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राहत, यहां गरीबों को मिलेगी सस्ती बिजली
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 24 Jan 2014 11:52 AM IST
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यूटी प्रशासन ने गरीबों को सस्ती बिजली देने की तैयारी कर ली है। यूटी प्रशासन की ओर से वर्ष 2014-15 के लिए जेईआरसी के पास एग्रीगेट रेवेन्यू रिक्वायरमेंट (एआरआर) संबंधी याचिका दायर की है उसमें कालोनियों में रहने वालों के लिए अगर रेट निर्धारित किया गया है।
अगर जेईआरसी बिजली विभाग की इस याचिका को मंजूरी दे देता है तो कालोनियों में रहने वालों को सिर्फ 2.78 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से पैसे देने होंगे।
अन्य घरेलू उपभोक्ताओं की तरह उनके लिए तीन स्लैब नहीं होंगे। उनसे फ्यूल एंड पावर प्राक्योरमेंट कॉस्ट एडजस्टमेंट (एफपीपीसीए) भी नहीं लिया जाएगा।
ऐसे में उनका बिजली का बिल पहले की तुलना में कम आएगा। अभी कालोनी वालों से अन्य घरेलू उपभोक्ताओं की तरह तीन स्लैब के तहत बिजली का बिल वसूला जाता है और इसके साथ साथ उन्हें एफपीपीसीए भी देना पड़ता है।
बिजली विभाग के अधिकारियों के मुताबिक याचिका में सिंगल प्वाइंट सप्लाई (एसपीएस) वाले उपभोक्ताओं से जहां 2.78 रुपये प्रति यूनिट बिजली के रेट लेने का प्रस्ताव तैयार किया गया है, वहीं यह भी प्रस्ताव है कि अगर कालोनी में रहने वाले उपभोक्ता चाहें तो खुद बिजली का बिल जमा करा सकते हैं।
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अभी कालोनियों में बिजली ठेकेदार के माध्यम से सप्लाई होती है और ठेकेदार ही बिजली का बिल जमा करते हैं। उनकी सबसे बड़ी दिक्कत एफपीपीसीए को लेकर है। ठेकेदार के लिए कालोनी के उपभोक्ताओं के बीच एफपीपीसीए को बांटना मुश्किल हो जाता है।
कमर्शियल ऑडिट नहीं कराया
यूटी प्रशासन के बिजली विभाग की ओर से अपने अकाउंट्स का कामर्शियल ऑडिट नहीं कराया है। मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए बिजली के रेट सिर्फ इसलिए जेईआरसी ने नहीं बढ़ाए थे क्योंकि बिजली विभाग ने कामर्शियल ऑडिट नहीं कराया।
इस बार भी बिजली विभाग ने कामर्शियल ऑडिट नहीं कराया। ऐसे में अगले वित्तीय वर्ष के लिए बिजली विभाग ने जो बढ़े हुए रेट प्रस्तावित किए हैं उसकी मंजूरी जेईआरसी से मिलनी मुश्किल है।
चंडीगढ़ के सांसद पवन कुमार बंसल ने भी प्रशासक के सलाहकार को लिखे पत्र में इसका उल्लेख किया है कि जब बिजली विभाग ने कामर्शियल ऑडिट नहीं कराया है तो बिजली के रेट बढ़ाना उचित नहीं है।
स्कूल-कालेजों पर लागू होंगी घरेलू दरें
चंडीगढ़ के सिर्फ एडेड निजी स्कूल और कॉलेजों से ही घरेलू चार्जेज के हिसाब से बिजली का बिल वसूला जाएगा। पिछले साल से बिजली विभाग ने निजी स्कूल और कालेजों से कामर्शियल रेट लेना शुरू कर दिया था।
लेकिन, पिछले साल बिजली विभाग ने अपनी याचिका में लिखा था कि सिर्फ सरकार से मान्यता प्राप्त निजी स्कूल और कालेजों से ही घरेलू चार्जेस लिए जाएंगे।
ऐसे में निजी स्कूल और कालेज प्रबंधकों में भ्रम की स्थिति हो गई थी क्योंकि सभी निजी स्कूल और कालेज सरकार से मान्यता प्राप्त है।
