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Chandigarh News: ढोल-दमाऊं की थाप के सेक्टर-30 के श्रीमहाकाली मंदिर से लेकर सेक्टर-29 के गढ़वाल भवन निकली नंदा राजराजेश्वरी की डोली
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-कलश यात्रा और शोभायात्रा के बाद गढ़वाल भवन में विधि-विधान से हुई मां की डोली की पूजा-अर्चना
- उत्तराखंड की लोक संस्कृति और भक्ति का दिखा अद्भुत संगम
संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। हे नंदा, हे गौरा, कैलाशूं की जात्रा… पटिनो भागिना, हे नंदा भवानी… जैसे पारंपरिक भक्ति गीतों और मां नंदा राजराजेश्वरी के जयकारों के बीच रविवार को सेक्टर-30 के श्रीमहाकाली मंदिर से लेकर सेक्टर-29 के गढ़वाल भवन तक वातावरण भक्तिमय हो उठा। उत्तराखंड पिंडर घाटी जनसभा चंडीगढ़ की ओर से मां नंदा राजराजेश्वरी के चंडीगढ़ आगमन पर भव्य कलश यात्रा और शोभायात्रा निकाली गई। इसमें ट्राइसिटी की विभिन्न कीर्तन मंडलियों और गढ़ समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
मां की डोली शनिवार देर रात चंडीगढ़ पहुंची थी। विश्राम सेक्टर-30 के श्रीमहाकाली मंदिर में हुआ। डोली के पहुंचने पर मंदिर कमेटी और पुजारियों ने भव्य स्वागत किया। रविवार को मंदिर से शोभायात्रा शुरू हुई। इसमें माता की डोली, छतोली और पारंपरिक ढोल-दमाऊं वाद्य यंत्र विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। श्रद्धालु माता के जयकारे लगाते हुए गढ़वाल भवन पहुंचे। शोभायात्रा में उत्तराखंड की धार्मिक आस्था और पारंपरिक लोक संस्कृति की सुंदर झलक देखने को मिली।
विधि-विधान से हुई पूजा-अर्चना
गढ़वाल भवन पहुंचने के बाद भंडारे का आयोजन किया गया। मुख्य यजमानों ने विधि-विधान से मां की डोली की पूजा-अर्चना की। डोली के साथ आए पुजारियों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा कर देवी-देवताओं का आह्वान किया। इस दौरान नंदा देवी कीर्तन मंडलियों की ओर से जोड़ा चाजरी का आयोजन भी किया गया। उत्तराखंड के लोक गायक दिगंबर सिंह बिष्ट ने मां नंदा राजराजेश्वरी की भक्ति में लोकगीत प्रस्तुत किए। उनके गायन से श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। ऐसा लगा, जैसे उत्तराखंड की लोक आस्था, परंपरा और देवी-देवताओं की भक्ति चंडीगढ़ में साकार हो गई हो। कार्यक्रम में मुख्य यजमान जितेंद्र जौहर, राम चंद्र रावत, अनिल कुमार देवली, शंकर पवार, कुंदन लाल उनियाल, बीबी बहुगुणा, बलवंत सिंह बिष्ट, कुलदीप राणा, हीरा नेगी और गुरबख्श रावत सहित गढ़ समाज के कई प्रबुद्ध नागरिक मौजूद रहे।
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हरिद्वार स्नान के बाद कैलाश यात्रा में शामिल होगी डोली
अंत में मां नंदा राजराजेश्वरी की डोली को भावपूर्ण विदाई दी गई। श्रद्धालुओं ने माता से परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। आयोजकों ने बताया कि हरिद्वार में स्नान के बाद डोली कैलाश यात्रा में सम्मिलित होगी। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर उत्तराखंड पिंडर घाटी जनसभा के अध्यक्ष बीएस बिष्ट, प्रधान दर्शन सिंह भंडारी, गजेंद्र सिंह नेगी, बलवंत सिंह नेगी, सांस्कृतिक सचिव महेंद्र रावत माही, प्रेस सचिव भूपिंदर रौतेला सहित अन्य पदाधिकारियों ने सभी श्रद्धालुओं, कीर्तन मंडलियों और गढ़ समाज के नागरिकों का आभार व्यक्त किया।
