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कांट्रेक्ट कंप्यूटर शिक्षकों के लिए बुरी खबर
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 04 Jan 2014 01:34 AM IST
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चंडीगढ़ प्रशासन ने करीब 11 दिनों से रेगुलर किए जाने की मांग कर रहे 150 से अधिक कंप्यूटर टीचर्स को रेगुलर किए जाने से साफ मना कर दिया है।
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प्रशासन की ओर से कहा गया है कि किसी प्राइवेट एजेंसी द्वारा हायर किए गए कर्मचारियों को किसी भी सूरत में रेगुलर नहीं किया जा सकता।
इस मामले में प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट की ओर से उमा देवी के केस का हवाला भी दिया गया है। कई दिनों से रेगुलर किए जाने की मांग को लेकर विरोध कर रहे कंप्यूटर टीचर्स की मांग को पूरी तरह गलत बताया है।
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इस संबंध में शनिवार देर शाम डीपीआई(स्कूल) की ओर से प्रेस रिलीज जारी कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि शिक्षा विभाग की ओर से सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर लैब चलाने के लिए प्राइवेट कंपनी की ओर से कंप्यूटर एक्सपर्ट को ठेके पर नियुक्त किया गया था।
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यह फैसला विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखकर किया गया था। डीपीआई स्कूल के अनुसार समय समय पर कंप्यूटर टीचर्स का वेतन बढ़ाया गया है, लेकिन रेगुलर किया जाना मुमकिन नहीं है।
उन्होंने कहा कि कंप्यूटर टीचर्स यूटी के कर्मचारी नहीं हैं, ऐसे में उनपर पंजाब सर्विस रूल लागू नहीं होते। शिक्षकों को दिया जाने वाला वेतन भी कंपनी के नाम से प्रशासन के खाते से जाता है।
उधर शनिवार को भी 100 से अधिक कंप्यूटर टीचर्स ने सेक्टर-20 मस्जिद ग्राउंड में प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। शिक्षकों ने प्रशासक के सलाहकार केके शर्मा का पुतला भी फूंका।
चंडीगढ़ कंप्यूटर टीचर्स यूनियन के नेताओं ने कहा कि उनके साथ दुर्व्यवहार करने वाले कर्मचारियों के घरों का घेराव किया जाएगा और 8 जनवरी को सभी कंप्यूटर टीचर्स मिलकर विरोध रैली निकालेंगे।