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जैन मुनि के खिलाफ अभद्र भाषा, डडलानी और पूनावाला पहुंचे हाईकोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 12 Sep 2016 11:08 PM IST
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जैन मुनि तरुण सागर
- फोटो : अमर उजाला
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जैन मुनि तरुण सागर पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर फंसे संगीतकार व गायक विशाल डडलानी और कांग्रेस कार्यकर्ता तहसीन पूनावाला ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर रद कराने के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अंबाला छावनी पुलिस ने बीते 28 अगस्त को इन दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।
जैन मुनि तरुण सागर ने 26 अगस्त को हरियाणा विधानसभा में प्रवचन दिए थे। डडलानी और पूनावाला की याचिका पर बुधवार को जस्टिस जसपाल सिंह की बेंच सुनवाई करेगी। डडलानी और पूनावाला के खिलाफ अंबाला निवासी पुनीत अरोड़ा ने एफआईआर दर्ज कराई थी कि जैन मुनि के बारे में दोनों की टिप्पणी से जैन समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
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जैन मुनि तरुण सागर ने 26 अगस्त को हरियाणा विधानसभा में प्रवचन दिए थे। डडलानी और पूनावाला की याचिका पर बुधवार को जस्टिस जसपाल सिंह की बेंच सुनवाई करेगी। डडलानी और पूनावाला के खिलाफ अंबाला निवासी पुनीत अरोड़ा ने एफआईआर दर्ज कराई थी कि जैन मुनि के बारे में दोनों की टिप्पणी से जैन समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
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FIR रद कराने के लिए दाखिल की अपील, कल सुनवाई
vishal dadlani
पुलिस ने संगीतकार व गायक विशाल डडलानी और कांग्रेस कार्यकर्ता तहसीन पूनावाला के खिलाफ आईपीसी की धारा 153-ए (धर्म के आधार पर विभिन्न वर्गों में शत्रुता को बढ़ावा देना) और 509 (शब्दों, इशारे या कृत्य से किसी महिला के सम्मान को ठेस पहुंचाने का इरादा) के तहत एफआईआर दर्ज की है।
डडलानी ने इससे पूर्व एफआईआर रद कराने और अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस वी. गोपाला गौडा और जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की बेंच ने 7 सितंबर को उन्हें कोई राहत नहीं देते हुए, यह कहकर याचिका खारिज कर दी कि डडलानी पहले हाईकोर्ट में जाएं।
डडलानी ने इससे पूर्व एफआईआर रद कराने और अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस वी. गोपाला गौडा और जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की बेंच ने 7 सितंबर को उन्हें कोई राहत नहीं देते हुए, यह कहकर याचिका खारिज कर दी कि डडलानी पहले हाईकोर्ट में जाएं।