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मोदी लिख कर दें कि 10 साल बाद पीएम पद छोड़ देंगे
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 07 Dec 2013 11:56 PM IST
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एड गुरु के नाम से मशहूर प्रह्लाद कक्कड़ ने कहा कि अगले दस साल तक गुजरात के सीएम नरेंद्र मोदी ही प्रधानमंत्री रहेंगे, लेकिन शर्त यह होगी कि उन्हें पहले लिखकर देना होगा कि दस साल बाद वे खुद पद छोड़ देंगे।
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लघु एवं मध्यम वर्गीय उद्योगों के लिए इंडस्ट्रियल एरिया के एक होटल में आयोजित सेमिनार ‘सीक्रेट्स ऑफ सक्सेस’ में कक्कड़ ने मोदी की तारीफ करते हुए मजाकिया लहजे में यह बात कही।
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वे यहां बतौर मुख्यातिथि आए थे। इस दौरान उन्होंने उद्योगपतियों को अपने ब्रांड्स की सफलता के लिए अहम टिप्स दिए।
विज्ञापन में बढ़ा हिंदी का इस्तेमाल
कक्कड़ का मानना है टीवी विज्ञापनों में हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं का प्रयोग काफी बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि आप जिस भाषा में सपना देखते हुए अपनी पत्नी से झगड़ा करते हो, उसी भाषा में ही विज्ञापन होना चाहिए।
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एक जमाना था जब 95 फीसदी विज्ञापन अंग्रेजी में होते थे, लेकिन धीरे-धीरे कंपनियों नेे महसूस किया कि उनका ब्रांड आम जनता तक पहुंच ही नहीं रहा।
इसलिए हिंदी भाषा में विज्ञापन बनने शुरू हुए। उनका मानना है कि भारतीय विज्ञापन दुनिया के सबसे बेहतर विज्ञापन होते हैं।
ब्रांडिंग का उभरता स्वरूप सोशल मीडिया
कक्कड़ ने कहा कि सोशल मीडिया ब्रांडिंग का अब सबसे बेहतर जरिया बनता जा रहा है। टीवी या स्क्रीन पर दिखने वाले विज्ञापनों को आपको झेलना पड़ता है लेकिन इंटरनेट पर ऐसा नहीं है।
सोशल मीडिया पर दिखने वाले विज्ञापनों से उत्पादों की गुणवत्ता के साथ-साथ उनके नकारात्मक पहलुओं का भी पता चलता है। कक्कड़ का कहना है कि कुछ इसी तर्ज पर अब टीवी विज्ञापनों को भी बदलने की जरूरत है।
‘बिजनेस ऑफ बिजनेस इज रिस्क’ का दिया गुरुमंत्र
कक्कड़ ने उद्यमियों को ‘बिजनेस ऑफ बिजनेस इज रिस्क’ गुरुमंत्र भी दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी ब्रांड को सफल बनाने के लिए रिस्क तो लेना ही पड़ता है।
इस तथ्य के लिए उन्होंने निरमा का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि निरमा वॉशिंग पाउडर कंपनी को एक मिठाई का कारोबार करने वाले उद्योगपति ने शुरू किया था।
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तब उसी क्वालिटी के सैकड़ों ब्रांड मार्केट में थे। उद्योगपति ने अपना एक करोड़ रुपये केवल टीवी विज्ञापन में ही इनवेस्ट कर दिए। ऐसा करने से उन्हें कई लोगों ने मना भी किया, लेकिन उसने रिस्क लिया।
आज निरमा देश का एक जाना-माना ब्रांड बन चुका है। इसी तरह उन्होंने और भी कई ब्रांड्स का भी उदाहरण दिया।