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20 साल से अपने ही घरवालों ने इस शख्स को कर रखा था कैद, अब जा के मिली आजादी, पढ़ें पूरी खबर
दविंदर पाल सिंह, अमर उजाला, मोगा (पंजाब)
Updated Wed, 15 Aug 2018 03:34 PM IST
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आजादी के एक दिन पहले मानसिक रूप से कमजोर एक शख्स को स्वतंत्रता मिल गई है। ये शख्स पिछले 20 साल से कैद था। दरअसल, पंजाब के मोगा के थाना मेहना अधीन गांव दाता में मानसिक संतुलन ठीक न होने के कारण पारिवारिक सदस्यों की ओर से घर में 20 साल से जंजीरों से बांधे व्यक्ति को, जहां आजादी मिली वहीं वह आम लोगों के साथ 72वां आजादी दिवस मना सकेगा।
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यह बदनसीब जगतार सिंह (48) 20 वर्ष से घर में ही जंजीरों में जकड़ा हुआ था, जो अपनी आजादी के लिए मिन्नतें कर रहा था। जंजीरों से बांधा यह मानसिक रोगी अचानक खाट को घसीटते हुए अपने अलग रहने वाले भाई के घर पहुंच गया। इसकी सूचना लोगों ने थाना मेहना पुलिस को दे दी। पुलिस ने उसके साथ बातचीत करके उसे जंजीरों से मुक्त कर दिया।
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इस मौके पर मानसिक रोगी ने पुलिस की हाजिरी में कहा कि वह कोई मानसिक रोगी नहीं है। उसे अपनों ने ही मानसिक रोगी बना कर जंजीरों में जकड़ कर रखा हुआ है। पीड़ित ने बताया कि वह अखबार पढ़ने के अलावा हर किसी गांव वासी और रिश्तेदार को जानता पहचानता है पर फिर भी उसको मानसिक रोगी बना दिया गया। वह 20 साल से जंजीरों से बांधा हुआ चारपाई पर पड़ा हुआ है। कई-कई दिन उसे नहाने के लिए पानी और खाने के लिए रोटी नहीं मिलती। उसकी की मदद करने के लिए किसी गांव वाले, समाजसेवी संस्था या राजनैतिक पार्टी ने कोशिश नहीं की।
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इस मौके पर पीड़ित के भाई अवतार सिंह ओर निरंजन सिंह ने पीड़ित को रोटी पानी न देने के आरोपों को नकार दिया। उसने कहा कि जगतार सिंह दिमागी तौर पर परेशान
है। इस कारण वह बच्चों को मारपीट करता था, जिस कारण ऐसा करना उनकी मजबूरी थी। थाना प्रमुख दिलबाग सिंह ने कहा कि पीड़ित के पारिवारिक सदस्यों से डॉक्टरी रिपोर्टों का रिकॉर्ड पेश करने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्टों पढ़ने बाद ही कोई कानूनी कार्रवाई हो सकती है।