चंडीगढ़: माता-पिता की मृत्यु के बाद बच्चों के नाम हो सकेंगे स्मॉल फ्लैट, CHB ने लिया फैसला
सीएचबी ने स्पष्ट किया है कि माता-पिता की मृत्यु के बाद स्मॉल फ्लैट उनके उन सभी बच्चों के नाम पर संयुक्त रूप से ट्रांसफर किया जाएगा जो उस मकान में रह रहे होंगे। इसके लिए उनका मतदाता पहचान पत्र और आधार कार्ड को देखा जाएगा।
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चंडीगढ़ में चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) के कुल 17000 स्मॉल फ्लैट हैं। वर्षों पहले आवंटित इन फ्लैट्स में हजारों लोग रहते हैं। सीएचबी के पास ऐसे कई मामले आए हैं, जिनमें आवंटी या सह आवंटी की मृत्यु हो चुकी है। ऐसे में बोर्ड ने फैसला किया है कि माता-पिता की मृत्यु के बाद स्मॉल फ्लैट बच्चों के नाम हो सकेंगे। इसके लिए नियम व शर्तें तय कर ली गईं हैं।
सीएचबी ने स्पष्ट किया है कि माता-पिता की मृत्यु के बाद स्मॉल फ्लैट उनके उन सभी बच्चों के नाम पर संयुक्त रूप से ट्रांसफर किया जाएगा जो उस मकान में रह रहे होंगे। इसके लिए उनका मतदाता पहचान पत्र और आधार कार्ड को देखा जाएगा। अगर बच्चे छोटे हुए तो मकान को अभिभावक प्रमाणपत्र के साथ ट्रांसफर किया जाएगा जो कि सक्षम प्राधिकरण की तरफ से जारी किया जाएगा। इस मामले में अभिभावक का पुलिस सत्यापन भी किया जाएगा।
मकान ट्रांसफर के लिए सीएचबी के दफ्तर से एक आवेदन फॉर्म लेकर भरना होगा। साथ में फोटो व आईडी के साथ मूल आवंटी और सह आवंटी के मृत्यु प्रमाण पत्र को लगाना होगा। अगर मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं है तो दो एफिडेविट देने होंगें जिसमें दो ऐसे लोगों से हस्ताक्षर कराने होंगे जो मरने वाले व्यक्ति को जानते होंगे। एफिडेविट में मृत्यु से संबंधित सभी तरह की जानकारी भी होनी चाहिए।
किराया जमा होगा तभी ट्रांसफर होगा फ्लैट
सीएचबी ने स्पष्ट किया है कि मकान तभी ट्रांसफर होगा जब संबंधित फ्लैट पर किसी भी तरह की कोई भी बकाया राशि नहीं होगी और पूरा किराया जमा किया गया होगा। फ्लैट पर कोई भी कानूनी केस, भवन उल्लंघन आदि का नोटिस नहीं होना चाहिए। अगर ऐसा मामला पाया जाता है तो मकान का ट्रांसफर नहीं होगा। ट्रांसफर के लिए दो तरह की फीस भी लगाई गईं हैं। इसमें 200 रुपये प्रोसेसिंग फीस और 10 हजार रुपये (जीएसटी अतिरिक्त) पब्लिकेशन चार्जेज के रूप में जमा कराने होंगे।