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बिना खर्च किए पुराने कमरे में शिफ्ट हुए एडवाइजर परिमल राय
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Updated Tue, 29 Mar 2016 08:46 AM IST
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परिमल राय
- फोटो : file photo
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यूटी के नए एडवाइजर परिमल राय सलाहकार के लिए बने पुराने कमरे में शिफ्ट हो गए हैं। इसकी रेनोवेशन पर एक भी पैसा खर्च नहीं किया गया है। पूर्व एडवाइजर विजय देव इस ऑफिस की रेनोवेशन पर दो करोड़ रुपये खर्च कर विवादों में आ गए थे। उन्होंने प्रशासक के जनता दरबार वाले रूप पर भी कब्जा जमा लिया था।
पूर्व एडवाइजर विजय कुमार का एक साल के भीतर ही दिल्ली वापसी का कारण बने प्रशासक के कमरे पर कब्जे का विवाद अब खत्म हो गया है। नए एडवाइजर परिमल राय ने यूटी सचिवालय के फर्स्ट फ्लोर पर बने प्रशासक के कमरे को खाली कर दिया है। एडवाइजर का कमरा प्रशासक के कमरे से कुछ ही कदमों की दूरी पर है। परिमल राय ने 14 मार्च को यूटी प्रशासन में ज्वाइन करते ही तुरंत कमरा शिफ्ट करने के आदेश जारी कर दिए थे।
चंडीगढ़ प्रशासक के चीफ इंजीनियर मुकेश आनंद ने बताया कि इस कमरे की रेनोवेशन के लिए कुछ भी खर्च नहीं किया गया है। नए बजट में भी पैसा नहीं दिया गया है। बिना रेनोवेशन के यहां पर यह शिफ्ट हो रहे हैं। होली के मौके पर कई दिनों की छुट्टी होने के दौरान एडवाइजर के कमरे की नए सिरे से रेनोवेशन कर दी गई और सोमवार से उन्होंने बैठना भी शुरू कर दिया।
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पुराने कमरे में ही परिमल राय ने यूटी प्रशासन के अधिकारियों के साथ मीटिंग भी की। यूटी प्रशासन के अधिकारियों की कोठी और दफ्तर की रेनोवेशन पर लाखों रुपये खर्च का विवाद साल भर से चल रहा है। पूर्व एडवाइजर विजय देव के सेक्टर-7 स्थित सरकारी आवास और यूटी सचिवालय के कमरे की रेनोवेशन पर ही करीब दो करोड़ खर्च होने पर काफी विवाद हो चुका है।
यूटी के वित्त सचिव और गृहसचिव की सेक्टर-16 स्थित सरकारी कोठी की रेनोवेशन पर भी करीब 1.50 करोड़ खर्च हो चुके हैं। नए अधिकारियों के लिए कमरों पर अनावश्यक खर्च पर लगातार विवाद जारी है। प्रशासक के कमरे की रेनोवेशन पर नए सिरे से लाखों खर्च किए जाएंगे।
प्रो. सोलंकी का लगेगा जनता दरबार
प्रशासक प्रो.कप्तान सिंह सोलंकी के लिए कमरे को नए सिरे से तैयार किया जा रहा है। हफ्ते भर में प्रशासक के कमरे को भी तैयार किया जा रहा है। करीब डेढ़ साल से यूटी सचिवालय में प्रशासक का जनता दरबार नहीं लग पाया है। जानकारी के अनुसार प्रशासक प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी भी अप्रैल से जनता दरबार लगाने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार जनता दरबार को नए तरीके से शुरू करने पर भी अधिकारियों और प्रशासक के बीच बातचीत हो चुकी है। जनता दरबार में यूटी प्रशासन के सभी आला अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। गौरतलब है कि पूर्व प्रशासक लेफ्टिनेंट जनरल जेएफआर जैकब के समय मेें जनता दरबार शुरू किया गया था। महीने में दो सोमवार को प्रशासक लोगों की समस्याओं को खुद यूटी सचिवालय में सुनते थे।
दूसरे अधिकारियों के कमरे भी बदले
