पंजाब: AAP के मंत्री पर यौन शोषण का आरोप, पीड़ित युवक आया सामने, बताई पूरी कहानी, SC आयोग ने लिया संज्ञान
आयोग के निदेशक (मुख्यालय) पत्र में कहा गया है कि जिला गुरदासपुर निवासी युवक ने पंजाब के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री लालचंद कटारूचक्क के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दी है। आयोग ने प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए भारतीय संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत मामले की जांच/पूछताछ करने का फैसला लिया है।
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अश्लील वीडियो में फंसे पंजाब के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति और वन मंत्री लाल चंद कटारूचक्क की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वीडियो में दिखने वाले पीड़ित युवक ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर आकर मंत्री कटारूचक्क पर यौन शोषण का आरोप लगाया। इसके साथ ही पीड़ित युवक की लिखित शिकायत पर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने पंजाब के मुख्य सचिव और डीजीपी को नोटिस जारी कर एक्शन टेकन रिपोर्ट तलब कर ली है। आयोग ने इस मामले की जांच का भी फैसला लिया है। इसके साथ ही आयोग ने पीड़ित युवक को सुरक्षा प्रदान करने का भी निर्देश दिया।
गौरतलब है कि कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने बीते दिनों राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित को पंजाब के एक मंत्री के दो वीडियो सौंपे थे। उन्होंने मामले की जांच की मांग की थी। हालांकि खैरा ने मंत्री का नाम सार्वजनिक नहीं किया था लेकिन अकाली नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने लालचंद कटारूचक्क का नाम लेते हुए ट्वीट किया था। इधर, राज्यपाल ने दोनों वीडियो चंडीगढ़ के डीजीपी को सौंपे और दो दिन में जांच रिपोर्ट भी मांगी।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जहां किसी तरह का वीडियो मिलने से इन्कार किया, वहीं कटारूचक्क ने खुद को बेगुनाह बताया और अपने इस्तीफे की खबरों का खंडन किया। वीडियो में जिस युवक का जिक्र है, उसने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर अपना वीडियो जारी किया और स्वीकार किया कि वह कटारूचक्क के वीडियो से जुड़ा युवक ही है।
पीड़ित युवक ने वीडियो में विस्तार से बताया कि कटारूचक्क ने किस तरह उससे संबंध बनाए और इस काम के लिए मंत्री उसे बार-बार बुलाते थे। युवक ने कहा कि इन्कार करने पर कटारूचक्क ने उसे जान से मारने की धमकी दी। इस बीच युवक ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को शिकायत भेजी। इस पर आयोग ने शुक्रवार को पंजाब के मुख्य सचिव और डीजीपी को नोटिस जारी करके एक्शन टेकन रिपोर्ट मांग ली।
आयोग के निदेशक (मुख्यालय) ने पत्र में लिखा कि जिला गुरदासपुर निवासी युवक ने पंजाब के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री लालचंद कटारूचक्क के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दी है। आयोग ने प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए भारतीय संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत मामले की जांच/पूछताछ करने का फैसला लिया है।
आयोग चाहता है कि याचिकाकर्ता को सुरक्षा प्रदान करें। आयोग ने मुख्य सचिव और डीजीपी से इस मामले में अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की और चेताया है कि निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने पर आयोग भारतीय संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत मिले सिविल कोर्ट के अधिकार का उपयोग करते हुए निजी तौर पर पेश होने का समन जारी कर सकता है।
पीड़ित ने दिल्ली पहुंचकर दी शिकायत
लालचंद कटारूचक्क के खिलाफ यौन शोषण का आरोप लगाने वाले युवक ने दिल्ली पहुंचकर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को अपनी लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत में पीड़ित ने लिखा है कि वह 2013 से लालचंद कटारूचक्क के लिए काम कर रहा है। तभी से कटारूचक्क उसका यौन शोषण करे रहे हैं और पीड़ित डर के कारण चुप रहा। आखिरकार हिम्मत करके उसने खुद पर हो रहे अत्याचार को सार्वजनिक किया। पीड़ित ने शिकायत में लिखा कि आरोपी कटारूचक्क बहुत प्रभावशाली व्यक्ति है और पूरी पंजाब सरकार उसका समर्थन कर रही है और वह अपनी जान बचाकर दिल्ली पहुंचने में सफल हो गया है क्योंकि पंजाब में उसकी जान को खतरा है।
मुख्यमंत्री बताएं, क्यों बचा रहे मंत्री कोः मजीठिया
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने जालंधर में मुख्यमंत्री भगवंत मान को निशाने लिया और एक नाबालिग के यौन शोषण के चौंकाने वाले खुलासे के बाद मंत्री को तुरंत बर्खास्त कर गिरफ्तार करने की मांग की। मजीठिया ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि ऐसे जघन्य अपराध करने वाले को मुख्यमंत्री क्यों बचा रहे हैं? करतारपुर विधानसभा में शिअद-बसपा प्रत्याशी डॉ. सुखविंदर कुमार सुक्खी के समर्थन में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मजीठिया ने कहा कि मंत्री का नाम सामने आने से स्पष्ट हो गया है कि पंजाब के राज्यपाल को सौंपा गया वीडियो असली था।
सिरसा ने राज्यपाल से की मंत्री की बर्खास्तगी की मांग
भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित से मंत्री लालचंद कटारूचक्क को तुरंत बर्खास्त करने और उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने के लिए पुलिस को आदेश जारी करने की अपील की। सिरसा ने कहा कि जिसका यौन शोषण हुआ है, उसने जनता के सामने आकर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज कराई कि कटारूचक्क ने किस तरह उसका यौन शोषण किया।