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Punjab: राज्यपालों पर SC के फैसले पर बोली आप, आदेश से स्पष्ट- वे अपनी शक्तियों का दुरुपयोग नहीं कर सकते
Fri, 24 Nov 2023 04:59 PM IST
ajay kumar
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 24 Nov 2023 04:59 PM IST
सार
राघव चड्ढा ने आगे लिखा कि पंजाब के राज्यपाल और दिल्ली के एलजी को इस फैसले को समझने के लिए जितनी बार जरूरत हो, पढ़ना चाहिए और जरूरत पड़ने पर किसी विद्वान वरिष्ठ वकील की सहायता भी लेनी चाहिए।
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राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा।
- फोटो : ANI
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विस्तार
उच्चतम न्यायालय ने यह स्पष्ट किया है कि राज्यपाल किसी भी कार्रवाई के बिना विधेयकों को अनिश्चित काल तक लंबित नहीं रख सकते। पंजाब से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शुक्रवार को कहा कि पंजाब के राज्यपाल और दिल्ली के उपराज्यपाल को शीर्ष आदेश पढ़ने की जरूरत है। आदेश से यह स्पष्ट हो गया है कि अनिर्वाचित राज्यपाल और उपराज्यपाल अपनी शक्तियों का 'दुरुपयोग' नहीं कर सकते हैं।
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उच्चतम न्यायालय ने पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित को 19 और 20 जून को आयोजित विधानसभा सत्र के दौरान पारित विधेयकों पर निर्णय लेने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह भी कहा कि राज्यपाल की शक्ति का इस्तेमाल कानून बनाने की सामान्य प्रक्रिया को विफल करने में नहीं किया जा सकता है।
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10 नवंबर के शीर्ष अदालत के फैसले को गुरुवार की रात अपलोड किया गया। अदालत ने यह फैसला पंजाब की आप सरकार की याचिका पर सुनाया है। याचिका में आरोप लगाया गया था कि राज्यपाल विधानसभा द्वारा पारित चार विधेयकों पर अपनी सहमति नहीं दे रहे हैं। राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित और सीएम भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार के बीच मतभेद चल रहा है।
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सोशल मीडिया साइट एक्स पर राघव चड्ढा ने लिखा कि 'सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार द्वारा राज्यपाल के खिलाफ दायर एक याचिका पर फैसला दिया है। फैसले से यह स्पष्ट हो गया है कि राज्यपाल राज्य के अनिर्वाचित प्रमुख हैं और राज्य विधानसभाओं में बाधा डालने में अपनी शक्तियों का दुरुपयोग नहीं कर सकते हैं।
राघव चड्ढा ने आगे लिखा कि पंजाब के राज्यपाल और दिल्ली के एलजी को इस फैसले को समझने के लिए जितनी बार जरूरत हो, पढ़ना चाहिए और जरूरत पड़ने पर किसी विद्वान वरिष्ठ वकील की सहायता भी लेनी चाहिए।