फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Advocate Mukesh Mittal during the ED raid at his Sector 18 residence in Chandigarh

ईडी की रिपोर्ट में एडवोकेट मुकेश मित्तल को बताया मास्टरमाइंड

Wed, 04 May 2016 12:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़। Updated Wed, 04 May 2016 12:16 PM IST
विज्ञापन
Advocate Mukesh Mittal during the ED raid at his Sector 18 residence in Chandigarh
एडवोकेट मुकेश मित्तल - फोटो : amarujala
एनआरआई की करोड़ों की संपत्ति को फर्जी पॉवर ऑफ अटार्नी के जरिए ट्रांसफर कर बेचने के मामले में ईडी ने एडवोकेट मुकेश मित्तल को मास्टरमाइंड बताया है। साथ ही मामले में विजिलेंस द्वारा की गई जांच को बहुत कमजोर बताया है। इसका खुलासा मंगलवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय में ईडी अधिकारियों द्वारा दर्ज कराए गए बयान और कोर्ट में सौंपी गई रिपोर्ट में हुआ है।
विज्ञापन


बीती 24 अप्रैल को मामले के जांच अधिकारी ईडी अफसर को जिला एवं सत्र न्यायालय से समन जारी किया गया था। इसी मामले में वह मंगलवार को अदालत में पेश हुए। कोर्ट में उन्होंने बयान दर्ज कराए और उसके बाद सरकारी वकील ने उनका क्रास एग्जामिनेशन भी किया। 
विज्ञापन


सूत्रों के अनुसार ईडी अधिकारी की ओर से कोर्ट में सौंपी रिपोर्ट में कहा गया है कि एनआरआई ने 2009 में विजिलेंस में अपनी सेक्टर-20 स्थित कोठी को फर्जी तरीके से बेचने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले में विजिलेंस ने जांच के बाद तारा सिंह के भाई जसवंत सिंह उर्फ उत्तर सिंह, वकील जीएस साहनी, हरनेक सिंह (साहनी का मुंशी), ओपी मित्तल समेत एस्टेट आफिस के दो कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। जांच में मामला मनी लांडरिंग का निकला तो विजिलेंस ने जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को भी शामिल किया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


रिपोर्ट के अनुसार मामले में एक आरोपी हरनेक सिंह का केवल इसमें इस्तेमाल किया गया है। मामले में असली मास्टरमाइंड मुकेश मित्तल है, उसने इस फर्जीवाड़े में अन्य आरोपियों का इस्तेमाल किया है। आरोपियों में से एक जसवंत सिंह एनआरआई तारा सिंह का भाई है। उसी के पास इसकी पावर ऑफ अटार्नी भी थी। रिपोर्ट के अनुसार जांच में सामने आया कि जीसी साहनी को प्रापर्टी बेचने के बाद मुकेश मित्तल ने 34.5 लाख रुपये देने का वादा किया था। हालांकि उसे यह पैसा नहीं मिला। इसके अलावा रिपोर्ट में इस प्रापर्टी को बेचने के बाद मिले पैसे की ट्रांजेक्शन के तौर पर बैंक स्टेटमेंट की कॉपी भी लगाई गई है। 

वहीं रिपोर्ट में विजिलेंस की जांच को भी कमजोर बताया गया है। उनके अनुसार उन्होंने मामले की जांच ठीक से नहीं की। इसलिए इसमें मुख्य आरोपी के खिलाफ केस दर्ज नहीं हो सका और जिन्हें आरोपी बनाया गया है उनका केवल इस्तेमाल किया गया है। अधिकारियों ने कोर्ट को बताया कि इसकी नए सिरे से जांच के लिए वह पहले ही एसएसपी को पत्र भेज चुके हैं। 

यह है मामला
22 जुलाई 2009 को यूके निवासी तारा सिंह ने चंडीगढ़ विजिलेंस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी चंडीगढ़ सेक्टर-20सी स्थित संपत्ति को फर्जी पॉवर ऑफ अटार्नी के जरिये किसी को ट्रांसफर कर दिया गया है। एफआईआर में चार आरोपियों को नामजद किया था। विजिलेंस ने जांच की तो इसमें ओपी मित्तल, जसवंत सिंह, जीएस साहनी, हरनेक सिंह व एस्टेट आफिस के दो कर्मियों के नाम सामने आए। इस प्रॉपर्टी की सेल के लिए एस्टेट ऑफिस ने एनओसी दी थी। इसके बाद शिकायतकर्ता ने डीसी ऑफिस चंडीगढ़ से संपर्क किया।

जांच के बाद डीसी ऑफिस ने मामले में फर्जीवाड़ा पाया। इसके बाद प्रॉपर्टी की सेल डीड को रद्द कर दिया गया था। साथ ही एस्टेट ऑफिस से इसके लिए ली गई एनओसी को भी कैंसल किया, जो फर्जी पॉवर ऑफ अटार्नी के बेस पर ली गई थी। इसके बाद एस्टेट ऑफिस ने सब रजिस्ट्रार कार्यालय को भी इस सौदे से जुड़ी सेल डीड और रजिस्ट्री रद्द करने को कहा।

मनी लांडरिंग के बाद जांच ईडी को
डीसी आफिस से मामले की जांच विजिलेंस को सौंपी गई। विजिलेंस ने जांच की तो प्रॉपर्टी ट्रांसफर के फर्जीवाड़े में एक बड़ा अमाउंट के ब्लैक किए जाने का पता चला। यह राशि करोड़ों में थी। मनी लांडरिंग का मामला सामने आते ही जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को शामिल किया गया। ईडी की जांच में पैसे ट्रांजेक्शन में एक कंपनी का नाम सामने आया।


कंपनी के डायरेक्टर के तौर पर अजय सिंह का नाम सामने आया। ईडी ने उसकी तलाश की तो पता चला कि अजय मुकेश मित्तल का टाइपराइटर है। साथ ही पता चला कि मुकेश मित्तल ओपी मित्तल का वकील है। जांच में कंपनी के नाम पर करोड़ों की ट्रांजेक्शन का पता चला। साथ ही एक के बाद एक कई फर्जी कंपनियों का खुलासा हुआ। इन कंपनियों के नाम पर कई करोड़ का लेन-देन हुआ था। इनके डायरेक्टरों में मुकेश मित्तल के ड्राइवर और मुंशी का भी नाम सामने आया। ईडी ने पूछताछ की तो उन्होंने कंपनियों से कोई नाता होने से इंकार किया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed