फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Action will be taken against gun culture in Punjab under section 144

गन कल्चर: धारा 144 लागू कर आरोपियों को उठाएगी पुलिस, उपायुक्त और पुलिस कमिश्नरों को मिलेंगी शक्तियां

Mon, 14 Nov 2022 08:54 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Mon, 14 Nov 2022 08:54 PM IST
सार

गन कल्चर पर प्रतिबंध लगाने के आदेश से पंजाब में कई गायकों को झटका लगा है। गौर हो कि पिछले एक दशक से पंजाब की म्यूजिक इंडस्ट्री में गन कल्चर के जुड़े गानों का बोलबाला है। अधिकांश गायक गीतों में हथियारों की नुमाइश करते देखे जा सकते हैं।

विज्ञापन
Action will be taken against gun culture in Punjab under section 144
सांकेतिक तस्वीर।

विस्तार

पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार द्वारा सूबे में गन कल्चर पर कार्रवाई का एलान होते ही उपायुक्त और पुलिस कमिश्नरों की शक्तियां बढ़ाने की तैयारी हो गई है। बहुत जल्द राजस्व जिलों में उपायुक्त और कमिश्नरेट जिलों में पुलिस कमिश्नर पावरफुल होने जा रहे हैं। जिलों के ये उच्चाधिकारी धारा 144 का इस्तेमाल करते हुए गन कल्चर से जुड़े मामलों में तुरंत कार्रवाई कर सकेंगे। यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया पर पुलिस का साइबर विंग नजर रखेगा।

विज्ञापन


पंजाब में उपायुक्तों को बहुत जल्द ये शक्तियां प्रदान की जा रही हैं। आईजी पुलिस हेडक्वार्टर सुखचैन सिंह गिल ने बताया कि हालांकि पहले भी इस तरह के निर्देश जारी हुए हैं लेकिन आदेश स्पष्ट न होने से कार्रवाई करने में दिक्कत होती थी। सरकार द्वारा जारी नए आदेश के तहत जिलों में पुलिस कमिश्नर और उपायुक्तों को धारा 144 के तहत सोशल मीडिया में गन के साथ फोटो डालने, गानों में इस तरह के कल्चर को प्रोत्साहित करने के मामलों में एफआईआर दर्ज करने की शक्तियां मिलेंगी, जिसको लेकर बहुत जल्द अधिसूचना जारी होगी।
विज्ञापन

 
उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में धारा 144 लागू करने के बाद आईपीसी 188 के तहत पुलिस अपराध करने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार कर सकेगी। वहीं, तीन माह के भीतर सभी लाइसेंसों की समीक्षा के दौरान सेक्शन-17 के तहत ऐसे व्यक्ति का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है, जिस पर शांति भंग करने का मामला दर्ज हुआ हो। इसके अलावा समीक्षा के दौरान अगर व्यक्ति शस्त्र रखने में अक्षम साबित होता है तो उसका लाइसेंस भी रद्द किया जाएगा। वहीं, अवैध हथियारों को लेकर भी पुलिस राज्य में बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन छेड़ेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

आदेश से कई पंजाबी गायकों को झटका
गन कल्चर पर प्रतिबंध लगाने के आदेश से पंजाब में कई गायकों को झटका लगा है। गौर हो कि पिछले एक दशक से पंजाब की म्यूजिक इंडस्ट्री में गन कल्चर के जुड़े गानों का बोलबाला है। अधिकांश गायक गीतों में हथियारों की नुमाइश करते देखे जा सकते हैं। यहां तक कि गानों के बोल भी हथियारों से जुड़े होते हैं। ऐसे में उन गायक कलाकारों के लिए मान सरकार के आदेश किसी बड़े झटके से कम नहीं, जिन्होंने पहले ही इस तरह के गाने शूट कर रखे हैं। बताया जा रहा है इस तरह के बहुत से गीत यूट्यूब समेत अन्य सोशल मीडिया पर रिलीज होने हैं, जिनमें गन कल्चर को खुलकर दिखाया गया है। बहरहाल, सरकार के आदेश से गीतकार और गायक सकते में हैं।

धारा 144 और 188 में यह होती है कार्रवाई
1973 की आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 कार्यकारी मजिस्ट्रेट को एक क्षेत्र में चार से अधिक व्यक्तियों की एक सभा को प्रतिबंधित करने का अधिकार देती है। भारतीय दंड संहिता की 141-149 धाराओं के अनुसार दंगों में शामिल होने की अधिकतम सजा 3 साल सश्रम कारावास या जुर्माना है। ऐसे मामलों में सक्षम अधिकारी इस धारा को लागू कर आईपीसी की धारा 188 के तहत कार्रवाई करेंगे। धारा 188 कोरोना महामारी के दौरान चर्चा में आई थी।

इसे महामारी कानून (एपिडेमिक डीजीज एक्ट, 1897) के तहत लागू किया गया है। इसी कानून में प्रावधान किया गया है कि अगर लॉकडाउन में सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों का कोई व्यक्ति उल्लंघन करता है तो उस पर भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अशांति फैलाने पर भी इस धारा का प्रयोग कर सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed