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एडवाइजर ने जाहिर की अपनी प्राथमिकता, करेंगे सरकारी स्कूलों का दौरा

Thu, 17 Mar 2016 12:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 17 Mar 2016 12:50 AM IST
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advisor expressed his preference would be visit government schools
परिमल राय, चंडीगढ़ सलाहकार - फोटो : amar ujala

शहर के नए एडवाइजर परिमल राय ने सोमवार ज्वाइनिंग के बाद यूटी प्रशासन के अधिकारियों के साथ मीटिंग के दौरान अपनी प्राथमिकता जाहिर कर दी। एडवाइजर का फोकस शहर में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाना है। अधिकारियों की मीटिंग में एडवाइजर ने खास तौर से शहर के सरकारी स्कूलों की हालत पर रिपोर्ट तलब की है।

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राय ने पहले आदेशों में स्कूलों में टायलेट को दुरुस्त करने के लिए डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन(डीएसई) के निर्देश जारी किए हैं। राय के शिक्षा पर विशेष फोकस ने अधिकारियों की नींद उड़ा दी है। राय अगले महीने से सभी सरकारी स्कूलों का दौरा शुरू करेंगे। शहर के वीआईपी सेक्टरों को छोड़ कालोनियों और गांवों के सरकारी स्कूलों की हालत काफी खस्ता है। स्कूलों में कमरों के साथ ही शिक्षकों की भारी कमी है। एक सेक्शन में 70 से 80 स्टूडेंट पढ़ रहे हैं। उधर, दो सालों से 15 सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम बनाने का मामला भी अभी सिरे नहीं चढ़ पाया है।
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स्कूलों को जारी किए निर्देश
एडवाइजर द्वारा स्कूलों का दौरा करने की इच्छा जाहिर करने के अगले ही दिन डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन(डीएसई) दफ्तर में जिला शिक्षा अधिकारी सहित सभी अन्य अधिकारियों के साथ मीटिंग की गई। अधिकारियों को सभी स्कूल प्रिंसिपल को स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर खास तौर से टायलेट को दुरूस्त करने के निर्देश देने को कहा गया है। शिक्षा विभाग जल्द ही एक कमेटी गठित करेगा, जोकि सभी स्कूलों का एडवाइजर से पहले दौरा करेगी।
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 जुलाई तक चार नए सरकारी स्कूल होंगे तैयार
शहर में शिक्षा विभाग के 110 स्कूल चल रहे हैं। लेकिन हजारों बच्चों को स्कूलों की कमी के कारण दाखिला नहीं मिल पाता। शिक्षा विभाग ने पांच साल में 20 नए स्कूल खोलने का प्रोजेक्ट कई साल पहले तैयार किया था। लेकिन अभी तक स्कूलों की कमी पूरी नहीं हो सकी है। जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग जुलाई 2016 तक चार नए स्कूल तैयार करने में जुटा है। एडवाइजर राय के आदेशों के बाद इंजीनियरिंग विभाग ने इन स्कूलों का निर्माण कार्य और तेज कर दिया है।

 
25 सालों से यूटी में डेपुटेशन पर जमे शिक्षक
शिक्षा विभाग में पंजाब और हरियाणा से सालों से जमे शिक्षकों को वापस भेजने में शिक्षा विभाग पूरी तरह नाकाम रहा है। इस समय सरकारी स्कूलों में 25 शिक्षक पिछले 22 से 25 सालों से जमे हुए हैं। यूटी कैडर एजुकेशनल इंप्लाइज यूनियन प्रेसिडेंट स्वर्ण सिंह कंबोज ने डेपुटेशन शिक्षकों पर कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर कई बार विरोध जताया है। सूत्रों के अनुसार शिक्षा विभाग के लिए डेपुटेशन टीचर्स भी गले की फांस बनेंगे।

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