- उत्तराखंड की लोक संस्कृति और भक्ति का दिखा अद्भुत संगम
संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। हे नंदा, हे गौरा, कैलाशूं की जात्रा… पटिनो भागिना, हे नंदा भवानी… जैसे पारंपरिक भक्ति गीतों और मां नंदा राजराजेश्वरी के जयकारों के बीच रविवार को सेक्टर-30 के श्रीमहाकाली मंदिर से लेकर सेक्टर-29 के गढ़वाल भवन तक वातावरण भक्तिमय हो उठा। उत्तराखंड पिंडर घाटी जनसभा चंडीगढ़ की ओर से मां नंदा राजराजेश्वरी के चंडीगढ़ आगमन पर भव्य कलश यात्रा और शोभायात्रा निकाली गई। इसमें ट्राइसिटी की विभिन्न कीर्तन मंडलियों और गढ़ समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
मां की डोली शनिवार देर रात चंडीगढ़ पहुंची थी। विश्राम सेक्टर-30 के श्रीमहाकाली मंदिर में हुआ। डोली के पहुंचने पर मंदिर कमेटी और पुजारियों ने भव्य स्वागत किया। रविवार को मंदिर से शोभायात्रा शुरू हुई। इसमें माता की डोली, छतोली और पारंपरिक ढोल-दमाऊं वाद्य यंत्र विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। श्रद्धालु माता के जयकारे लगाते हुए गढ़वाल भवन पहुंचे। शोभायात्रा में उत्तराखंड की धार्मिक आस्था और पारंपरिक लोक संस्कृति की सुंदर झलक देखने को मिली।
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विधि-विधान से हुई पूजा-अर्चना
गढ़वाल भवन पहुंचने के बाद भंडारे का आयोजन किया गया। मुख्य यजमानों ने विधि-विधान से मां की डोली की पूजा-अर्चना की। डोली के साथ आए पुजारियों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा कर देवी-देवताओं का आह्वान किया। इस दौरान नंदा देवी कीर्तन मंडलियों की ओर से जोड़ा चाजरी का आयोजन भी किया गया। उत्तराखंड के लोक गायक दिगंबर सिंह बिष्ट ने मां नंदा राजराजेश्वरी की भक्ति में लोकगीत प्रस्तुत किए। उनके गायन से श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। ऐसा लगा, जैसे उत्तराखंड की लोक आस्था, परंपरा और देवी-देवताओं की भक्ति चंडीगढ़ में साकार हो गई हो। कार्यक्रम में मुख्य यजमान जितेंद्र जौहर, राम चंद्र रावत, अनिल कुमार देवली, शंकर पवार, कुंदन लाल उनियाल, बीबी बहुगुणा, बलवंत सिंह बिष्ट, कुलदीप राणा, हीरा नेगी और गुरबख्श रावत सहित गढ़ समाज के कई प्रबुद्ध नागरिक मौजूद रहे।
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हरिद्वार स्नान के बाद कैलाश यात्रा में शामिल होगी डोली
अंत में मां नंदा राजराजेश्वरी की डोली को भावपूर्ण विदाई दी गई। श्रद्धालुओं ने माता से परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। आयोजकों ने बताया कि हरिद्वार में स्नान के बाद डोली कैलाश यात्रा में सम्मिलित होगी। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर उत्तराखंड पिंडर घाटी जनसभा के अध्यक्ष बीएस बिष्ट, प्रधान दर्शन सिंह भंडारी, गजेंद्र सिंह नेगी, बलवंत सिंह नेगी, सांस्कृतिक सचिव महेंद्र रावत माही, प्रेस सचिव भूपिंदर रौतेला सहित अन्य पदाधिकारियों ने सभी श्रद्धालुओं, कीर्तन मंडलियों और गढ़ समाज के नागरिकों का आभार व्यक्त किया।