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Chandigarh News: जल निकासी की व्यवस्था में प्रशासन व निगम नाकाम, हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान
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चंडीगढ़। हाईकोर्ट परिसर में वीरवार को हुई बारिश के दौरान जलभराव व पार्किंग के निकट बनी विकट स्थिति पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए चंडीगढ़ प्रशासन व नगर निगम को जल निकासी की व्यवस्था में नाकाम बताया है। जस्टिस सुरेश्वर ठाकुर पर आधारित खंडपीठ ने इस मामले को अब जनहित याचिका के तौर पर सुनवाई के लिए एक्टिंग चीफ जस्टिस को रेफर कर दिया है।
वीरवार को सुबह से जारी लगातार बारिश के चलते पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट परिसर में पानी भर गया था। पार्किंग से कोर्ट परिसर तक आने के लिए लोगों व वकीलों को जद्दोजहद करनी पड़ रही थी। जब जस्टिस सुरेश्वर ठाकुर अपनी अदालत में पहुंचे तो पाया कि केवल 2 ही वकील वहां मौजूद थे, जिनमें से एक सरकारी वकील था। जज ने जब इसका कारण पूछा तो स्थिति के बारे में बार एसोसिएशन ने बेंच को सूचित किया और बताया कि पार्किंग में जल भराव के कारण जाम की स्थिति बन गई है।
हाईकोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए संज्ञान ले लिया। हाईकोर्ट ने कहा कि जल निकासी के इंतजाम की जिम्मेदारी नगर निगम व प्रशासन की है जो इसमें नाकाम साबित हुए हैं। हाईकोर्ट की इमारत धरोहर है और ऐसे में यह हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ तीनों के लिए बेहद मायने रखती है। इसके बावजूद जल निकासी की व्यवस्था न होने के चलते कोर्ट परिसर में हालात बिगड़ गए। हाईकोर्ट ने कहा कि जिस प्रकार के हालात बारिश के कारण बने हैं उससे न्याय की व्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हुई है। कई मामलों में वकील जाम में फंसने के कारण पेश नहींं हो पाए, जिसके चलते उन मामलों में सुनवाई नहीं हो सकी। अधिकतर मामलों में अदालत में केस की सुनवाई को बाद में रखने का आग्रह किया गया। ऐसे में हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया नगर निगम और प्रशासन को लापरवाह मानते हुए मामले का संज्ञान लेकर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश को भेज दिया है।
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वीरवार को सुबह से जारी लगातार बारिश के चलते पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट परिसर में पानी भर गया था। पार्किंग से कोर्ट परिसर तक आने के लिए लोगों व वकीलों को जद्दोजहद करनी पड़ रही थी। जब जस्टिस सुरेश्वर ठाकुर अपनी अदालत में पहुंचे तो पाया कि केवल 2 ही वकील वहां मौजूद थे, जिनमें से एक सरकारी वकील था। जज ने जब इसका कारण पूछा तो स्थिति के बारे में बार एसोसिएशन ने बेंच को सूचित किया और बताया कि पार्किंग में जल भराव के कारण जाम की स्थिति बन गई है।
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हाईकोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए संज्ञान ले लिया। हाईकोर्ट ने कहा कि जल निकासी के इंतजाम की जिम्मेदारी नगर निगम व प्रशासन की है जो इसमें नाकाम साबित हुए हैं। हाईकोर्ट की इमारत धरोहर है और ऐसे में यह हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ तीनों के लिए बेहद मायने रखती है। इसके बावजूद जल निकासी की व्यवस्था न होने के चलते कोर्ट परिसर में हालात बिगड़ गए। हाईकोर्ट ने कहा कि जिस प्रकार के हालात बारिश के कारण बने हैं उससे न्याय की व्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हुई है। कई मामलों में वकील जाम में फंसने के कारण पेश नहींं हो पाए, जिसके चलते उन मामलों में सुनवाई नहीं हो सकी। अधिकतर मामलों में अदालत में केस की सुनवाई को बाद में रखने का आग्रह किया गया। ऐसे में हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया नगर निगम और प्रशासन को लापरवाह मानते हुए मामले का संज्ञान लेकर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश को भेज दिया है।
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