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अचानक लड़खड़ाकर कोई गिर जाए तो कार्डियक अरेस्ट हो सकता है, जानिए क्या करें क्या न करें
Thu, 30 Jan 2020 09:17 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jan 2020 09:17 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
यदि कोई ठीकठाक व्यक्ति अचानक से लड़खड़ाकर गिर जाए तो वह कार्डिएक अरेस्ट का लक्षण हो सकता है। ऐसे में सबसे पहले डॉक्टर व एंबुलेंस को कॉल करें या फिर मरीज को अस्पताल ले जाने की तैयारी करें।
प्रतीकात्मक तस्वीर
इसके बाद मरीज को किसी ठोस जगह पर लिटा दें और आप उसके पास घुटनों के बल बैठकर उसके नाक और गाल को चेक करें कहीं कुछ अटक तो नहीं गया है? उसके मुंह में अंगुली डालकर चेक करें मुंह में तो कुछ नहीं अटका। इसके बाद सीपीआर की दो प्रक्रियाओं से मरीज की जान बचाने की कोशिश कर सकते हैं। पहला हथेली से छाती को दबाना और दूसरा मुंह से कृत्रिम सांस देना। पहली प्रक्रिया में पेशेंट के सीने के बीचोंबीच हथेली रखकर पंपिंग करते हुए दबाएं।
प्रतीकात्मक तस्वीर
एक से दो बार ऐसा करने से धड़कन फिर से शुरू हो जाएगी। इस प्रक्रिया में आपका जोर से और तेज-तेज दबाना जरूरी है। इतना तेज दबाएं कि हर बार सीना करीब डेढ़ इंच नीचे जाए। पंपिंग करते वक्त दूसरे हाथ को पहले हाथ के ऊपर रख कर उंगलियों से बांध लें। अपने हाथ और कोहनी को सीधा रखें। अगर पंपिंग करते वक्त धड़कने शुरू नहीं हो रहीं तो पंपिंग के साथ मरीज को कृत्रिम सांस देने की कोशिश करें। हथेली से छाती को 1-2 इंच दबाएं। ऐसा प्रति मिनट में 100 बार करें।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
कार्डियक अरेस्ट हो सकता है अचानक मौत का कारण
ग्लोबल हेल्थ केयर क्लीनिक के डायरेक्टर डॉ. संजीव भाटिया ने बताया कि अचानक से मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट हो सकता है। इस तरह की मौत में शरीर की तरफ से कोई चेतावनी नहीं मिलती। यह दिल से जुड़ी एक बीमारी है, जिसमें हार्ट अचानक काम करना बंद कर देता है, ऐसे में दिमाग समेत बाकी अंगों तक खून नहीं पहुंच पाता है और दम घुटने से व्यक्ति की मौत हो जाती है।
ग्लोबल हेल्थ केयर क्लीनिक के डायरेक्टर डॉ. संजीव भाटिया ने बताया कि अचानक से मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट हो सकता है। इस तरह की मौत में शरीर की तरफ से कोई चेतावनी नहीं मिलती। यह दिल से जुड़ी एक बीमारी है, जिसमें हार्ट अचानक काम करना बंद कर देता है, ऐसे में दिमाग समेत बाकी अंगों तक खून नहीं पहुंच पाता है और दम घुटने से व्यक्ति की मौत हो जाती है।
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हार्ट की क्षमता जांचने के लिए करवाएं टेस्ट
जब कोई रूटीन वर्क आउट से ज्यादा एक्सरसाइज करता है तो कई बार उसका हार्ट एक्सरसाइज की क्षमता सह नहीं पाता और हार्ट अचानक से काम करना बंद कर देता है। ऐसे में चाहिए कि यदि कोई व्यक्ति एक उम्र के दौरान एक्सरसाइज शुरू करता है या क्षमता से ज्यादा शारीरिक श्रम कर रहे हैं या फिर फैमिली में किसी को हार्ट संबंधी दिक्कत है तो ऐसे लोगों को कार्डियोलाजी से मिलना चाहिए। हार्ट की क्षमता की जांचने के लिए ईकोग्राफी और टीएमटी टेस्ट होते हैं। इससे हार्ट की रूपरेखा और उसकी क्षमता पता चली है।
जब कोई रूटीन वर्क आउट से ज्यादा एक्सरसाइज करता है तो कई बार उसका हार्ट एक्सरसाइज की क्षमता सह नहीं पाता और हार्ट अचानक से काम करना बंद कर देता है। ऐसे में चाहिए कि यदि कोई व्यक्ति एक उम्र के दौरान एक्सरसाइज शुरू करता है या क्षमता से ज्यादा शारीरिक श्रम कर रहे हैं या फिर फैमिली में किसी को हार्ट संबंधी दिक्कत है तो ऐसे लोगों को कार्डियोलाजी से मिलना चाहिए। हार्ट की क्षमता की जांचने के लिए ईकोग्राफी और टीएमटी टेस्ट होते हैं। इससे हार्ट की रूपरेखा और उसकी क्षमता पता चली है।