चंडीगढ़: प्रशासन की अपील पर लोगों ने बढ़ाए मदद के हाथ, अब एक शर्त पर अटका मामला
प्रशासन ने शर्त रख दी है कि मिनी कोविड सेंटर बनाने वालों को ही स्वास्थ्यकर्मी व ऑक्सीजन की व्यवस्था करनी होगी। इस कारण प्रशासन के पास आए आवेदनों का कोई निराकरण नहीं हो पा रहा है।
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चंडीगढ़ में कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं। चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार की अपील पर कई लोग महामारी में मदद के लिए आगे आए, लेकिन अब प्रशासन ने एक शर्त लगा दी है। इससे आवेदकों में असमंजस है। प्रशासन ने शर्त रख दी है कि मिनी कोविड सेंटर बनाने वालों को ही स्वास्थ्यकर्मी व ऑक्सीजन की व्यवस्था करनी होगी। इस कारण प्रशासन के पास आए आवेदनों का कोई निराकरण नहीं हो पा रहा है। लोगों का कहना है कि हम अन्य व्यवस्था तो कर लेंगे, लेकिन स्वास्थ्यकर्मी और ऑक्सीजन की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग को ही करनी होगी।
पिछले दिनों प्रशासक वीपी सिंह बदनौर के सलाहकार मनोज परिदा ने लोगों से अपील की थी कि शहर में कोरोना महामारी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में यहां के लोगों, सामाजिक संस्थाओं व व्यापारी संगठनों को मदद के लिए आगे आना चाहिए। अपनी सहभागिता करते हुए मिनी कोविड सेंटरों की स्थापना करनी चाहिए। इसके बाद लोगों ने भी प्रशासन को आवेदन देना शुरू कर दिया। इसके बाद प्रशासन ने एक शर्त रख दी।
स्वास्थ्यकर्मी और ऑक्सीजन की व्यवस्था खुद करने पर लोगों ने कहा कि जब स्वास्थ्य विभाग आर्मी की ओर से बनाए जाने वाले अस्पताल में ऑक्सीजन दे सकता है तो हमें क्यों नहीं। हम भी कोरोना महामारी में मदद के लिए ही अस्थायी अस्पतालों का निर्माण कर रहे हैं। ऑक्सीजन व स्वास्थ्य कर्मचारी सामाजिक संगठन व आम आदमी कहां से लाएगा। इसमें स्वास्थ्य विभाग को ही सहयोग करना होगा।
ऑक्सीजन की व्यवस्था तत्काल संभव नहीं
कुछ ऑक्सीजन सिलिंडर हम कर लेंगे, स्वास्थ्य विभाग को थोड़ी मदद करनी होगी
स्वरमनी फाउंडेशन के संस्थापक रोहित कुमार ने बताया कि उन्होंने 50 बेड का अस्पताल बनाने की बात की है। उन्होंने प्रस्ताव में लिखा है कि खाने-पीने से लेकर अन्य सभी व्यवस्थाएं हम कर लेंगे। इसके अलावा कुछ ऑक्सीजन सिलिंडर की भी व्यवस्था कर लेंगे, लेकिन स्वास्थ्य विभाग को मदद तो करनी ही होगी। ऑक्सीजन की मांग बढ़ेगी तो हमें समस्या होगी। साथ ही हमारे पास स्वास्थ्यकर्मी नहीं है। इसलिए इतनी मदद की प्रशासन से उम्मीद करते हैं।
कोरोना वायरस की वजह से शहर के अस्पतालों में भी डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों की कमी है। इस वजह से संस्थानों से आग्रह किया गया है कि वह खुद मिनी कोविड केयर सेंटर के लिए स्वास्थ्य कर्मियों की व्यवस्था करें। हालांकि सेंटरों में सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है, जो वहां जाकर मरीजों को देखते हैं। - यशपाल गर्ग, इंचार्ज, मिनी कोविड केयर सेंटर