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हाईकोर्ट का फरमान- ट्रिब्यून फ्लाईओवर के लिए नहीं काटे जाएंगे पेड़, विकल्पों पर विचार करें

Thu, 21 Nov 2019 10:48 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Thu, 21 Nov 2019 10:48 AM IST
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punjab haryana high court orders regarding trees re-plantation for tribune flyover
काटे जा रहे हरे पेड़
दक्षिण मार्ग और पूर्व मार्ग पर जीरकपुर से ट्रिब्यून चौक पर फ्लाईओवर निर्माण के लिए 475 वृक्षों की कटाई पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पर्यावरण के प्रति चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ट्रैफिक समस्या के समाधान के लिए फ्लाईओवर के अतिरिक्त अन्य विकल्प हो सकते हैं जिससे सैकड़ों पेड़ों को बलि न चढ़ाना पड़े। इसके लिए कोर्ट ने प्रशासन को लोगों से सुझाव मांगने का आदेश दिया है।
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फ्लाईओवर के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करने वाली संस्था की ओर से बताया गया कि चंडीगढ़ मास्टर प्लान 2031 में ट्रिब्यून फ्लाईओवर का जिक्र नहीं है। इस पर हाईकोर्ट ने प्रशासन से जवाब मांगा तो कोई ठोस जवाब नहीं मिला। हाईकोर्ट ने कहा कि जब मास्टर प्लान में फ्लाईओवर का कोई प्रावधान नहीं है तो मास्टर प्लान में बिना संशोधन किए फ्लाईओवर बनाने की इजाजत कैसे दे दी गई। कोर्ट ने निर्माण के लिए वृक्ष काटने पर रोक लगा दी।
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इसके साथ ही हाईकोर्ट ने अब इस मामले में पंजाब और हरियाणा दोनों राज्यों को भी शामिल कर लिया है। दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों को आदेश जारी करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि वह अपने शहरी विकास और राज्य ट्रांसपोर्ट विभाग के प्रतिनिधियों का चयन करे जो चंडीगढ़ प्रशासक के मुख्य सलाहकार की अध्यक्षता में गठित कमेटी में शामिल किए जाएं। यह कमेटी योजना बनाए की चंडीगढ़ की ओर उनके राज्यों की ओर से आने वाले ट्रैफिक का कैसे नियमन किया जा सकता है।
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यह है मामला
इस फ्लाईओवर के लिए पेड़ों की कटाई के खिलाफ रन क्लब ने हाईकोर्ट में अर्जी दायर कर बताया है कि इस फ्लाईओवर को बनाए जाने के लिए 700 पेड़ों की कटाई की जानी है। याचिकाकर्ता क्लब का कहना है कि यह वृक्ष शहर के पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी हैं। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों को काट कर शहर के पर्यावरण को बुरी तरह से प्रभावित किया जा रहा है, जो सही नहीं है। प्रशासन के सीनियर स्टैंडिंग काउंसल पंकज जैन ने कहा कि यह कहना कि इन पेड़ों को हमेशा के लिए काट दिया जाएगा यह गलत है क्योंकि एक पेड़ के स्थान पर तीन नए पेड़ लगाए जाएंगे।
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