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हरीश रावत की पंजाब में 'बल्लेबाजी', नवजोत सिद्धू के बाद बाजवा-दूलो को साधने की कोशिश

Wed, 07 Oct 2020 10:06 AM IST
खुशबू गोयल सुरिंदर पाल, जालंधर
सुरिंदर पाल, जालंधर Published by: खुशबू गोयल Updated Wed, 07 Oct 2020 10:06 AM IST
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After Navjot Sidhu, Harish Rawat Target Shamsher Sungh Duloo, Partap Singh Bajwa
Harish Rawat
पहाड़ी राज्य उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत की पंजाब में बल्लेबाजी से कांग्रेसियों में नई आशा की किरण नजर आनी शुरू हो गई है। नवजोत सिंह सिद्धू को कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ मंच पर बैठाकर कांग्रेस में नई जान फूंकने की कवायद शुरू कर दी है और पंजाब में चल रही ‘विरोधी लहर’ की धार को कुंद करना शुरू कर दिया है।
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रावत का अब अगला पड़ाव राज्यसभा सांसद प्रताप सिंह बाजवा व शमशेर सिंह दूलों है, जिनका कैप्टन अमरिंदर सिंह से छत्तीस का आंकड़ा है। रावत के लिए दोनों को कैप्टन के साथ एक मंच पर बैठाना बड़ी चुनौती है, लेकिन रावत अपने मिशन पर निकल पड़े हैं। पंजाब में 2022 में चुनाव होने जा रहे हैं।
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जहां भारतीय जनता पार्टी पूरी ताकत झोंकने की तैयारी कर रही है, वहीं अकाली दल अपनी खोई जमीन को पाने के लिए सड़कों पर है। आम आदमी पार्टी पंजाब की राजनीति में खाली हो चुकी जमीन नजरें गड़ाए है।
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सरकार के खिलाफ काफी एंटी इनकंबेंसी(विरोधी लहर)

कैप्टन सरकार को सत्ता में आए हुए पौने चार साल का समय बीत चुका है और सरकार के खिलाफ काफी एंटी इनकंबेंसी (विरोधी लहर) है। घर घर नौकरी, किसान कर्ज माफी के अलावा पोस्ट मैट्रिक स्कालरशिप स्कीम में उठे बवाल के बाद कैप्टन सरकार के लिए 2022 में दोबारा कुर्सी हासिल करना आसान नहीं है। उल्टा पार्टी के भीतर जबरदस्त विद्रोह व नाराजगी कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ है।

सूत्रों की मानें तो पंजाब कैबनिट के आधे से अधिक मंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की कार्यशैली से नाराज चल रहे हैं। पंजाब के कई सीनियर मंत्री चुप्पी धारण किये हुए हैं और सरकार की कारगुजारी से खुश नहीं हैं। उनको अपनी जमीन खिसकती नजर आ रही है।

पंजाब के कई मंत्री लगातार इस बात को उठाते रहे हैं कि कांग्रेस ने अकाली दल भाजपा गठबंधन के दौरान ड्रग माफिया, रेत, बजरी, केबल और ट्रांसपोर्ट घोटाले का शोर मचाकर सत्ता प्राप्त की थी, लेकिन कैप्टन सरकार ने एक भी घोटाले में जांच कर गठबंधन सरकार के किसी नेता के खिलाफ कार्रवाई नहीं की।

पंजाब के कई विधायक इस बारे में पत्र लिखकर कैप्टन से मांग कर चुके हैं कि 2022 में स्टेजों पर जाकर वोट मांगना उनके लिए आसान नहीं है। ऊपर से नवजोत सिंह सिद्धू कैप्टन सरकार से नाराज होकर घर बैठ गए। वहीं दूसरी तरफ राज्यसभा सदस्य प्रताप सिंह बाजवा व शमशेर सिंह दूलों तो खुलेआम कैप्टन सरकार के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं।

बाजवा व दूलो से भी संपर्क कर रहे रावत

रावत ने कांग्रेस के तमाम नेताओं की नाराजगी दूर करनी शुरू कर दी है। इसलिए उन्होंने सिद्धू को मनाकर अपना पहला पड़ाव सफलतापूर्वक पार कर लिया है। वहीं अब मंत्रियों व विधायकों की नाराजगी दूर करने की तैयारी चल रही है।

रावत ने मंत्रियों के अलावा विधायकों से लगातार फोन पर संपर्क साधना शुरू कर दिया है और खुद फीडबैक लेकर बात कर रहे हैं। सकारात्मक तरीके से वह विधायकों की संयम से बात सुन रहे हैं और आश्वासन दे रहे हैं कि वह इसका समाधान निकालेंगे, इसके लिए उनको यकीन रखना होगा। इसके अलावा रावत की एक टीम ने बाजवा व दूलों से भी संपर्क करना शुरू कर दिया है।

खेती बचाओ रैली के दौरान रावत ने अपने भाषण में तमाम नेताओं में संतुलन बनाकर भाषणबाजी की और उनकी तारीफ की। जहां उन्होंने कैप्टन का जिक्र किया, वहीं सिद्धू, जाखड़, सुखजिंदर रंधावा और मनप्रीत की तारीफ भी की। रावत ने कहा कि अब नाराजगी को दूर करना उनका लक्ष्य है और किसी नेता को पार्टी में बयानबाजी करने नहीं दी जाएगी। शीघ्र ही पार्टी एक नई ऊर्जा के साथ पंजाब में दिखाई देगी।
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