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ABVP करने जा रही है एक ऐसा कारनामा, देश भर के टीचर्स को नागवार होगा
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरुक्षेत्र(हरियाणा)
Updated Mon, 10 Apr 2017 09:04 AM IST
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एबीवीपी एक ऐसा काम करने जा रही है, जो देश भर टीचर्स को नागवार गुजरेगा। सरकार को चेतावनी देते हुए इसका ऐलान भी कर दिया गया है। दरअसल, एबीवीपी देशभर की यूनिवर्सिटी में शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने का विरोध करेगी, क्योंकि ऐसा होने पर युवाओं को रोजगार के अवसर नहीं मिलेंगे। एबीवीपी सेवानिवृत्ति की आयु 60 से ऊपर करने के पक्ष में नहीं है।
यह टिप्पणी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री विनय बिंदरे ने की। बिदरे शनिवार को जिले में शुरू हुई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद राष्ट्रीय कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक के उद्घाटन सत्र के बाद पत्रकारवार्ता में संबोधित कर रहे थे। विद्या भारती के कांफ्रेंस हाल में आयोजित प्रेसवार्ता में बिंदरे ने स्पष्ट किया कि एबीवीपी किसी भी राजनीतिक दल के पीछे चलने वाला संगठन नहीं है।
एबीपीवी राष्ट्र और विद्यार्थियों के हित में कार्य करने वाला एक सशक्त संगठन है, जिसके देशभर में 28 लाख सदस्य हैं, 3302 इकाई और 1856 संपर्क स्थान सहित 1072 संपर्क केंद्र सेवाओं में हैं। बिंदरे ने शिक्षा के व्यवसायीकरण का विरोध करते हुए कहा कि इसे रोकने के लिए अब सर्जिकल स्ट्राइक की आवश्यकता आन पड़ी है।
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उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि नई शिक्षा नीति शीघ्र लागू की जाए और महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए इन्हें पूरे देश में 12 वीं तक निशुल्क शिक्षा का प्रबंध होना चाहिए। इस दौरान राष्ट्रीय मीडिया संयोजक साकेत बहुगुणा और विद्यार्थी परिषद की हरियाणा इकाई के प्रदेश मंत्री कुलदीप पूनिया मौजूद रहे।
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यह टिप्पणी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री विनय बिंदरे ने की। बिदरे शनिवार को जिले में शुरू हुई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद राष्ट्रीय कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक के उद्घाटन सत्र के बाद पत्रकारवार्ता में संबोधित कर रहे थे। विद्या भारती के कांफ्रेंस हाल में आयोजित प्रेसवार्ता में बिंदरे ने स्पष्ट किया कि एबीवीपी किसी भी राजनीतिक दल के पीछे चलने वाला संगठन नहीं है।
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एबीपीवी राष्ट्र और विद्यार्थियों के हित में कार्य करने वाला एक सशक्त संगठन है, जिसके देशभर में 28 लाख सदस्य हैं, 3302 इकाई और 1856 संपर्क स्थान सहित 1072 संपर्क केंद्र सेवाओं में हैं। बिंदरे ने शिक्षा के व्यवसायीकरण का विरोध करते हुए कहा कि इसे रोकने के लिए अब सर्जिकल स्ट्राइक की आवश्यकता आन पड़ी है।
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उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि नई शिक्षा नीति शीघ्र लागू की जाए और महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए इन्हें पूरे देश में 12 वीं तक निशुल्क शिक्षा का प्रबंध होना चाहिए। इस दौरान राष्ट्रीय मीडिया संयोजक साकेत बहुगुणा और विद्यार्थी परिषद की हरियाणा इकाई के प्रदेश मंत्री कुलदीप पूनिया मौजूद रहे।
छात्र संघ के चुनाव कराने की रखी मांग
ABVP
बिंदरे ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद देश के कालेज से लेकर यूनिवर्सिटी स्तर तक छात्र संघों के चुनाव कराने के पक्ष में मुहिम चला रहा है। उन्होंने कहा कि एबीवीपी एक बार फिर हरियाणा सरकार के मुख्यमंत्री से छात्र संघ के चुनाव कराने की मांग कर रही है और हरियाणा सरकार को चाहिए कि वे इस शैक्षणिक सत्र से छात्र संघ के चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू कराए।
नहीं सहन होंगे राष्ट्रविरोधी नारे
बिंदरे ने कहा कि वामपंथी विचारधारा बेनकाब हो चुकी है। इस सोच के शिक्षकों और विद्यार्थियों को भारतीय सेना से पर होने वाले हमलों से ज्यादा दर्द राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में संलिप्त नक्सली आतंकवादियों की मौत पर होता है।
दंतेवाडा और श्रीनगर में सेना पर होने वाले हमलों पर चुप्पी और आतंकवादियों की मौत पर इस विचारधारा के लोगों के कैंडल मार्च से लोगों के सामने इनका असली चेहरा आ चुका है। जेएनयू और रामजस कालेज की घटनाओं पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि देश के कुछ विश्वविद्यालयों में वामपंथी तत्व माहौल खराब करने का काम कर रहे हैं, जिसे एबीवीपी बर्दाश्त नहीं करेगी।
नहीं सहन होंगे राष्ट्रविरोधी नारे
बिंदरे ने कहा कि वामपंथी विचारधारा बेनकाब हो चुकी है। इस सोच के शिक्षकों और विद्यार्थियों को भारतीय सेना से पर होने वाले हमलों से ज्यादा दर्द राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में संलिप्त नक्सली आतंकवादियों की मौत पर होता है।
दंतेवाडा और श्रीनगर में सेना पर होने वाले हमलों पर चुप्पी और आतंकवादियों की मौत पर इस विचारधारा के लोगों के कैंडल मार्च से लोगों के सामने इनका असली चेहरा आ चुका है। जेएनयू और रामजस कालेज की घटनाओं पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि देश के कुछ विश्वविद्यालयों में वामपंथी तत्व माहौल खराब करने का काम कर रहे हैं, जिसे एबीवीपी बर्दाश्त नहीं करेगी।