{"_id":"58270b954f1c1b342fb3b150","slug":"abohar-lady-money-robbed-in-bank-during-exchanging-of-500-and-1000-rupee-note","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"500\/1000 के नोट बदलवाने आई महिला से ऐसी घटना, ताउम्र पछताएगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
500/1000 के नोट बदलवाने आई महिला से ऐसी घटना, ताउम्र पछताएगी
ब्यूरो/अमर उजाला, अबोहर(पंजाब)
Updated Sun, 13 Nov 2016 09:07 AM IST
विज्ञापन
बैंक के बाहर लगी भारी भीड़
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
500 और 1000 रुपये के नोट बदलवाने के लिए बैंक आई महिला के साथ ऐसी घटना हो गई, जिसका उसे ताउम्र पछतावा होगा। घटना पंजाब के अबोहर की है।
थाना रोड स्थित एसबीआई की शाखा में गांव कर्मपट्टी निवासी महिला शरणजीत कौर अपने खाते में 10 हजार रुपये जमा करवाने आई थी, लेकिन किसी जेबकतरे ने पर्स काट कर पैसे निकाल लिए।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन जेबकतरे का कोई पता नहीं चला। लोगों का कहना है कि पुलिस ने सुरक्षा के कोई पुख्ता बंदोबस्त नहीं किए हैं।
विज्ञापन
थाना रोड स्थित एसबीआई की शाखा में गांव कर्मपट्टी निवासी महिला शरणजीत कौर अपने खाते में 10 हजार रुपये जमा करवाने आई थी, लेकिन किसी जेबकतरे ने पर्स काट कर पैसे निकाल लिए।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन जेबकतरे का कोई पता नहीं चला। लोगों का कहना है कि पुलिस ने सुरक्षा के कोई पुख्ता बंदोबस्त नहीं किए हैं।
बैंकों में भीड़ ने तोड़े सभी रिकार्ड
bank
पुरानी करंसी जमा करने और नए नोटों के साथ बदलने के लिए बैंक खुलने के तीसरे दिन शनिवार को बैंकों के बाहर रिकार्ड तोड़ भीड़ दिखाई दी। इसका एक कारण शनिवार को सरकारी छुट्टी होना है।
सुबह 8 बजे ही बैंकों के बाहर भारी संख्या में लोग जमा हो गए। इस भीड़ का फायदा उठाते हुए जेबकतरे भी सक्रिय हो गए। आज भीड़ में मजदूर वर्ग के लोगों की संख्या अधिक दिखाई दी।
कई लोगों से बातचीत के बाद पता चला कि वे दुकानों, संस्थानों व घरों और कोठियों के नौकर हैं, जिन्हें उनके मालिकों ने करंसी बदलवाने के लिए बैंकों में भेजा है। इसके अलावा भीड़ में सरकारी कर्मचारियों की भी संख्या अधिक देखी गई।
सुबह 8 बजे ही बैंकों के बाहर भारी संख्या में लोग जमा हो गए। इस भीड़ का फायदा उठाते हुए जेबकतरे भी सक्रिय हो गए। आज भीड़ में मजदूर वर्ग के लोगों की संख्या अधिक दिखाई दी।
कई लोगों से बातचीत के बाद पता चला कि वे दुकानों, संस्थानों व घरों और कोठियों के नौकर हैं, जिन्हें उनके मालिकों ने करंसी बदलवाने के लिए बैंकों में भेजा है। इसके अलावा भीड़ में सरकारी कर्मचारियों की भी संख्या अधिक देखी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
आज भी शुरू नहीं हो सके एटीएम
bank
बैंक अधिकारी ने बताया कि नई करंसी के अभाव में एटीएम शुरू नहीं किए जा सके। इसके अलावा लोगों को देने के लिए रखी गई करंसी भी काफी कम है जिससे बार-बार लोगों को भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
बैंक अधिकारी के अनुसार रविवार को भीड़ और बढ़ने की संभावना है। इसके लिए अधिक करंसी मंगवाई गई है। नई करंसी के 2000 रुपये के नोट हासिल करने वाले राज कुमार, विशाल, संजय तथा दीपक ने बताया कि बड़ा नोट भी उनके लिए बड़ी समस्या है।
जिस दुकान पर सामान लेने जाते हैं वहां पैसे खुल्ले नहीं होते और होते भी हैं तो वही पुरानी करंसी दी जाती है। इसके लिए उन्हें फिर से बैंकों की लाइन में लगना होगा। इन लोगों का कहना है कि सरकार को पहले छोटे नोट जारी करने चाहिए थे।
बैंक अधिकारी के अनुसार रविवार को भीड़ और बढ़ने की संभावना है। इसके लिए अधिक करंसी मंगवाई गई है। नई करंसी के 2000 रुपये के नोट हासिल करने वाले राज कुमार, विशाल, संजय तथा दीपक ने बताया कि बड़ा नोट भी उनके लिए बड़ी समस्या है।
जिस दुकान पर सामान लेने जाते हैं वहां पैसे खुल्ले नहीं होते और होते भी हैं तो वही पुरानी करंसी दी जाती है। इसके लिए उन्हें फिर से बैंकों की लाइन में लगना होगा। इन लोगों का कहना है कि सरकार को पहले छोटे नोट जारी करने चाहिए थे।