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10 दिन से गिरा है पेड़, री-प्लांट की मंजूरी देने को तैयार नहीं प्रशासन और निगम
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 07 Nov 2017 09:11 AM IST
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दो विभागों की सीमा रेखा में फंसा है अनुमति का पचड़ा
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चंडीगढ़ की सीमा पर हुई वारदातों पर पंचकूला और मोहाली पुलिस के साथ शहर की पुलिस का विवाद तो आपने सुना ही होगा, लेकिन शहर के एक गिरे हुए पेड़ को लेकर चंडीगढ़ और प्रशासन का बागवानी विभाग जिम्मेवारी लेने को तैयार नहीं हो रहा। इस पेड़ को री-प्लांट करने की मंजूरी एक दूसरे पर डाली जा रही है।
जबकि पर्यावरण प्रेमी राहुल महाजन इस गिरे हुए पेड़ को खुद उठाकर री-प्लांट करने की मंजूरी मांग रहे हैं। इस पर भी प्रशासन और नगर निगम के अधिकारी सिर्फ मंजूरी देने का मामला एक दूसरे पर डाल रहे हैं।
एक दूसरे पर टालने का कारण यह है कि यह पेड़ प्रशासन के अंतर्गत आने वाले एरिया में आता है, लेकिन नगर निगम ने पिछले दिनों जब अपने पेड़ों की गणना की तो प्रशासन के इस पेड़ पर भी नंबर लगा दिया। इस गिरे हुए पेड़ का 82 नंबर है जोकि पिछले 10 दिन से गिरा हुआ है। जिसको यहां से उठाया भी नहीं गया है। महाजन इस पेड़ को अपने खर्चे पर ही उठाकर री-प्लांट करना चाहते हैं। महाजन अभी तक शहर में 40 पेड़ री-प्लांट कर चुके हैं। साल 2015 के सितंबर माह में भी यहां पर ही एक पिलखन का पेड़ गिरा था उस समय महाजन ने पहला पेड़ री-प्लांट करने किया था जोकि अभी सेक्टर-26 के चौक पर लगा हुआ है।
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जबकि पर्यावरण प्रेमी राहुल महाजन इस गिरे हुए पेड़ को खुद उठाकर री-प्लांट करने की मंजूरी मांग रहे हैं। इस पर भी प्रशासन और नगर निगम के अधिकारी सिर्फ मंजूरी देने का मामला एक दूसरे पर डाल रहे हैं।
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एक दूसरे पर टालने का कारण यह है कि यह पेड़ प्रशासन के अंतर्गत आने वाले एरिया में आता है, लेकिन नगर निगम ने पिछले दिनों जब अपने पेड़ों की गणना की तो प्रशासन के इस पेड़ पर भी नंबर लगा दिया। इस गिरे हुए पेड़ का 82 नंबर है जोकि पिछले 10 दिन से गिरा हुआ है। जिसको यहां से उठाया भी नहीं गया है। महाजन इस पेड़ को अपने खर्चे पर ही उठाकर री-प्लांट करना चाहते हैं। महाजन अभी तक शहर में 40 पेड़ री-प्लांट कर चुके हैं। साल 2015 के सितंबर माह में भी यहां पर ही एक पिलखन का पेड़ गिरा था उस समय महाजन ने पहला पेड़ री-प्लांट करने किया था जोकि अभी सेक्टर-26 के चौक पर लगा हुआ है।
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सेक्टर-15 में भी हो चुका है ऐसा
दो विभागों की सीमा रेखा में फंसा है अनुमति का पचड़ा
सेक्टर-15 में भी हो चुका है ऐसा
तीन माह पहले सेक्टर-15 में भी इसी तरह एक एक पेड़ गिर गया था। यह पेड़ भी 20 दिन तक प्रशासन और नगर निगम की मंजूरी का इंतजार करता रहा। अंत में प्रशासन ने इसकी मंजूरी दी, जिसके बाद इसे री-प्लांट किया गया।
गिरा हुआ पेड़ प्रशासन का है उन्होंने प्रशासन से मंजूरी मांगी तो अधिकारियों ने कहा कि नगर निगम ने गणना के दौरान इसे 82 नंबर दिया है। ऐसे में मंजूरी नगर निगम ही देगा और अब नगर निगम के अधिकारी भी मंजूरी देने के लिए तैयार नहीं हो रहे।
- राहुल महाजन, पर्यावरण प्रेमी
महाजन गिरे हुए पेड़ को री-प्लांट करने का काफी अच्छा काम कर रहे हैं। मंजूरी के लिए ऐसा नहीं होना चाहिए। कार्यकारी अभियंता को वह तुरंत कहेंगे कि गिरे हुए पेड़ को री-प्लांट करने की मंजूरी दी जाए।
एनपी शर्मा, चीफ इंजीनियर, नगर निगम
ऐसा नहीं होना चाहिए। पेड़ को बचाने के लिए मंजूरी किस तरह पर रुकी हुई है वह चेक करवाते है। जल्द से जल्द मंजूरी दिलवाई जाएगी
मुकेश आनंद, चीफ इंजीनियर, प्रशासन
तीन माह पहले सेक्टर-15 में भी इसी तरह एक एक पेड़ गिर गया था। यह पेड़ भी 20 दिन तक प्रशासन और नगर निगम की मंजूरी का इंतजार करता रहा। अंत में प्रशासन ने इसकी मंजूरी दी, जिसके बाद इसे री-प्लांट किया गया।
गिरा हुआ पेड़ प्रशासन का है उन्होंने प्रशासन से मंजूरी मांगी तो अधिकारियों ने कहा कि नगर निगम ने गणना के दौरान इसे 82 नंबर दिया है। ऐसे में मंजूरी नगर निगम ही देगा और अब नगर निगम के अधिकारी भी मंजूरी देने के लिए तैयार नहीं हो रहे।
- राहुल महाजन, पर्यावरण प्रेमी
महाजन गिरे हुए पेड़ को री-प्लांट करने का काफी अच्छा काम कर रहे हैं। मंजूरी के लिए ऐसा नहीं होना चाहिए। कार्यकारी अभियंता को वह तुरंत कहेंगे कि गिरे हुए पेड़ को री-प्लांट करने की मंजूरी दी जाए।
एनपी शर्मा, चीफ इंजीनियर, नगर निगम
ऐसा नहीं होना चाहिए। पेड़ को बचाने के लिए मंजूरी किस तरह पर रुकी हुई है वह चेक करवाते है। जल्द से जल्द मंजूरी दिलवाई जाएगी
मुकेश आनंद, चीफ इंजीनियर, प्रशासन