फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Administration engaged in understanding the orders of the High Court on the Sukhna catchment area

सुखना कैचमेंट एरिया पर हाईकोर्ट के आदेशों को समझने में जुटा प्रशासन

Thu, 05 Mar 2020 02:36 AM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 05 Mar 2020 02:36 AM IST
विज्ञापन
Administration engaged in understanding the orders of the High Court on the Sukhna catchment area
चंडीगढ़। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद से सुखना कैचमेंट एरिया के साथ लगते कैंबवाला, खुड्डा अलीशेर, कांसल समेत अन्य गांवों में लोग डरे हुए हैं। उधर, प्रशासन अभी हाईकोर्ट के आदेशों को समझने में लगा हुआ है। प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेशों के पालन के लिए वह पंजाब और हरियाणा की मदद लेंगे क्योंकि सुखना कैचमेंट की सीमा दोनों राज्यों से लगती है।
विज्ञापन

प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कैचमेंट एरिया में होने वाले निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। बीते महीनों में खुड्डा अलीशेर और कैंबवाला में सैकड़ों नोटिस दिए गए हैं। इसके अलावा जो नया निर्माण होता है, उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाती है। भूमि अधिग्रहण अधिकारी और एसडीएम सेंट्रल नाजुक कुमार ने बताया कि सुखना कैचमेंट एरिया में आने वाले मकानों पर कार्रवाई पहले से ही की जा रही है। जहां भी नए निर्माण की सूचना मिलती है उसे तुरंत गिरा दिया जाता है।
विज्ञापन

प्रशासन ने अब तक नहीं की सरहदबंदी
सुखना लेक को बचाने के यूटी प्रशासन की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कभी सुखना के कैचमेंट एरिया की सरहदबंदी (डिमार्केशन) नहीं की गई। वर्ष 1995-96 में भारत सरकार के सर्वे ऑफ इंडिया ने सुखना के कैचमेंट एरिया का मैप बनाया था लेकिन इसको लेकर जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed