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Chandigarh News: 20 साल बाद हरियाणा सचिवालय में छुट्टी के दिन भी चहल-पहल, चौटाला के बाद नायब सैनी ने की मैराथन बैठकें

Sun, 16 Jun 2024 08:50 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 16 Jun 2024 08:50 PM IST
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After 20 years there is hustle and bustle in Haryana Secretariat even on holidays
विभागों के अधिकारियों के साथ-साथ मंत्री भी रहे मौजूद
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। लोकसभा चुनावों में पांच सीटें गंवाने और आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए हरियाणा सरकार एक्शन मोड में आ गई है। रविवार को छुट्टी होने के बावजूद हरियाणा सचिवालय में खूब चहल-पहल रही। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चौथे फ्लोर पर एक के बाद एक कई विभागों के साथ मैराथन बैठकें कीं। पिछले 20 साल में यह पहली बार है कि जब किसी मुख्यमंत्री ने रविवार को सचिवालय में बैठकें की हों और फाइलें निपटाई हों। इससे पहले, 2004 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला जरूर रविवार को अधिकारियों के साथ बैठकें करते थे। इसके बाद भूपेंद्र सिंह हुड्डा दस साल मुख्यमंत्री रहे और साढ़े नौ साल मनोहर लाल रहे, लेकिन किसी ने भी रविवार को दफ्तर नहीं खुलवाए। हां, दोनों ही मुख्यमंत्री सीएम आवास पर जरूर बैठकें लेते रहे हैं।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सुबह वन विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इनमें मंत्री संजय सिंह भी मौजूद रहे। इसके बाद मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक चली, इसमें प्रदेशभर की मंडियों की समीक्षा की गई। कृषि मंत्री कंवरपाल गुर्जर बैठक के दौरान मौजूद रहे। वहीं, तीसरी बैठक एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों से हुई। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ उद्योग मंत्री मूलचंद शर्मा की भी बैठक में हाजिरी रही।
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प्रदेश में आमतौर पर यह परंपरा है कि शुक्रवार को मंत्री दोपहर बाद अपने-अपने हलकों में चले जाते हैं और सोमवार को ही वापस चंडीगढ़ सचिवालय में लौटते हैं। हरियाणा में इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला जहां आधी रात के समय डीसी और एसपी को फोन करके उनके क्षेत्र के मामलों की रिपोर्ट तलब करते थे। साथ ही छुट्टी के दिन अधिकारियों को अपने आवास पर लंच कराते थे और उनसे राय मशरवरा करते थे। इनके साथ ही चौधरी बंसीलाल भी रात को अधिकारियों से फोन पर ही अपडेट लेते थे।
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सरकार के पास काम दिखाने के लिए बचे मात्र ढाई माह
दरअसल, नायब सरकार के पास काम करने के लिए कुछ ही दिन बचे हैं। अक्टूबर में हरियाणा में विधानसभा के चुनाव प्रस्तावित हैं। इसलिए विधानसभा चुनावों से पहले सरकार लंबित मामलों को गति देने की कोशिश में है। क्योंकि सैनी अभी नए हैं और उनको अभी प्रशासनिक अनुभव नहीं है, इसलिए वह अपनी छुट्टी को प्रयोग कार्यालय में बैठकर यह समझने की कोशिश कर रहे हैं। सैनी चाहते हैं कि सरकार के खिलाफ बनी एंटी इंकम्बेंसी को बदला जाए और इसके लिए विकास कार्यों को गति दी जाए। संभावना है कि आगामी दिनों में भी छुट्टी के दिन सचिवालय खुलने की परंपरा बनने वाली है।

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एक दिन पहले मांगी थी रिपोर्ट
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से शनिवार की देर शाम को तीनों विभागों के अधिकारियों को अपनी स्टेटस रिपोर्ट बैठक में लाने के लिए कहा गया। आनन-फानन में रविवार की बैठक में प्रस्तुति देने के लिए कई अधिकारियों ने शनिवार की रात को ही स्टाफ को अपने घरों में बुला लिया। छुट्टी होने के चलते कई अधिकारी तो पहाड़ों या फिर गुरुग्राम की ओर रवाना हो चुके थे, लेकिन बाद में उनको वापस आना पड़ा।
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