Chandigarh: बरसात के बाद उमस ने किया परेशान, बढ़ रहा संक्रामक बीमारियों का खतरा, बरतें ये सावधानियां...
न्यू चंडीगढ़ आई हॉस्पिटल की त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. नवदीप कौर का कहना है कि मौजूदा समय में वायु प्रदूषण इतना ज्यादा बढ़ गया है कि बरसात की बूंदों को भी प्रदूषित कर रहा है। पहली बरसात में भीगने पर हवा के जहरीले कण जो पानी में मिले होते हैं, वे सीधे त्वचा के संपर्क में आ जाते हैं। इससे खुजली, जलन व अन्य कई तरह की त्वचा संबंधी बीमारियों का खतरा रहता है।
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विस्तार
चंडीगढ़ में मानसून की धमाकेदार एंट्री हो गई है। हालांकि शनिवार के बाद रविवार को भी उमस के कारण लोग परेशान दिखे। शनिवार को धूप तेज नहीं थी, लेकिन उमस भरी गर्मी रही। वहीं देर रात शहर व आसपास के कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हुई। शनिवार को अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों में तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन हल्की बारिश का अनुमान जताया गया है।
बरसात के साथ बढ़ रहा संक्रामक बीमारियों का खतरा
बारिश के साथ संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ने लगा है। बरसात में भीगने का शौक रखने वालों को स्वास्थ्य विशेषज्ञ आगाह कर रहे हैं। जीएमएसएच-16 के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. मनजीत के अनुसार पहली बरसात या बारिश की शुरुआती फुहार में प्रदूषण का स्तर बहुत ज्यादा होता है। उसके संपर्क में आने से त्वचा रोग के साथ आंखों पर दुष्प्रभाव पड़ने का खतरा रहता है इसलिए ऐसा करने से बचें। वहीं नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव ने बताया कि मौजूदा समय में आंखों में संक्रमण संबंधी शिकायत तेजी से बढ़ रही है। आंखों की साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
पीजीआई के पूर्व नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. आशीष का कहना है कि बरसात में आई फ्लू की परेशानी तेजी बढ़ रही है। बरसात में भीगने से बचें। आंखों को गंदे पानी और बैक्टीरिया से बचाएं। गंदे हाथ से आंखों को न छुएं। बिना डॉक्टर के सलाह के कोई भी आई ड्रॉप आंखों में न डालें। खासतौर पर छोटे बच्चे अगर बार-बार आंखों को रगड़ें तो उनके हाथ साफ करते रहिए।
इसका रखें ध्यान
कंजक्टिवाइटिस या आई फ्लू एक संक्रामक बीमारी है यानी यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को हो सकती है। इसलिए संक्रमित व्यक्ति की आंखों में न देखें और न ही उसका रुमाल, तौलिया, टॉयलेट की टोंटी, दरवाजे का हैंडल, टेलीफोन के रिसीवर का इस्तेमाल करें।
...ताकि बरसात में दमकती रहे त्वचा
- त्वचा संबंधी रोगों से बचने के लिए नियमित तौर पर शरीर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें।
- खाने में संतुलित आहार और मौसमी फल जरूर लें।
- डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी दवा न लें।
- पत्तेदार सब्जियों, उड़द की दाल और तली-भुनी चीजों के प्रयोग से बचें।
- खाने में सलाद शामिल करें।
- सिंथेटिक कपड़े न पहनें, बारिश में भीगने के बाद जितना जल्दी हो सके साफ पानी से नहा लें।
- नहाने के पानी में नीम की पत्तियों को पानी में उबाल कर उस पानी से भी नहा सकती हैं।
- नहाने के लिए मेडिकेटेड साबुन का इस्तेमाल करें।
- कपड़ों को एक बार पहनने के बाद ही धो लें।
- गीले कपड़े या जूते पहन कर ज्यादा देर न रहें।
- ढीले हवादार कपड़े पहनें।
- किसी के साथ अपने कपड़े या तौलिया शेयर न करें।