यूटी प्रशासन के कई अन्य अधिकारियों के कमरों की भी अदला बदली शुरू हो गई है। एडवाइजर रूम में बैठे सेक्रेटरी परसोनल विक्रम देव दत्त की जगह यूटी प्रशासन में ज्वाइन करने वाले केके जिंदल को आर्किटेक्चर राजेंद्र कलसी का कमरा अलॉट किया गया है। इस कमरे की भी रेनोवेशन शुरू कर दी गई है। कलसी को यूटी सचिवालय में तीसरी मंजिल पर कमरा दिया गया है। फर्स्ट फ्लोर पर ही टूरिज्म डायरेक्टर आईएएस अधिकारी जितेंद्र यादव के पीए रूम को खाली करवाकर उसे मेहमानों के लिए तैयार किया जा रहा है।
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पूर्व एडवाइजर विजय कुमार का एक साल के भीतर ही दिल्ली वापसी का कारण बने प्रशासक के कमरे पर कब्जे का विवाद अब खत्म हो गया है। नए एडवाइजर परिमल राय ने यूटी सचिवालय के फर्स्ट फ्लोर पर बने प्रशासक के कमरे को खाली कर दिया है। एडवाइजर का कमरा प्रशासक के कमरे से कुछ ही कदमों की दूरी पर है। परिमल राय ने 14 मार्च को यूटी प्रशासन में ज्वाइन करते ही तुरंत कमरा शिफ्ट करने के आदेश जारी कर दिए थे।
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चंडीगढ़ प्रशासक के चीफ इंजीनियर मुकेश आनंद ने बताया कि इस कमरे की रेनोवेशन के लिए कुछ भी खर्च नहीं किया गया है। नए बजट में भी पैसा नहीं दिया गया है। बिना रेनोवेशन के यहां पर यह शिफ्ट हो रहे हैं। होली के मौके पर कई दिनों की छुट्टी होने के दौरान एडवाइजर के कमरे की नए सिरे से रेनोवेशन कर दी गई और सोमवार से उन्होंने बैठना भी शुरू कर दिया।
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पुराने कमरे में ही परिमल राय ने यूटी प्रशासन के अधिकारियों के साथ मीटिंग भी की। यूटी प्रशासन के अधिकारियों की कोठी और दफ्तर की रेनोवेशन पर लाखों रुपये खर्च का विवाद साल भर से चल रहा है। पूर्व एडवाइजर विजय देव के सेक्टर-7 स्थित सरकारी आवास और यूटी सचिवालय के कमरे की रेनोवेशन पर ही करीब दो करोड़ खर्च होने पर काफी विवाद हो चुका है।
यूटी के वित्त सचिव और गृहसचिव की सेक्टर-16 स्थित सरकारी कोठी की रेनोवेशन पर भी करीब 1.50 करोड़ खर्च हो चुके हैं। नए अधिकारियों के लिए कमरों पर अनावश्यक खर्च पर लगातार विवाद जारी है। प्रशासक के कमरे की रेनोवेशन पर नए सिरे से लाखों खर्च किए जाएंगे।
प्रो. सोलंकी का लगेगा जनता दरबार
प्रशासक प्रो.कप्तान सिंह सोलंकी के लिए कमरे को नए सिरे से तैयार किया जा रहा है। हफ्ते भर में प्रशासक के कमरे को भी तैयार किया जा रहा है। करीब डेढ़ साल से यूटी सचिवालय में प्रशासक का जनता दरबार नहीं लग पाया है। जानकारी के अनुसार प्रशासक प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी भी अप्रैल से जनता दरबार लगाने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार जनता दरबार को नए तरीके से शुरू करने पर भी अधिकारियों और प्रशासक के बीच बातचीत हो चुकी है। जनता दरबार में यूटी प्रशासन के सभी आला अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। गौरतलब है कि पूर्व प्रशासक लेफ्टिनेंट जनरल जेएफआर जैकब के समय मेें जनता दरबार शुरू किया गया था। महीने में दो सोमवार को प्रशासक लोगों की समस्याओं को खुद यूटी सचिवालय में सुनते थे।
दूसरे अधिकारियों के कमरे भी बदले
यूटी प्रशासन के कई अन्य अधिकारियों के कमरों की भी अदला बदली शुरू हो गई है। एडवाइजर रूम में बैठे सेक्रेटरी परसोनल विक्रम देव दत्त की जगह यूटी प्रशासन में ज्वाइन करने वाले केके जिंदल को आर्किटेक्चर राजेंद्र कलसी का कमरा अलॉट किया गया है। इस कमरे की भी रेनोवेशन शुरू कर दी गई है। कलसी को यूटी सचिवालय में तीसरी मंजिल पर कमरा दिया गया है। फर्स्ट फ्लोर पर ही टूरिज्म डायरेक्टर आईएएस अधिकारी जितेंद्र यादव के पीए रूम को खाली करवाकर उसे मेहमानों के लिए तैयार किया जा रहा है।