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Chandigarh: चंडीगढ़ नगर निगम में सबसे ज्यादा पार्षद जीतने वाली 'आप' संगठनहीन, गुटों में बंट गई पार्टी

Mon, 26 Jun 2023 03:38 PM IST
निवेदिता वर्मा रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 26 Jun 2023 03:38 PM IST
सार

आम आदमी पार्टी में गुटबाजी बहुत ज्यादा हावी है। आलम यह है कि जिस गुट के नेता की तरफ से प्रदर्शन का आह्वान किया जाता है। प्रदर्शन में उसी गुट के पार्षद शामिल होते हैं। उदाहरण के लिए जब दिल्ली शराब घोटाले में ईडी की तरफ से अरविंद केजरीवाल को नोटिस भेजा गया था तो चंडीगढ़ आम आदमी पार्टी ने सेक्टर-20 में एक विरोध प्रदर्शन रखा। इसमें भी कुछ गिने-चुने पार्षद ही पहुंचे थे।

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Aam Aadmi Party divided into factions in chandigarh
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

भाजपा ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की रैली के साथ और कांग्रेस ने मिशन 2024 के माध्यम से अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए बिगुल बजा दिया है। चुनाव में करीब 10 महीने रह गए हैं लेकिन शहर में आम आदमी पार्टी संगठन हीन है। न कोई अध्यक्ष है, न कोई पदाधिकारी। पार्षद दो गुट में बंटे हुए हैं। कार्यकर्ता असमंजस में हैं कि वह किसके साथ जाएं।
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ये स्थिति उस पार्टी की है, जिसे नगर निगम चुनाव में जनता ने सबसे ज्यादा पार्षद दिए। अब हालत ये हैं कि कार्यकर्ताओं तक को यह नहीं पता कि उनका प्रदेश अध्यक्ष कौन है। पार्टी इस समय कई तरह की समस्याओं से जूझ रही है। सबसे बड़ी समस्या संगठन का न होना है। कोई प्रदेश अध्यक्ष नहीं है, जो सभी पार्षदों व कार्यकर्ताओं को एक सूत्र में बांध सके। दूसरा, पार्टी के अंदर नए और पुराने कार्यकर्ताओं की खाई बढ़ती जा रही है। 
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पुराने कार्यकर्ताओं को लगता है कि पार्टी में नए कार्यकर्ताओं को ज्यादा तवज्जो दी जा रही है। पद भी उन्हें ही मिल रहे हैं। तीसरा, पार्टी में गुटबाजी चरम पर है। चौथा, पार्टी के वो नेता जो कभी चंडीगढ़ से लोकसभा चुनाव लड़े, अब सक्रिय ही नहीं है। 2014 में गुल पनाग, जिन्हें एक लाख से ज्यादा वोट मिले। उन्होंने चुनाव हारने के बाद ही दूरी बना ली। 2019 में चुनाव लड़ने वाले हरमोहन धवन भी पिछले एक साल से सक्रिय नहीं हैं। इसके अलावा भी पार्टी में कई समस्याएं हैं, जिसकी वजह से ही पार्टी की एक पार्षद तरुणा मेहता ने हाल में ही कांग्रेस में शामिल हो गईं।
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एक-दूसरे गुट के प्रदर्शन में भी नहीं पहुंचते कई पार्षद
आम आदमी पार्टी में गुटबाजी बहुत ज्यादा हावी है। आलम यह है कि जिस गुट के नेता की तरफ से प्रदर्शन का आह्वान किया जाता है। प्रदर्शन में उसी गुट के पार्षद शामिल होते हैं। उदाहरण के लिए जब दिल्ली शराब घोटाले में ईडी की तरफ से अरविंद केजरीवाल को नोटिस भेजा गया था तो चंडीगढ़ आम आदमी पार्टी ने सेक्टर-20 में एक विरोध प्रदर्शन रखा। इसमें भी कुछ गिने-चुने पार्षद ही पहुंचे थे। इसके अलावा शनिवार को जब केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को विरोध स्वरूप काले झंडे दिखाए गए, उसमें भी पार्टी के सभी पार्षद नजर नहीं आए। प्रेस कॉन्फ्रेंस से लेकर शहर के कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी आप के पार्षद गुटों में बंटे हुए नजर आते हैं। यही नहीं, कुछ पार्षद ऐसे हैं जो इन दोनों ही गुटों से दूरी बनाकर रखते हैं।

जो केजरीवाल की सोच के साथ जुड़े, वो कार्यकर्ता सबसे ज्यादा परेशान
इन गुटबाजी के चक्कर में सबसे ज्यादा पार्टी के कार्यकर्ताओं परेशान है। वह कार्यकर्ता, जो कई साल पहले अरविंद केजरीवाल की सोच के साथ आम आदमी पार्टी से जुड़े थे। वो अब समझ नहीं पा रहे कि किस गुट में जाएं। ऐसे कई कार्यकर्ता घर बैठे हैं और मुद्दे के अनुसार वह पार्टी के प्रदर्शनों में हिस्सा लेते हैं। बता दें कि जनवरी 2023 में पार्टी ने प्रदेश कार्यकारिणी को भंग कर दिया था।

गुटबाजी को देखते हुए बाहर से आ सकता है अध्यक्ष
पार्टी की गुटबाजी को देखते हुए माना जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष कोई बाहर का ही होगा। बीते दिनों इसका संकेत भी मिला, जब डड्डूमाजरा में लगने वाले नए प्लांट के विरोध में प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई तो इसे न प्रदीप छाबड़ा, न प्रेम गर्ग और न ही शहर के किसी पार्षद ने संबोधित किया। बल्कि आप पंजाब के मुख्य प्रवक्ता मलविंदर सिंह कंग ने आधी अधूरी जानकारी के साथ ही प्रेस कॉन्फ्रेंस की। सियासी गलियारों में इस बात की भी चर्चा तेज है कि पार्टी उसी नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की तैयारी कर रही है, जो चंडीगढ़ से 2024 के चुनाव का प्रत्याशी होगा। इसलिए ही कार्यकारिणी की घोषणा में देरी लग रही है।

वर्ष 2014 का चुनाव
पार्टी                  प्रत्याशी                              कुल वोट                    प्रतिशत

भाजपा              किरण खेर                         1,91,362                    42.20
कांग्रेस            पवन कुमार बंसल                   1,21,720                   26.84
आप                  गुल पनाग                         1,08,679                     23.97

वर्ष 2019 का चुनाव
पार्टी                  प्रत्याशी                         कुल वोट             प्रतिशत

भाजपा              किरण खेर                       2,31,188            50.64
कांग्रेस             पवन कुमार बंसल               1,84,218             40.35
आप                हरमोहन धवन                    13,781              3.82

जल्द ही कार्यकारिणी का गठन होगा
चुनाव में ज्यादा समय नहीं रह गया है। मैं दो दिन पहले ही यूएस से वापस आया हूं। अब सोमवार को पार्टी के शीर्ष नेताओं से चर्चा करके जल्द ही कार्यकारिणी के गठन की कोशिश की जाएगी। - प्रेम गर्ग, नेता, आप


पार्टी चुनाव के लिए तैयार है
अन्य राज्यों में चुनाव होने की वजह से पार्टी के शीर्ष नेता व्यस्त रहे हैं। इसलिए चंडीगढ़ की कार्यकारिणी का गठन नहीं हो पाया। हालांकि पार्टी चुनाव के लिए तैयार है। हमारे साथ जनता है और उनका विश्वास है। 2024 का चुनाव चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी जीत रही है। - प्रदीप छाबड़ा, नेता, आप

 
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