दुष्कर्म मामले में फंसे पुलिसकर्मी की पत्नी ने कराया स्टिंग, युवती का पिता पैसे लेते गिरफ्तार
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थाना सिटी में बीते दिनों पुलिस मुलाजिम पर दर्ज दुष्कर्म मामले में नया मोड़ सामने आया है। इस मामले में लड़की पक्ष की ओर से पुलिस मुलाजिम पर दुष्कर्म के आरोप लगाए गए थे। मगर पुलिस मुलाजिम की पत्नी की ओर से ज्वाला शक्ति संगठन के सहयोग से किए गए स्टिंग ऑपरेशन में सामने आया कि लड़की पक्ष पुलिस मुलाजिम के परिवार को ब्लैकमेल कर रुपयों की मांग कर रहा था।
पुलिस ने लड़की के पिता को गिरफ्तार कर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी है। थाना सिटी प्रभारी तेजिंदरपाल सिंह ने बताया कि लड़की, उसके पिता, मां और उसके भाई पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार थाना सिटी में 15 जनवरी 2020 को मनिंदर सिंह नामक पुलिस मुलाजिम जोकि जालंधर में तैनात है, पर दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ था। शिकायतकर्ता लड़की ने आरोप लगाए थे कि मनिंदर ने उसे विवाह का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया है। बताते हैं कि मनिंदर के लड़की से संबंध थे। मगर उसकी शादी कहीं और हो गई थी।
ये बात मनिंदर की पत्नी भी जानती थी। उसने अपने पति मनिंदर के पक्ष में बचाव के लिए ज्वाला शक्ति संगठन की संयोजिका काजल जादौण ग्वालियर से संपर्क किया और बताया कि इस मामले में उसके पति को बेवजह फंसाया जा रहा है और राजीनामा करने के लिए लड़की का परिवार 15 लाख रुपये की मांग कर रहा है।
संगठन की संयोजिका काजल ने शिकायतकर्ता के परिवार से मनिंदर की बहन बनकर संपर्क किया और योजनाबद्ध तरीके से दस लाख में सौदा तय हुआ। तय योजना के अनुसार लड़की के पिता को मुक्तसर के एक होटल में रुपये लेने के लिए बुलाया। होटल के कमरे में पहले से ही मोबाइल कैमरा फिट कर दिया था।
साथ ही मीडिया को भी बुलाकर इशारा करने पर अंदर आने को कहा गया। जब लड़की के पिता ने अंदर आकर रुपये लिए और गिनने शुरू किए तो इशारा मिलते ही मीडियाकर्मी तुरंत कमरे में पहुंच गए। मनिंदर के पारिवारिक सदस्य व पुलिस को भी पहले ही सूचना दे दी गई थी। पुलिस ने लड़की के पिता को गिरफ्तार कर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी।
एसएचओ तेजिंदर पाल सिंह ने बताया कि लड़की के पिता पर आरोपियों पर ब्लैकमेलिंग का पर्चा दर्ज किया जा रहा है। बता दें कि ज्वाला शक्ति संगठन की संयोजिका काजल अब तक 1,075 केसों में पीड़ितों को इंसाफ दिलवा चुकी है। जिसमें से उसने 358 पुरुषों को ऐसी महिलाओं के ब्लैकमेलिंग के चंगुल से मुक्त करवाते हुए इंसाफ दिलवाया है।