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हाईकोर्ट की सख्ती और बार एसोसिएशन के दोफाड़ होने के बाद टूटी हड़ताल, काम पर लौटे वकील
Sat, 17 Aug 2019 11:17 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sat, 17 Aug 2019 11:17 AM IST
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फाइल फोटो
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23 दिन से वकीलों द्वारा हाईकोर्ट में काम काज ठप रखने का सिलसिला आखिरकार हाईकोर्ट की सख्ती और बार एसोसिएशन के दो फाड़ होने के बाद शुक्रवार को टूट गया। वकीलों ने हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की आम बैठक के बाद काम पर लौटने का निर्णय ले लिया। हरियाणा सरकार द्वारा हरियाणा एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (हैट) पर गौर करने के लिए गठित कमेटी की रिपोर्ट आने तक काम पर लौटने का निर्णय किया गया है।
हरियाणा के कर्मचारियों से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए हरियाणा एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल के गठन की नोटिफिकेशन आने के बाद से ही वकीलों ने हाईकोर्ट में काम काज ठप कर दिया था। बार एसोसिएशन ने निर्णय लिया कि कोई भी वकील कोर्ट में पेश नहीं होगा और न ही किसी याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट में प्रवेश दिया जाएगा। इसके बाद विवादों का सिलसिला शुरू हो गया और पहला मामला तब सामने आया जब बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष पर जज के सचिव को लात मारने का आरोप लगा और हाईकोर्ट के कर्मचारी हड़ताल पर चले गए।
इसके बाद उप प्रधान ने कर्मचारियों से माफी मांगी तब जाकर विवाद निपटा। दूसरा विवाद मीडिया से हाथापाई के बाद हुआ जिसके चलते हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के प्रधान को मीडिया से माफी मांगनी पड़ी। हाईकोर्ट में पहुंचती विवादों की शिकायतों के बीच हाईकोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए बार एसोसिएशन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। हाईकोर्ट ने बार एसोसिएशन को फटकार लगाते हुए कहा कि किस हक से याचिकाकर्ताओं को हाईकोर्ट में प्रवेश से रोका गया।
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हरियाणा के कर्मचारियों से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए हरियाणा एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल के गठन की नोटिफिकेशन आने के बाद से ही वकीलों ने हाईकोर्ट में काम काज ठप कर दिया था। बार एसोसिएशन ने निर्णय लिया कि कोई भी वकील कोर्ट में पेश नहीं होगा और न ही किसी याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट में प्रवेश दिया जाएगा। इसके बाद विवादों का सिलसिला शुरू हो गया और पहला मामला तब सामने आया जब बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष पर जज के सचिव को लात मारने का आरोप लगा और हाईकोर्ट के कर्मचारी हड़ताल पर चले गए।
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इसके बाद उप प्रधान ने कर्मचारियों से माफी मांगी तब जाकर विवाद निपटा। दूसरा विवाद मीडिया से हाथापाई के बाद हुआ जिसके चलते हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के प्रधान को मीडिया से माफी मांगनी पड़ी। हाईकोर्ट में पहुंचती विवादों की शिकायतों के बीच हाईकोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए बार एसोसिएशन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। हाईकोर्ट ने बार एसोसिएशन को फटकार लगाते हुए कहा कि किस हक से याचिकाकर्ताओं को हाईकोर्ट में प्रवेश से रोका गया।
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साथ ही हाईकोर्ट के बुलाने पर प्रशासक के सलाहकार, डीजीपी, गृह सचिव व एसएसपी भी कोर्ट में मौजूद थीं। हाईकोर्ट ने दो टूक शब्दों में कहा कि हाईकोर्ट के गेट से धरने को किसी अन्य स्थान पर ले जाया जाए। इस पर फैसले के लिए शु़क्रवार तक का समय मांगा गया था। शुक्रवार को आम बैठक में निर्णय लिया गया कि हरियाणा सरकार द्वारा ट्रिब्यूनल की वैधता और यह कितना कारगर रहेगा, इस पर गौर करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी की रिपोर्ट आने तक वकील काम पर लौटेंगे।
कमेटी में मुख्य सचिव के अतिरिक्त बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा के चेयरमैन, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, हरियाणा के एडवोकेट जनरल के प्रतिनिधि व कर्मचारियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डीपीएस रंधावा और सचिव रोहित सूद ने बार एसोसिएशन के निर्णय के बारे में फुल बेंच को जानकारी दी। फुल बेंच ने इस जानकारी के बाद सुनवाई अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी है।
सुरक्षा के व्यापक प्रबंध
हाईकोर्ट ने बुधवार को बार को यह स्पष्ट कर दिया था कि गेट नंबर 1 से धरना हटाया जाए और यदि नहीं हटाया गया तो इसे हटाने के लिए प्रशासन को आदेश जारी कर दिए जाएंगे। सुरक्षा के मद्देनजर शुक्रवार सुबह से ही हाईकोर्ट में सीआरपीएफ जवान तैनात कर दिए गए थे। हाईकोर्ट के आदेश पर चंडीगढ़ के डीजीपी संजय बेनीवाल, गृह सचिव अरुण गुप्ता और एसएसपी नीलांबरी जगदाले भी मौजूद रहे। पाकिंर्ग में भारी संख्या में सीआरपीएफ जवानों की तैनाती की गई थी। हालांकि हालात बिगड़े नहीं और बार की आम बैठक में वकीलों ने काम पर वापिस लौटने का निर्णय लिया जिसके चलते किसी भी प्रकार के बल के इस्तेमाल की जरूरत नहीं पड़ी।
कमेटी में मुख्य सचिव के अतिरिक्त बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा के चेयरमैन, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, हरियाणा के एडवोकेट जनरल के प्रतिनिधि व कर्मचारियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डीपीएस रंधावा और सचिव रोहित सूद ने बार एसोसिएशन के निर्णय के बारे में फुल बेंच को जानकारी दी। फुल बेंच ने इस जानकारी के बाद सुनवाई अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी है।
सुरक्षा के व्यापक प्रबंध
हाईकोर्ट ने बुधवार को बार को यह स्पष्ट कर दिया था कि गेट नंबर 1 से धरना हटाया जाए और यदि नहीं हटाया गया तो इसे हटाने के लिए प्रशासन को आदेश जारी कर दिए जाएंगे। सुरक्षा के मद्देनजर शुक्रवार सुबह से ही हाईकोर्ट में सीआरपीएफ जवान तैनात कर दिए गए थे। हाईकोर्ट के आदेश पर चंडीगढ़ के डीजीपी संजय बेनीवाल, गृह सचिव अरुण गुप्ता और एसएसपी नीलांबरी जगदाले भी मौजूद रहे। पाकिंर्ग में भारी संख्या में सीआरपीएफ जवानों की तैनाती की गई थी। हालांकि हालात बिगड़े नहीं और बार की आम बैठक में वकीलों ने काम पर वापिस लौटने का निर्णय लिया जिसके चलते किसी भी प्रकार के बल के इस्तेमाल की जरूरत नहीं पड़ी।