जीरकपुर। गैंगरेप के एक चर्चित मामले में अदालत ने मुख्य आरोपी को बरी कर दिया है। यह मामला 12 अगस्त 2022 को जीरकपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि आरोपी प्रमोद, जो उसके जानकारों में शामिल था, ने उसे नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक होटल में बुलाया और वहां कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर गैंगरेप किया। मामले की शुरुआत चंडीगढ़ के सारंगपुर पुलिस स्टेशन में दी गई शिकायत से हुई थी, जहां पहले जीरो एफआईआर दर्ज की गई और बाद में केस जीरकपुर पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया। जांच के दौरान पुलिस ने होटल और उसके मैनेजर को भी मामले में नामजद किया था, हालांकि बाद में उन्हें क्लीन चिट दे दी गई। आरोपी प्रमोद ने जांच के दौरान सरेंडर कर दिया था और करीब एक साल तक जेल में भी रहा।
सुनवाई के दौरान केस में उस समय बड़ा मोड़ आया, जब शिकायतकर्ता अदालत में अपने पहले दिए बयानों से मुकर गई। बचाव पक्ष के वकील अमरजीत गुज्जर और सतनाम सिंह के अनुसार, पीड़िता के बयान बदलने से अभियोजन पक्ष की पूरी कहानी कमजोर पड़ गई। इसके अलावा पुलिस ने जुटाए सबूत भी अदालत में ठोस रूप से साबित नहीं हो सके। अदालत में पुलिस की जांच और उसकी थ्योरी भी संदेह के घेरे में रही, क्योंकि उसे पुख्ता साक्ष्यों के साथ स्थापित नहीं किया जा सका। होटल और उसके मैनेजर को पहले नामजद करने और बाद में क्लीन चिट देने से भी जांच प्रक्रिया पर सवाल उठे। अंततः गवाहों के मुकरने और सबूतों की कमी के चलते अदालत ने आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।