देकर समझौता फाइनल होगा।
ओबराय का कहना था कि अगर ब्लड मनी देकर समझौता फाइनल होने की बात करें तो अभी तक इस दिशा में 50 प्रतिशत काम ही हुआ है कि मृतक के परिजनों ने माफीनामा देने पर सहमति दी है। उन्होंने उम्मीद जताी कि आगामी दो-तीन दिनों में इस बारे में कुछ कहा जा सकेगा।।