फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Aditya Bhardwaj of Nangal returns safely from Ukraine

नंगल के आदित्य भारद्वाज की सकुशल वापसी: कहा- यूक्रेन में अगर हाथ में तिरंगा है तो किसी का डर नहीं, पीएम मोदी का जताया आभार

Tue, 08 Mar 2022 01:53 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, नंगल/मलोट (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, नंगल/मलोट (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Tue, 08 Mar 2022 01:53 AM IST
सार

यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रही एक और छात्रा भारत सरकार के प्रयासों से मलोट स्थित अपने घर पहुंची। उनके पारिवारिक सदस्यों और रिश्तेदारों ने छात्रा का स्वागत किया।

विज्ञापन
Aditya Bhardwaj of Nangal returns safely from Ukraine
बमबारी से तबाह हुई एक इमारत। - फोटो : पीटीआई

विस्तार

भारत सरकार के प्रयासों से यूक्रेन में फंसे भारतीयों को वतन लाने की मुहिम जारी है। नंगल की पीएसीएल कॉलोनी से एमबीबीएस की शिक्षा लेने यूक्रेन गए शाम सुंदर का बेटा आदित्य भारद्वाज भी सकुशल अपने घर पहुंचा। आदित्य पांच वर्ष पहले एमबीबीएस की शिक्षा ग्रहण करने यूक्रेन गया था। आदित्य ने केंद्र सरकार खासकर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत मीडिया का भी आभार व्यक्त किया। 

विज्ञापन


आदित्य ने कहा कि आज दुनिया में देश के प्रधानमंत्री का डंका बोल रहा है और भीषण युद्ध के बीच भी अगर आपके हाथ में देश का तिरंगा है तो आप को किसी भी बात का डर नहीं। अब तो यूक्रेन में भारतीय तिरंगे को अपनी जान बचाने के लिए पाकिस्तानी भी इस्तेमाल कर रहे हैं जो आज से पहले तिरंगे से नफरत करते थे। 
विज्ञापन


आदित्य ने कहा कि उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध को नजदीक से देखा है और शैलिंग व बम फटने की आवाज से कलेजा कांप उठता था और भागकर बंकरों में जाना पड़ता था। आदित्य ने कहा कि जिस कर्नाटक के छात्र की गोली लगने से मौत हुई वह उन्हीं की यूनिवर्सिटी का था और ग्रोसरी स्टोर से सामान खरीदने गया था। उस समय उन्हें बहुत डर लगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी उनसे मुलाकात कर उन्हें हौसला बंधाया था। आदित्य की माता इंदू व पिता शाम सुंदर ने बेटे के सकुशल घर आने पर भगवान का शुक्रिया अदा करने के बाद देश के प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि उनके घर में दीवाली जैसा माहौल है। यहां रिश्तेदारों व कॉलोनी निवासियों ने फूल मालाएं पहनाकर और फूलों की वर्षा कर आदित्य का स्वागत किया और भगवान का आभार व्यक्त किया कि आज आदित्य सकुशल उनके बीच है। परिजनों ने बधाई देने वालों का मुंह मीठा करवाया।

मुश्किलों का सामना कर मलोट पहुंचीं एकमदीप कौर
यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रही एक और छात्रा भारत सरकार के प्रयासों से मलोट स्थित अपने घर पहुंची। उनके पारिवारिक सदस्यों और रिश्तेदारों ने छात्रा का स्वागत किया। एमबीबीएस के अंतिम वर्ष की छात्रा एकमदीप कौर पुत्री हरप्रीत सिंह निवासी पुडा कालोनी मलोट ने बताया कि वह कोविड से करीब पौने तीन साल पहले वहां गई थी और खारकीव में रह रही थी। 

अब जंग के हालातों के बीच अफरा-तफरी के माहौल के बाद वह 01 मार्च को अपनी तीन सहपाठी छात्राओं समेत खारकीव स्थित घर से पैदल चल पड़ी थीं। इस दौरान किसी से लिफ्ट लेकर वे मेट्रो स्टेशन तक पहुंचीं। माइनस डिग्री की ठंड और भारी परेशानियां झेलते हुए वे लोग पोलैंड की सरहद पर पहुंचे, जहां भारतीय एबेंसी ने उनको बस से एक होटल में पहुंचाया। वहां से फ्लाइट मिलने पर वह भारत पहुंचीं और देर रात अपने घर आईं। एकमदीप मलोट की तीसरी छात्रा हैं जो यूक्रेन से सकुशल अपने घर लौटी हैं। उधर, यूक्रेन-रूस की जंग में फंसे अमलोह व मंडी गोबिंदगढ़ के मेडिकल छात्रों की वतन वापसी होने वाली है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed