{"_id":"5b5732264f1c1b572f8b63e2","slug":"accused-on-three-asi-ragistered-face-stolen-case-against-taxi-driver","type":"story","status":"publish","title_hn":"बठिंडाः टैक्सी न ड्राइवर को चोरी के झूठे केस में फंसाया, तीन एएसआई पर लगे आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बठिंडाः टैक्सी न ड्राइवर को चोरी के झूठे केस में फंसाया, तीन एएसआई पर लगे आरोप
भारत भूषण मित्तल, अमर उजाला, बठिंडा (पंजाब)
Updated Wed, 25 Jul 2018 09:46 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विवादों से रहने वाली बठिंडा पुलिस का एक नया विवाद सामने आया है। एक टैक्सी ड्राइवर सुखदेव सिंह ने तीन एएसआई मेजर सिंह, नवयुगदीप सिंह और गुरमेल सिंह पर आरोप लगाया है कि इन पुलिस वालों को उसने अपनी टैक्सी नहीं दी तो उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग कर उस पर दो चोरी के मुकदमे दर्ज किए। पीड़ित ने मामलों में बरी होने के बाद राष्ट्रपति को पत्र भेजकर इंसाफ की मांग की है।
टैक्सी चालक सुखदेव सिंह ने बताया कि वह बठिंडा के बस स्टैंड के सामने स्थित गुरु नानक टैक्सी यूनियन में अपनी टैक्सी चलाने का काम करता था। उसने बताया कि 2016 में बस स्टैंड पुलिस चौकी के प्रभारी एएसआई मेजर सिंह ने उसकी टैक्सी वंगार के लिए अपने साथी एएसआई नवयुगदीप सिंह और गुरमेल सिंह को भेजा। उसने इन दोनों को टैक्सी वंगार देने से इंकार कर दिया। कुछ दिन बाद तीनों एएसआई ने साजिश के तहत उस पर चोरी के दो मुकदमे दर्ज कर दिए।
टैक्सी चालक ने आरोप लगाया कि एएसआई ने एक झूठे केस में उसकी पत्नी को बिना महिला पुलिस हिरासत में ले लिया और उससे पत्नी को छोड़ने के लिए एएसआई मेजर सिंह ने तीस हजार रुपये बतौर रिश्वत ली। पीड़ित ने बताया कि जब वह जमानत पर जेल से बाहर आया तो उसकी बेटी ने बताया कि तीनों एएसआई में से हर रोज एक एएसआई उसके घर आता था और उनकी पत्नी को धमकाता था। इसके अलावा उसकी बेटी को भी अपशब्द बोलकर जाते थे।
विज्ञापन
पीड़ित ने बताया कि जो मामले एएसआई मेजर सिंह, गुरमेल सिंह और नवयुगदीप सिंह ने उस पर दर्ज किए थे, उनमें से वह 2017 में बरी हो चुका है। आठ जुलाई को फिर से एक एएसआई उसके पास आया और उसको झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर चला गया । पीड़ित ने कहा कि उसने इस बारे में जिला पुलिस अधिकारियों को कई बार पत्र लिखा लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब उसने इंसाफ के लिए राष्ट्रपति को पत्र भेजा है। पीड़ित ने बताया कि वह तीनों एएसआई के खिलाफ कार्रवाई के लिए अपने वकील विकास कुमार के जरिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट जाएगा।
वहीं एएसआई नवयुगदीप सिंह से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने बात सुनते ही फोन काट दिया। एएसआई मेजर सिंह का कहना था कि टैक्सी चालक पुलिस पर झूठे आरोप लगा रहा है। पुलिस ने उस पर सही मामले दर्ज किए थे। जब मेजर सिंह को बताया कि उन मुकदमों में टैक्सी चालक बरी हो चुका है तो एएसआई ने कहा कि अभी उसकी गवाही तो हुई नहीं तो वो बरी कैसे हो सकता है। वहीं बठिंडा के एसएसपी नानक सिंह ने फोन नहीं उठाया। बाद में मैसेज से उन्होंने बताया कि वह डीजीपी के साथ बैठक में है।
विज्ञापन
टैक्सी चालक सुखदेव सिंह ने बताया कि वह बठिंडा के बस स्टैंड के सामने स्थित गुरु नानक टैक्सी यूनियन में अपनी टैक्सी चलाने का काम करता था। उसने बताया कि 2016 में बस स्टैंड पुलिस चौकी के प्रभारी एएसआई मेजर सिंह ने उसकी टैक्सी वंगार के लिए अपने साथी एएसआई नवयुगदीप सिंह और गुरमेल सिंह को भेजा। उसने इन दोनों को टैक्सी वंगार देने से इंकार कर दिया। कुछ दिन बाद तीनों एएसआई ने साजिश के तहत उस पर चोरी के दो मुकदमे दर्ज कर दिए।
विज्ञापन
टैक्सी चालक ने आरोप लगाया कि एएसआई ने एक झूठे केस में उसकी पत्नी को बिना महिला पुलिस हिरासत में ले लिया और उससे पत्नी को छोड़ने के लिए एएसआई मेजर सिंह ने तीस हजार रुपये बतौर रिश्वत ली। पीड़ित ने बताया कि जब वह जमानत पर जेल से बाहर आया तो उसकी बेटी ने बताया कि तीनों एएसआई में से हर रोज एक एएसआई उसके घर आता था और उनकी पत्नी को धमकाता था। इसके अलावा उसकी बेटी को भी अपशब्द बोलकर जाते थे।
विज्ञापन
पीड़ित ने बताया कि जो मामले एएसआई मेजर सिंह, गुरमेल सिंह और नवयुगदीप सिंह ने उस पर दर्ज किए थे, उनमें से वह 2017 में बरी हो चुका है। आठ जुलाई को फिर से एक एएसआई उसके पास आया और उसको झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर चला गया । पीड़ित ने कहा कि उसने इस बारे में जिला पुलिस अधिकारियों को कई बार पत्र लिखा लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब उसने इंसाफ के लिए राष्ट्रपति को पत्र भेजा है। पीड़ित ने बताया कि वह तीनों एएसआई के खिलाफ कार्रवाई के लिए अपने वकील विकास कुमार के जरिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट जाएगा।
वहीं एएसआई नवयुगदीप सिंह से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने बात सुनते ही फोन काट दिया। एएसआई मेजर सिंह का कहना था कि टैक्सी चालक पुलिस पर झूठे आरोप लगा रहा है। पुलिस ने उस पर सही मामले दर्ज किए थे। जब मेजर सिंह को बताया कि उन मुकदमों में टैक्सी चालक बरी हो चुका है तो एएसआई ने कहा कि अभी उसकी गवाही तो हुई नहीं तो वो बरी कैसे हो सकता है। वहीं बठिंडा के एसएसपी नानक सिंह ने फोन नहीं उठाया। बाद में मैसेज से उन्होंने बताया कि वह डीजीपी के साथ बैठक में है।