{"_id":"63ed3e88f9f0959b1b0566b3","slug":"advocates-strike-in-chandigarh-ends-after-three-days-2023-02-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: तीन दिनों से जारी वकीलों की हड़ताल खत्म, आज काम पर लौटेंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: तीन दिनों से जारी वकीलों की हड़ताल खत्म, आज काम पर लौटेंगे
Thu, 16 Feb 2023 01:55 AM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 16 Feb 2023 01:55 AM IST
सार
वकीलों की तीन दिनों की हड़ताल से अदालत का कामकाज प्रभावित रहा। लगभग छह हजार के करीब केसों की सुनवाई प्रभावित हुई। अदालत में कामकाज के सिलसिले से आए लोग खासा परेशान दिखे, जिनको अब दोबारा नई तारीख पर अदालत में आना पड़ेगा।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Amar Ujala Digital
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चंडीगढ़ के सेक्टर-43 स्थित जिला अदालत में वकील गुरुवार को काम पर लौटेंगे। पिछले तीन दिनों से वकील हड़ताल पर बैठे थे। बुधवार को वकीलों के प्रतिनिधिमंडल ने गृह सचिव और एसएसपी से मुलाकात की।
विज्ञापन
अधिकारियों ने वकीलों को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। इसके बाद बार एसोसिएशन ने फैसला लिया की वह गुरुवार को हड़ताल खत्म कर कामकाज पर लौटेंगे। वकील गुरुवार को लॉयर चैंबर्स के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे लेकिन कामकाज जारी रहेगा।
विज्ञापन
बता दें कि चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर सिख बंदियों की रिहाई की मांग को लेकर आठ फरवरी को कौमी इंसाफ मोर्चा और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। इस मामले में पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इसमें एडवोकेट अमर सिंह चहल और दिलशेर सिंह जंडियाला का नाम भी शामिल है। जिला बार एसोसिएशन की मांग है कि एफआईआर में दर्ज दोनों वकीलों का नाम हटाया जाए।
विज्ञापन
वकीलों की तीन दिनों की हड़ताल से अदालत का कामकाज प्रभावित रहा। लगभग छह हजार के करीब केसों की सुनवाई प्रभावित हुई। अदालत में कामकाज के सिलसिले से आए लोग खासा परेशान दिखे, जिनको अब दोबारा नई तारीख पर अदालत में आना पड़ेगा। वकीलों की हड़ताल के दौरान कोर्ट रूम और वकीलों के चैंबर्स के बीच बने गेट पर ताला लगाया गया था ताकि कोई भी वकील कोर्ट रूम में न जा सके।