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सुखना कैचमेंट एरिया पर हाईकोर्ट के आदेशों को समझने में जुटा प्रशासन
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चंडीगढ़। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद से सुखना कैचमेंट एरिया के साथ लगते कैंबवाला, खुड्डा अलीशेर, कांसल समेत अन्य गांवों में लोग डरे हुए हैं। उधर, प्रशासन अभी हाईकोर्ट के आदेशों को समझने में लगा हुआ है। प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेशों के पालन के लिए वह पंजाब और हरियाणा की मदद लेंगे क्योंकि सुखना कैचमेंट की सीमा दोनों राज्यों से लगती है।
प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कैचमेंट एरिया में होने वाले निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। बीते महीनों में खुड्डा अलीशेर और कैंबवाला में सैकड़ों नोटिस दिए गए हैं। इसके अलावा जो नया निर्माण होता है, उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाती है। भूमि अधिग्रहण अधिकारी और एसडीएम सेंट्रल नाजुक कुमार ने बताया कि सुखना कैचमेंट एरिया में आने वाले मकानों पर कार्रवाई पहले से ही की जा रही है। जहां भी नए निर्माण की सूचना मिलती है उसे तुरंत गिरा दिया जाता है।
प्रशासन ने अब तक नहीं की सरहदबंदी
सुखना लेक को बचाने के यूटी प्रशासन की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कभी सुखना के कैचमेंट एरिया की सरहदबंदी (डिमार्केशन) नहीं की गई। वर्ष 1995-96 में भारत सरकार के सर्वे ऑफ इंडिया ने सुखना के कैचमेंट एरिया का मैप बनाया था लेकिन इसको लेकर जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं किया गया।
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प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कैचमेंट एरिया में होने वाले निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। बीते महीनों में खुड्डा अलीशेर और कैंबवाला में सैकड़ों नोटिस दिए गए हैं। इसके अलावा जो नया निर्माण होता है, उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाती है। भूमि अधिग्रहण अधिकारी और एसडीएम सेंट्रल नाजुक कुमार ने बताया कि सुखना कैचमेंट एरिया में आने वाले मकानों पर कार्रवाई पहले से ही की जा रही है। जहां भी नए निर्माण की सूचना मिलती है उसे तुरंत गिरा दिया जाता है।
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प्रशासन ने अब तक नहीं की सरहदबंदी
सुखना लेक को बचाने के यूटी प्रशासन की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कभी सुखना के कैचमेंट एरिया की सरहदबंदी (डिमार्केशन) नहीं की गई। वर्ष 1995-96 में भारत सरकार के सर्वे ऑफ इंडिया ने सुखना के कैचमेंट एरिया का मैप बनाया था लेकिन इसको लेकर जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं किया गया।
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