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Haryana News: पीओएस मशीन न लगाने वाले शराब ठेकेदार होंगे दंडित, दिसंबर तक 2500 दुकानों पर लगाने का लक्ष्य
Wed, 16 Nov 2022 12:01 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 16 Nov 2022 12:01 AM IST
सार
डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि देश में हरियाणा पहला ऐसा राज्य है, जहां शराब की दुकानों पर पीओएस मशीन लगाई जा रही हैं। डिस्टिलरीज प्लांट में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन सभी सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से मुख्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित करके नजर रखी जा रही है।
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मनोहर लाल और दुष्यंत चौटाला
- फोटो : पीटीआई (फाइल फोटो)
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विस्तार
हरियाणा में शराब दुकानों पर पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल्स) मशीन न लगाने वाले ठेकेदार दंडित किए जाएंगे। सरकार ने शराब ठेकेदारों को 31 दिसंबर तक पीओएस मशीन लगाने का निर्देश दिया है। 2500 में से 1700 दुकानों पर अब तक मशीनें लगाई जा चुकी हैं। सभी डिस्टिलरीज में अगले साल 28 फरवरी 2023 तक फ्लो मीटर लगा दिए जाएंगे। कुछ डिस्टलरीज में फ्लो-मीटर लगा दिए गए हैं।
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डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि देश में हरियाणा पहला ऐसा राज्य है, जहां शराब की दुकानों पर पीओएस मशीन लगाई जा रही हैं। डिस्टिलरीज प्लांट में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन सभी सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से मुख्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित करके नजर रखी जा रही है। इस बार एक्साइज और जीएसटी में रिकॉर्ड कलेक्शन हुआ है। वित्त वर्ष पूरा होने तक सभी रिकॉर्ड टूटेंगे।
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पिछले साल के मुकाबले आबकारी और जीएसटी संग्रह में अब तक करीब 23 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। आबकारी वर्ष 2019-20 के दौरान 6361 करोड़ रुपये, वर्ष 2020-21 में 6790 करोड़ रुपये का आबकारी-राजस्व मिला है। वर्ष 2021-22 में 7936 और इस वर्ष अभी तक 5736 करोड़ रुपये एकत्रित हो चुके हैं। इससे अनुमान है कि चालू आबकारी वर्ष में 9500 करोड़ रुपये एकत्रित कर बेंचमार्क को छू लेंगे। इस वर्ष राजस्व के रूप में लक्ष्य 8900 करोड़ रुपये ही रखा गया था।
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चौटाला के अनुसार खपत और उत्पादन आधार पर तुलनात्मक अध्ययन करें तो जीएसटी का राजस्व एकत्रित करने के मामले में हरियाणा देश का नंबर वन राज्य बन गया है। हमारा राज्य जीएसटी के मामले में पिछले वर्ष मॉड्यूल-वन से मॉड्यूल-टू में शिफ्ट हो चुका है। पिछले वर्ष 14 नवंबर 2021 तक 14,302 करोड़ करोड़ रुपये का जीएसटी एकत्रित हुआ था, इस वर्ष अभी तक 18,290 करोड़ रुपये एकत्रित हो चुके हैं।