अक्षय कुमार कानूनी पचड़े में क्यों फंसे, राम रहीम को लेकर लगे थे आरोप, अभिनेता ने किया था खंडन
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बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार एक बड़े कानूनी पचड़े में फंस गए हैं। इन पर काफी समय से डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम को लेकर आरोप लगते रहे हैं।
अक्षय पर लगा था मीटिंग करवाने का आरोप
श्री गुरुग्रंथ साहिब और अन्य धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी मामले गठित जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट में अक्षय कुमार पर आरोप लगाया गया था कि एक्टर ने 20 सितंबर 2015 को अपने फ्लैट पर सुखबीर बादल और डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के बीच मीटिंग करवाई। इसमें श्री तख्त श्री दमदमा साहिब के तत्कालीन जत्थेदार ज्ञानी गुरमुख सिंह भी शामिल हुए। उसी बैठक में डेरा प्रमुख की फिल्म को पंजाब में रिलीज करने का फैसला हुआ। रिपोर्ट में कहा गया है कि गुरमीत राम रहीम से सुखबीर बादल की मुलाकात अक्षय कुमार के घर पर हुई है।
हालांकि, आरोप सामने आते ही अक्षय ने इसका खंडन कर दिया था। उनका कहना था कि ये आरोप गलत हैं। वे अपने जीवन में कभी भी गुरमीत राम रहीम से नहीं मिले। न ही उन्हें गुरमीत राम रहीम को माफी देने वाले केस में अपने खिलाफ किसी जांच की जानकारी है। उन्होंने इस बात को भी सिरे से नकारा कि उन्होंने कभी शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल की डेरा प्रमुख से मुलाकात करवाई थी। अक्षय ने कहा कि जिस बेअदबी कांड में जस्टिस रणजीत सिंह आयोग उनका नाम जोड़ रहा है उसकी उन्हें जानकारी तक नहीं है।
अब एसआईटी ने बादल पिता-पुत्र और अक्षय कुमार को किया तलब
मामले में आगे कार्रवाई करते हुए बरगाड़ी कांड की जांच के लिए गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम की जांच अब बेहद अहम और निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। एसआईटी ने इस मामले में अब बादल पिता-पुत्र और बॉलीवुड स्टार अक्षय कुमार को पूछताछ के लिए तलब किया है। पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल को 16, शिअद सुप्रीमो सुखबीर बादल को 19 और अक्षय को 21 नवंबर को पूछताछ के लिए अमृतसर सर्किट हाउस बुलाया गया है। एसआईटी की तरफ से इसके मेंबर आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने इन्हें समन जारी किए हैं।
यह समन वर्ष 2015 में घटित बेअदबी की घटनाओं से संबंधित हैं। इस संबंध में फरीदकोट के कोटकपूरा शहर थाने में 7 अगस्त 2018 को भादसं की धारा 307, 323, 341, 148, 149 और आर्म्स एक्ट की धारा 27 के अंतर्गत एफआइआर दर्ज है। ये समन सीआरपीसी की धारा 160 के अंतर्गत जारी किए गए हैं। यह बरगाड़ी बेअदबी कांड और बहबल कलां व कोटकपूरा पुलिस गोलीबारी की घटनाओं की जांच से संबंधित हैं। इस धारा के तहत संबंधित व्यक्ति को जांच के लिए उपस्थित होना जरूरी होता है। साथ ही संबंधित घटना के बारे में उसे जो भी जानकारी हो, उसे देनी पड़ती है।
इन लोगों से हो चुकी है पूछताछ
बरगाड़ी में सिख संगत द्वारा लंबे समय से दिए जा रहे धरने के बाद सरकार पर लगातार दबाव बन रहा था कि गोलीकांड को लेकर कार्रवाई तेज करे। वहीं, एसआइटी द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर बादल को समन किए जाने से मामले में जांच को और गति मिलेगी। यह पहला मौका होगा जब दोनों ही नेताओं से पुलिस पूछताछ करेगी। सितंबर में ही सीएम ने बरगाड़ी कांड की जांच सीबीआई से लेकर पांच मेंबरी एसआईटी गठित की थी।