इसलिए इस साल बिजली विभाग ने इसमें संशोधन करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि सिर्फ एडेड निजी स्कूल और कालेज ही घरेलू चार्जेस के हिसाब से बिजली का बिल देंगे।
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अगर जेईआरसी बिजली विभाग की इस याचिका को मंजूरी दे देता है तो कालोनियों में रहने वालों को सिर्फ 2.78 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से पैसे देने होंगे।
अन्य घरेलू उपभोक्ताओं की तरह उनके लिए तीन स्लैब नहीं होंगे। उनसे फ्यूल एंड पावर प्राक्योरमेंट कॉस्ट एडजस्टमेंट (एफपीपीसीए) भी नहीं लिया जाएगा।
ऐसे में उनका बिजली का बिल पहले की तुलना में कम आएगा। अभी कालोनी वालों से अन्य घरेलू उपभोक्ताओं की तरह तीन स्लैब के तहत बिजली का बिल वसूला जाता है और इसके साथ साथ उन्हें एफपीपीसीए भी देना पड़ता है।
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बिजली विभाग के अधिकारियों के मुताबिक याचिका में सिंगल प्वाइंट सप्लाई (एसपीएस) वाले उपभोक्ताओं से जहां 2.78 रुपये प्रति यूनिट बिजली के रेट लेने का प्रस्ताव तैयार किया गया है, वहीं यह भी प्रस्ताव है कि अगर कालोनी में रहने वाले उपभोक्ता चाहें तो खुद बिजली का बिल जमा करा सकते हैं।
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अभी कालोनियों में बिजली ठेकेदार के माध्यम से सप्लाई होती है और ठेकेदार ही बिजली का बिल जमा करते हैं। उनकी सबसे बड़ी दिक्कत एफपीपीसीए को लेकर है। ठेकेदार के लिए कालोनी के उपभोक्ताओं के बीच एफपीपीसीए को बांटना मुश्किल हो जाता है।
कमर्शियल ऑडिट नहीं कराया
यूटी प्रशासन के बिजली विभाग की ओर से अपने अकाउंट्स का कामर्शियल ऑडिट नहीं कराया है। मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए बिजली के रेट सिर्फ इसलिए जेईआरसी ने नहीं बढ़ाए थे क्योंकि बिजली विभाग ने कामर्शियल ऑडिट नहीं कराया।
इस बार भी बिजली विभाग ने कामर्शियल ऑडिट नहीं कराया। ऐसे में अगले वित्तीय वर्ष के लिए बिजली विभाग ने जो बढ़े हुए रेट प्रस्तावित किए हैं उसकी मंजूरी जेईआरसी से मिलनी मुश्किल है।
चंडीगढ़ के सांसद पवन कुमार बंसल ने भी प्रशासक के सलाहकार को लिखे पत्र में इसका उल्लेख किया है कि जब बिजली विभाग ने कामर्शियल ऑडिट नहीं कराया है तो बिजली के रेट बढ़ाना उचित नहीं है।
स्कूल-कालेजों पर लागू होंगी घरेलू दरें
चंडीगढ़ के सिर्फ एडेड निजी स्कूल और कॉलेजों से ही घरेलू चार्जेज के हिसाब से बिजली का बिल वसूला जाएगा। पिछले साल से बिजली विभाग ने निजी स्कूल और कालेजों से कामर्शियल रेट लेना शुरू कर दिया था।
लेकिन, पिछले साल बिजली विभाग ने अपनी याचिका में लिखा था कि सिर्फ सरकार से मान्यता प्राप्त निजी स्कूल और कालेजों से ही घरेलू चार्जेस लिए जाएंगे।
ऐसे में निजी स्कूल और कालेज प्रबंधकों में भ्रम की स्थिति हो गई थी क्योंकि सभी निजी स्कूल और कालेज सरकार से मान्यता प्राप्त है।
इसलिए इस साल बिजली विभाग ने इसमें संशोधन करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि सिर्फ एडेड निजी स्कूल और कालेज ही घरेलू चार्जेस के हिसाब से बिजली का बिल देंगे।