बागी सुखपाल खैरा गुट से बातचीत करेगी 'आप', तालमेल के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित
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आम आदमी पार्टी ने बागी सुखपाल खैरा गुट से बातचीत करने की तैयारी की है। नाराज नेताओं से तालमेल के लिए पांच मेंबरी कमेटी गठित की गई। यह फैसला आप की सूबा कोर कमेटी की पहली बैठक में लिया गया। खैरा गुट लगातार आरोप लगा रहा था कि पार्टी की ओर से उनसे बातचीत की कोई कोशिश नहीं की गई। जबकि, वह पहले ही इस मकसद के लिए पांच मेंबरी कमेटी बना चुके हैं।
इससे वॉलंटियर्स में गलत संदेश जा रहा था। इसलिए आप ने भी उप नेता सरबजीत कौर माणुके की अगुवाई में पांच सदस्यीय कमेटी गठित कर दी। इसमें सांसद भगवंत मान और विधायक मीत हेयर, रूपिंदर कौर रूबी व कुलवंत सिंह पंडोरी को शामिल किया गया है। इस कमेटी को नाराज नेताओं से तालमेल कर दूरियां खत्म करने की जिम्मेदारी दी गई है।
दोनों गुटों के कई विधायक और नेता अनौपचारिक तौर पर एक-दूसरे के संपर्क में हैं। लेकिन अब पहली बार औपचारिक तौर पर दोनों गुटों की कमेटियां इस संबंध में बातचीत शुरू करेंगी। 22 मेंबरी कोर कमेटी ने हमारा बूथ, सबसे मजबूत प्रोग्राम शुरू कर निचले स्तर तक संगठन मजबूत करने का फैसला किया। संगठन में विस्तार करते हुए मनजीत सिंह बिलासपुर को एससी विंग का प्रधान और कुलवंत सिंह पंडोरी को सह-प्रधान बनाया गया।
एचएस फूलका द्वारा दिए इस्तीफे को उनकी कुर्बानी करार दिया गया। कमेटी ने कहा कि फूलका ने पांच मंत्रियों का जमीर जगाने को इस्तीफा दिया। अब इस्तीफा स्वीकार करने की जगह कैप्टन दोषियों को सजा दें। कमेटी ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर संघर्ष छेड़ने का फैसला किया। लोकसभा चुनाव पर मंथन हुआ, नवंबर अंत तक सभी उम्मीदवार घोषित करने का फैसला किया गया। कमेटी ने सांसदों भगवंत मान और प्रो. साधू सिंह द्वारा पीजीआई चंडीगढ़ को 300 स्टील ट्रॉलियां देने की प्रशंसा की।
24 को अपने संगठन का एलान करेगा खैरा गुट
एक तरफ आम आदमी पार्टी की कोर कमेटी पांच मेंबरी कमेटी बना कर नाराज नेताओं से बातचीत शुरू करने का फैसला कर रही थी। ठीक उसी समय बागी सुखपाल खैरा प्रेस कांफ्रेंस कर अपने अगले कदम का एलान कर रहे थे। खैरा और कंवर संधू ने 24 अक्तूबर को अपने संगठन का विस्तार करने का एलान किया। उन्होंने कहा कि बातचीत के लिए पांच मेंबरी कमेटी बनाए हुए काफी समय हो चुका है, लेकिन अब तक किसी ने भी उनसे संपर्क नहीं किया।
हाल ही में गठित कोर कमेटी में भी उनके गुट के किसी नेता को नहीं लिया गया। सुलह की कोशिशों के चलते बठिंडा कन्वेंशन में लिए फैसले के मुताबिक संगठन विस्तार को रोक दिया गया था। लेकिन अब इसे शुरू किया जाएगा। एडहॉक पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी के सभी 15 मेंबरों को अलग-अलग जिलों का ऑब्जर्वर बनाया गया था। अब वे अपने जिलों में जाकर वॉलंटियर्स से फीडबैक लेंगे।
जिसके अनुसार 24 को सभी जिलों और कुछ विंग के एडहॉक प्रधान घोषित कर दिए जाएंगे। उसके बाद हलकों से लेकर गांवों तक एडहॉक संगठन बनाया जाएगा। फिर निचले स्तर से ऊपर तक नए सिरे से संगठनात्मक ढांचा खड़ा किया जाएगा। खैरा ने बाकी बारह विधायकों से उनके साथ आने की अपील की। साथ ही एक बार फिर आरोप लगाया कि सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह बरगाड़ी कांड के दोषी पुलिस अफसरों को बचा रहे हैं।