{"_id":"58d2c7f64f1c1bb6681a52a7","slug":"after-the-amar-ujala-campaign-administration-to-conduct-the-survey-for-led-light","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अमर उजाला अभियान के बाद जागा प्रशासन, एलईडी लाइट लगाने के लिए सर्वे शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमर उजाला अभियान के बाद जागा प्रशासन, एलईडी लाइट लगाने के लिए सर्वे शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 23 Mar 2017 09:35 AM IST
विज्ञापन
Chandigarh Streets Lights
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर निगम ने शहर की स्ट्रीट लाइटों को एलईडी में तबदील करने के लिए सर्वे शुरू कर दिया है। बुधवार को सेक्टर-1 से सर्वे की शुरुआत हुई। शहर की 48 हजार स्ट्रीट लाइट्स को एलईडी में बदलने के लिए नगर निगम ने पिछले महीने ईईएसएल कंपनी के साथ लिखित में समझौता किया था।
अमर उजाला ने बंद पड़ी लाइटों को लेकर प्रमुखता से अभियान चलाया था। अभियान के बाद चीफ इंजीनियर एनपी शर्मा ने एलईडी लाइट्स लगाने का काम जल्द शुरू करने के निर्देश दिए थे। चीफ इंजीनियर ने सर्वे के लिए एक माह की समय सीमा तय की है। चीफ इंजीनियर का कहना है कि दिवाली तक पूरे शहर में एलईडी लाइट्स लग जाएंगी।
समझौते के अनुसार 48 हजार स्ट्रीट लाइट्स को एलईडी में बदलने से बिजली की खपत 50 से 60 प्रतिशत कम होगी। कंपनी जो एलईडी लाइट्स लगाएगी उसके लिए नगर निगम से कोई चार्ज नहीं किया जाएगा बल्कि एलईडी लाइट्स लगाने के बाद जब बिजली के बिल की बचत होगी उसमें से कुछ भाग कंपनी को अदा किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ने बंद पड़ी लाइटों को लेकर प्रमुखता से अभियान चलाया था। अभियान के बाद चीफ इंजीनियर एनपी शर्मा ने एलईडी लाइट्स लगाने का काम जल्द शुरू करने के निर्देश दिए थे। चीफ इंजीनियर ने सर्वे के लिए एक माह की समय सीमा तय की है। चीफ इंजीनियर का कहना है कि दिवाली तक पूरे शहर में एलईडी लाइट्स लग जाएंगी।
विज्ञापन
समझौते के अनुसार 48 हजार स्ट्रीट लाइट्स को एलईडी में बदलने से बिजली की खपत 50 से 60 प्रतिशत कम होगी। कंपनी जो एलईडी लाइट्स लगाएगी उसके लिए नगर निगम से कोई चार्ज नहीं किया जाएगा बल्कि एलईडी लाइट्स लगाने के बाद जब बिजली के बिल की बचत होगी उसमें से कुछ भाग कंपनी को अदा किया जाएगा।
विज्ञापन
कंपनी को सात साल का ठेका दिया: कमिश्नर
सेंट्रल कंट्रोल रूम से होगा नियंत्रण
स्मार्ट एलईडी लगने के बाद सेंट्रल कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा। जहां भी लाइटें बंद होंगी उसकी जानकारी सेंट्रल कंट्रोल रूम को होगी। इसके तुरंत बाद उसे ठीक किया जाएगा। सभी लाइटों का कंट्रोल सेंट्रलाइज होगा। वहां पर कंपनी का बैठा कर्मचारी तुरंत उसे ठीक कर देगा। लाइटों को आन आफ करने के लिए जो कर्मचारी इस समय लगाए हैं उनकी भी जरूरत नहीं पड़ेगी। इस समय नगर निगम 12.64 करोड़ रुपये का बिजली का भुगतान कर रहा है। एलईडी लगने से छह करोड़ रुपये बिजली के बिल का फायदा होगा। यह काम भी स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत होगा।
कंपनी को सात साल का ठेका दिया : कमिश्नर
कमिश्नर बी पुरुषार्था ने बताया कि यह प्रोजेक्ट सफलता पूर्वक दिल्ली, पंजाब, गुजरात, हिमाचल, गोवा और यूपी में भी लागू किया जा रहा है। कंपनी को 7 साल का ठेका दिया गया है। एलईडी लगने के बाद रखरखाव का काम यह कंपनी ही देखेगी। कंपनी का दावा है कि एलईडी लगने से शहर में कहीं भी अंधेरा नहीं दिखेगा। कंपनी ने यह भी सुनिश्चित किया है कि कोई भी एलईडी की फिटिंग को नुकसान हो जाता है तो उसकी फिर से फिटिंग करने की जिम्मेवारी कंपनी की ही होगी। साथ ही कंपनी का यह भी दावा है कि हमेशा 95 प्रतिशत एलईडी जलती रहेगी।
स्मार्ट एलईडी लगने के बाद सेंट्रल कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा। जहां भी लाइटें बंद होंगी उसकी जानकारी सेंट्रल कंट्रोल रूम को होगी। इसके तुरंत बाद उसे ठीक किया जाएगा। सभी लाइटों का कंट्रोल सेंट्रलाइज होगा। वहां पर कंपनी का बैठा कर्मचारी तुरंत उसे ठीक कर देगा। लाइटों को आन आफ करने के लिए जो कर्मचारी इस समय लगाए हैं उनकी भी जरूरत नहीं पड़ेगी। इस समय नगर निगम 12.64 करोड़ रुपये का बिजली का भुगतान कर रहा है। एलईडी लगने से छह करोड़ रुपये बिजली के बिल का फायदा होगा। यह काम भी स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत होगा।
कंपनी को सात साल का ठेका दिया : कमिश्नर
कमिश्नर बी पुरुषार्था ने बताया कि यह प्रोजेक्ट सफलता पूर्वक दिल्ली, पंजाब, गुजरात, हिमाचल, गोवा और यूपी में भी लागू किया जा रहा है। कंपनी को 7 साल का ठेका दिया गया है। एलईडी लगने के बाद रखरखाव का काम यह कंपनी ही देखेगी। कंपनी का दावा है कि एलईडी लगने से शहर में कहीं भी अंधेरा नहीं दिखेगा। कंपनी ने यह भी सुनिश्चित किया है कि कोई भी एलईडी की फिटिंग को नुकसान हो जाता है तो उसकी फिर से फिटिंग करने की जिम्मेवारी कंपनी की ही होगी। साथ ही कंपनी का यह भी दावा है कि हमेशा 95 प्रतिशत एलईडी जलती रहेगी।