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Chandigarh News: दिवाली के बाद बंदी छोड़ दिवस पर भी बढ़ा प्रदूषण, अमृतसर व जालंधर का एक्यूआई 500 तक पहुंचा
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-पंजाब की हवा हुई और जहरीली, देर रात तक चलते रहे पटाखे
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अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला/चंडीगढ़।
दिवाली के अगले दिन बंदी छोड़ दिवस पर भी पंजाब के विभिन्न शहरों में जमकर पटाखे फोड़े गए। इससे मंगलवार रात को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। राज्य के कई शहरों की हवा बहुत खराब से गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई।
अमृतसर और जालंधर में एक्यूआई अधिकतम 500 तक पहुंच गया। मंगलवार रात 10 से 1 बजे के बीच सबसे अधिक एक्यूआई दर्ज किया गया है। पंजाब सरकार ने दीवाली पर 2 घंटे पटाखे जलाने की अनुमति दी थी लेकिन आदेशों में मंगलवार को लेकर कोई उल्लेख नहीं किया गया था। देर रात तक खूब आतिशबाजी होती रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार रात को लुधियाना का एक्यूआई 419, पटियाला का 323, मंडी गोबिंदगढ़ का 325, खन्ना का 321 और बठिंडा का अधिकतम एक्यूआई 273 दर्ज किया गया।
सेहत के लिए खतरनाक
एक्यूआई का यह स्तर स्वस्थ लोगों की सेहत पर भी प्रभाव डालता है जबकि बुजुर्ग, बच्चों और सांस, हृदय या फेफड़ों की बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए अधिक खतरनाक है। विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।
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बुधवार को आई एक्यूआई में आई 200 अंकों की गिरावट
बुधवार को पंजाब के छह शहरों का एक्यूआई खराब श्रेणी (ऑरेंज जोन) में दर्ज किया गया। इससे सांस लेना भी दूभर हो रहा है। हालांकि बंदी छोड़ दिवस की रात को 500 तक पहुंचे एक्यूआई के मुकाबले इसमें 200 अंकों की कमी दर्ज की गई। मंडी गोबिंदगढ़ का एक्यूआई सबसे अधिक 293, लुधियाना का 278, जालंधर का 268, पटियाला का 262, अमृतसर का 238 और खन्ना का 239 दर्ज किया गया बठिंडा का एक्यूआई 167 दर्ज किया गया जो येलो जोन में रहा।
पराली जलाने के 69 नए मामले, अब तक 484 केस
बुधवार को पंजाब में पराली जलााने के 69 नए मामले दर्ज हुए। इसके साथ ही कुल मामलों की संख्या बढ़कर 484 हो गई है। पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) ने अब तक 226 मामलों में 11 लाख 45 हजार रुपये का जुर्माना किया है। इसमें से 7 लाख 40 हजार रुपये की वसूली भी कर ली गई है। 184 मामलों में पराली जलाने वालों पर एफआईआर दर्ज की गई है। इसके साथ ही 187 रेड एंट्री की गई हैं। इस सीजन में अब तक अमृतसर जिले में सबसे ज्यादा 126 पराली जलाने के मामले सामने आए हैं। तरनतारन में 154, फिरोजपुर में 55, पटियाला में 31, संगरूर में 14, गुरदासपुर में 23, कपूरथला में भी 14, व फाजिल्का में 11 मामले, एसएएस नगर में 8, बरनाला में पांच, बठिंडा में 7 मामले, मालेरकोटला में चार, फतेहगढ़ साहिब में पांच, फरीदकोट में भी पांच, होशियारपुर व मानसा में दो-दो, मुक्तसर में चार, एसबीएस नगर में दो मामले, मोगा में पराली जलाने का एक मामला सामने आया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला/चंडीगढ़।
दिवाली के अगले दिन बंदी छोड़ दिवस पर भी पंजाब के विभिन्न शहरों में जमकर पटाखे फोड़े गए। इससे मंगलवार रात को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। राज्य के कई शहरों की हवा बहुत खराब से गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई।
अमृतसर और जालंधर में एक्यूआई अधिकतम 500 तक पहुंच गया। मंगलवार रात 10 से 1 बजे के बीच सबसे अधिक एक्यूआई दर्ज किया गया है। पंजाब सरकार ने दीवाली पर 2 घंटे पटाखे जलाने की अनुमति दी थी लेकिन आदेशों में मंगलवार को लेकर कोई उल्लेख नहीं किया गया था। देर रात तक खूब आतिशबाजी होती रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार रात को लुधियाना का एक्यूआई 419, पटियाला का 323, मंडी गोबिंदगढ़ का 325, खन्ना का 321 और बठिंडा का अधिकतम एक्यूआई 273 दर्ज किया गया।
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सेहत के लिए खतरनाक
एक्यूआई का यह स्तर स्वस्थ लोगों की सेहत पर भी प्रभाव डालता है जबकि बुजुर्ग, बच्चों और सांस, हृदय या फेफड़ों की बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए अधिक खतरनाक है। विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।
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बुधवार को आई एक्यूआई में आई 200 अंकों की गिरावट
बुधवार को पंजाब के छह शहरों का एक्यूआई खराब श्रेणी (ऑरेंज जोन) में दर्ज किया गया। इससे सांस लेना भी दूभर हो रहा है। हालांकि बंदी छोड़ दिवस की रात को 500 तक पहुंचे एक्यूआई के मुकाबले इसमें 200 अंकों की कमी दर्ज की गई। मंडी गोबिंदगढ़ का एक्यूआई सबसे अधिक 293, लुधियाना का 278, जालंधर का 268, पटियाला का 262, अमृतसर का 238 और खन्ना का 239 दर्ज किया गया बठिंडा का एक्यूआई 167 दर्ज किया गया जो येलो जोन में रहा।
पराली जलाने के 69 नए मामले, अब तक 484 केस
बुधवार को पंजाब में पराली जलााने के 69 नए मामले दर्ज हुए। इसके साथ ही कुल मामलों की संख्या बढ़कर 484 हो गई है। पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) ने अब तक 226 मामलों में 11 लाख 45 हजार रुपये का जुर्माना किया है। इसमें से 7 लाख 40 हजार रुपये की वसूली भी कर ली गई है। 184 मामलों में पराली जलाने वालों पर एफआईआर दर्ज की गई है। इसके साथ ही 187 रेड एंट्री की गई हैं। इस सीजन में अब तक अमृतसर जिले में सबसे ज्यादा 126 पराली जलाने के मामले सामने आए हैं। तरनतारन में 154, फिरोजपुर में 55, पटियाला में 31, संगरूर में 14, गुरदासपुर में 23, कपूरथला में भी 14, व फाजिल्का में 11 मामले, एसएएस नगर में 8, बरनाला में पांच, बठिंडा में 7 मामले, मालेरकोटला में चार, फतेहगढ़ साहिब में पांच, फरीदकोट में भी पांच, होशियारपुर व मानसा में दो-दो, मुक्तसर में चार, एसबीएस नगर में दो मामले, मोगा में पराली जलाने का एक मामला सामने आया है।