{"_id":"5703f2f34f1c1b0e35c810e6","slug":"action-will-taken-against-jp-if-garbage-plant-will-close","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगर निगम की चेतावनी, गारबेज प्लांट बंद हुआ तो जेपी पर कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगर निगम की चेतावनी, गारबेज प्लांट बंद हुआ तो जेपी पर कार्रवाई
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 06 Apr 2016 12:46 AM IST
विज्ञापन
चंडीगढ़ नगर निगम की बैठक
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर निगम ने जेपी कंपनी के अधिकारियों को चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने डड्डूमाजरा स्थित गारबेज प्लांट बंद किया तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मंगलवार को नगर निगम के मेयर, कमिश्नर और ज्वाइंट कमिश्नर राजीव गुप्ता के साथ जेपी प्लांट के अधिकारियों की बैठक हुई।
बैठक में नगर निगम के अधिकारियों ने कहा कि नियम एवं शर्तो के मुताबिक कंपनी प्लांट बंद नहीं कर सकती है। नगर निगम का दावा है कि कंपनी को प्लंाट चलाने के लिए तैयार कर लिया गया है। नगर निगम ने जेपी प्लांट के अफसरों से यह भी कहा कि अगर वे प्लांट को अपग्रेड कर लें और उससे शहर में दुर्गंध न फैले तथा डंपिंग ग्राउंड में जाने वाला कूड़ा प्रोसेस हो जाए तो वह नियम और शर्तों पर नए सिरे से करार करने के लिए तैयार हैं।
टिपिंग फीस मांग रही कंपनी
मालूम हो कि जेपी कंपनी को प्लांट चलाने में हर माह लाखों रुपये का घाटा हो रहा है और वह नगर निगम से कूड़ा प्रोसेस करने के बदले में टिपिंग फीस मांग रही है। नगर निगम के अधिकारियों ने कंपनी को कहा है कि वह प्लांट में आ रही खामियों को दूर कर ले तो उसके बाद नए नियम एवं शर्तों के तहत टिपिंग फीस का भुगतान करने पर विचार कर सकते हैं। इस बैठक में जेपी कंपनी के सीनियर उपाध्यक्ष बीएस बजाज शामिल हुए थे। मालूम हो कि कंपनी ने पिछले माह नगर निगम को अल्टीमेटम दिया था कि टिपिंग फीस देने का फैसला, अगर नहीं दी जाती तो वह प्लांट बंद कर देंगे।
विज्ञापन
250 टन कूड़ा होता है प्रतिदिन प्रोेसेस
जेपी प्लांट में इस समय शहर का प्रतिदिन 250 टन गारबेज प्रोसेस के लिए पहुंच रहा है, जबकि 100 टन गारबेज सीधा डपिंग ग्राउंड में पहुंच रहा है। यह गारबेज वह है जिसे प्रोसेस नहीं किया जा सकता है। गारबेज प्लांट की क्षमता प्रतिदिन 370 टन तक कूड़ा प्रोेसेस करने की है।
अरुण सूद, मेयर ने बताया कि जेपी कंपनी को स्पष्ट कर दिया गया है कि वह प्लांट बंद नहीं कर सकते। अगर प्लांट बंद किया गया तो नियम एवं शर्तो के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। कंपनी प्लांट चलाने के लिए तैयार हो गई है। अगर कंपनी प्लांट अपग्रेड करती है तो नए नियम एवं शर्तें दोबारा से तय कर ली जाएगी। डपिंग ग्राउंड भी भर रहा है जो कि नहीं भरना चाहिए। कंपनी को शहर का सारा कूड़ा प्रोसेस करना चाहिए।
विज्ञापन
बैठक में नगर निगम के अधिकारियों ने कहा कि नियम एवं शर्तो के मुताबिक कंपनी प्लांट बंद नहीं कर सकती है। नगर निगम का दावा है कि कंपनी को प्लंाट चलाने के लिए तैयार कर लिया गया है। नगर निगम ने जेपी प्लांट के अफसरों से यह भी कहा कि अगर वे प्लांट को अपग्रेड कर लें और उससे शहर में दुर्गंध न फैले तथा डंपिंग ग्राउंड में जाने वाला कूड़ा प्रोसेस हो जाए तो वह नियम और शर्तों पर नए सिरे से करार करने के लिए तैयार हैं।
विज्ञापन
टिपिंग फीस मांग रही कंपनी
मालूम हो कि जेपी कंपनी को प्लांट चलाने में हर माह लाखों रुपये का घाटा हो रहा है और वह नगर निगम से कूड़ा प्रोसेस करने के बदले में टिपिंग फीस मांग रही है। नगर निगम के अधिकारियों ने कंपनी को कहा है कि वह प्लांट में आ रही खामियों को दूर कर ले तो उसके बाद नए नियम एवं शर्तों के तहत टिपिंग फीस का भुगतान करने पर विचार कर सकते हैं। इस बैठक में जेपी कंपनी के सीनियर उपाध्यक्ष बीएस बजाज शामिल हुए थे। मालूम हो कि कंपनी ने पिछले माह नगर निगम को अल्टीमेटम दिया था कि टिपिंग फीस देने का फैसला, अगर नहीं दी जाती तो वह प्लांट बंद कर देंगे।
विज्ञापन
250 टन कूड़ा होता है प्रतिदिन प्रोेसेस
जेपी प्लांट में इस समय शहर का प्रतिदिन 250 टन गारबेज प्रोसेस के लिए पहुंच रहा है, जबकि 100 टन गारबेज सीधा डपिंग ग्राउंड में पहुंच रहा है। यह गारबेज वह है जिसे प्रोसेस नहीं किया जा सकता है। गारबेज प्लांट की क्षमता प्रतिदिन 370 टन तक कूड़ा प्रोेसेस करने की है।
अरुण सूद, मेयर ने बताया कि जेपी कंपनी को स्पष्ट कर दिया गया है कि वह प्लांट बंद नहीं कर सकते। अगर प्लांट बंद किया गया तो नियम एवं शर्तो के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। कंपनी प्लांट चलाने के लिए तैयार हो गई है। अगर कंपनी प्लांट अपग्रेड करती है तो नए नियम एवं शर्तें दोबारा से तय कर ली जाएगी। डपिंग ग्राउंड भी भर रहा है जो कि नहीं भरना चाहिए। कंपनी को शहर का सारा कूड़ा प्रोसेस करना चाहिए।