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हादसे में डिसेबल हुए युवक के लिए 6.93 लाख का मुआवजा
ब्यूरो, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 15 Apr 2016 11:18 AM IST
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एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल
- फोटो : demo pics
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कार चालक की लापरवाही से हुए हादसे में धनास निवासी रामपाल (32 वर्ष) की 40 से 70 प्रतिशत दिमागी डिसेएबिलिटी (दिव्यांगता) को देखते हुए मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल की पीठासीन अधिकारी रूपम की कोर्ट ने 6, 92, 814 रुपये का मुआवजा मंजूर किया है।
साथ ही ट्रिब्यूनल ने इस राशि पर 7.5 फीसदी की दर से ब्याज चुकाने के भी आदेश दिए हैं। ट्रिब्यूनल ने यह राशि चुकाने के लिए कार ड्राइवर गांव कांसल (मोहाली) निवासी कृष्ण, मौलीजागरां स्थित चंद्राचन एंटरप्राइसेज और टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिए हैं।
केस के मुताबिक रामपाल दोस्त अश्विनी के साथ 4 फरवरी 2014 को सुबह जीरकपुर जा रहे थे। करीब सवा 10 बजे जब वह हल्लोमाजरा लाइट प्वाइंट के पास पहुंचे तो कार ड्राइवर कृष्ण ने उन्हें टक्कर मार दी थी।
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इससे उन्हें शरीर में कई जगह गंभीर चोटें आईं। इंडस्ट्रियल एरिया थाने में कार चालक कृ ष्ण के खिलाफ लापरवाही से ड्राइविंग कर चोट पहुंचाने की आपराधिक धाराओं के तहत केस भी दर्ज हुआ था।
हादसे को लेकर रामपाल ने ट्रिब्यूनल से 10 लाख रुपये का मुआवजा मांगा था। उन्होंने हादसे के बाद आई चोट को साबित करने के लिए जीएमसीएच-32 के डॉक्टरों के बयान और दवाइयों के बिल पेश किए थे।
रामपाल केपी बिल्डर एंड हॉट मिक्स प्लांट, खरड़ में नेटवर्किंग एंड इलैक्ट्रीशियन के तौर पर काम करते थे। उस समय उन्हें 14 हजार रुपये वेतन मिलता था। हादसे के बाद दिमाग में 40 से 70 प्रतिशत डिसिएबिलिटी आ गई।
जिससे उन्हें आजीविका चलाने में परेशानी होने लगी। वहीं कार चालक और इसके मालिक ने संबंधित घटना को स्वीकारा था, लेकिन हादसे को लेकर ड्राइवर की लापरवाही से इंकार किया था। वहीं इंश्योरेंस कंपनी ने कहा कि ड्राइवर के पास एक्सीडेंट के दौरान वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था।
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साथ ही ट्रिब्यूनल ने इस राशि पर 7.5 फीसदी की दर से ब्याज चुकाने के भी आदेश दिए हैं। ट्रिब्यूनल ने यह राशि चुकाने के लिए कार ड्राइवर गांव कांसल (मोहाली) निवासी कृष्ण, मौलीजागरां स्थित चंद्राचन एंटरप्राइसेज और टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिए हैं।
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केस के मुताबिक रामपाल दोस्त अश्विनी के साथ 4 फरवरी 2014 को सुबह जीरकपुर जा रहे थे। करीब सवा 10 बजे जब वह हल्लोमाजरा लाइट प्वाइंट के पास पहुंचे तो कार ड्राइवर कृष्ण ने उन्हें टक्कर मार दी थी।
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इससे उन्हें शरीर में कई जगह गंभीर चोटें आईं। इंडस्ट्रियल एरिया थाने में कार चालक कृ ष्ण के खिलाफ लापरवाही से ड्राइविंग कर चोट पहुंचाने की आपराधिक धाराओं के तहत केस भी दर्ज हुआ था।
हादसे को लेकर रामपाल ने ट्रिब्यूनल से 10 लाख रुपये का मुआवजा मांगा था। उन्होंने हादसे के बाद आई चोट को साबित करने के लिए जीएमसीएच-32 के डॉक्टरों के बयान और दवाइयों के बिल पेश किए थे।
रामपाल केपी बिल्डर एंड हॉट मिक्स प्लांट, खरड़ में नेटवर्किंग एंड इलैक्ट्रीशियन के तौर पर काम करते थे। उस समय उन्हें 14 हजार रुपये वेतन मिलता था। हादसे के बाद दिमाग में 40 से 70 प्रतिशत डिसिएबिलिटी आ गई।
जिससे उन्हें आजीविका चलाने में परेशानी होने लगी। वहीं कार चालक और इसके मालिक ने संबंधित घटना को स्वीकारा था, लेकिन हादसे को लेकर ड्राइवर की लापरवाही से इंकार किया था। वहीं इंश्योरेंस कंपनी ने कहा कि ड्राइवर के पास एक्सीडेंट के दौरान वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था।