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Hindi News ›   Chandigarh ›   A man posing as an ED officer digitally arrested a 73-year-old man and duped him of Rs 52 lakh.

Chandigarh News: ईडी अफसर बन 73 वर्षीय बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट कर 52 लाख रुपये ठगे

Sat, 06 Dec 2025 12:51 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 06 Dec 2025 12:51 AM IST
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A man posing as an ED officer digitally arrested a 73-year-old man and duped him of Rs 52 lakh.
चंडीगढ़। साइबर ठगों ने सेक्टर-45 के सेवानिवृत्त मैनेजर को ईडी अधिकारी बनकर धमकाया और वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट कर 52 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने न सिर्फ फर्जी सरकारी दस्तावेज भेजे बल्कि वीडियो कॉल पर नकली कोर्ट रूम भी दिखाकर पीड़ित को भरोसे में लिया। सेक्टर-17 साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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सेक्टर-45सी निवासी शशि (73) ने पुलिस को बताया कि बीते 27 अक्तूबर की शाम करीब 5 बजे उन्हें एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को ट्राई का कर्मचारी बताया और कहा कि उनका मोबाइल नंबर मनी लॉन्ड्रिंग व अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में इस्तेमाल हो रहा है। इसके बाद कॉल एक अन्य व्यक्ति को ट्रांसफर की गई जिसने अपना नाम आकाश गुप्ता बताया और खुद को ईडी ऑफिसर बताया। उसने धमकी दी कि मुंबई के कोलाबा थाने में उनके खिलाफ केस दर्ज है और उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है।
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ठगों ने कहा कि उम्र ज्यादा होने के कारण उन्हें वीडियो सर्विलांस पर रखा जाएगा। इसके बाद वीडियो कॉल पर नकली कोर्ट रूम दिखाया गया और पीड़ित के खिलाफ दर्ज केस से जुड़े झूठे सरकारी दस्तावेज व्हाट्सएप पर भेजे गए। आरोपियों ने दस्तावेज में दिए गए एक अकाउंट में उनकी जमा राशि ट्रांसफर करने को कहा। डरकर पीड़ित उनके झांसे में आ गए।
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दो किस्तों में भेजे 52 लाख रुपये
31 अक्तूबर को पीड़ित ने आरटीजीएस के जरिए 28 लाख रुपये ठगों के बताए खाते में भेजे। इसके बाद 7 नवंबर को सेक्टर-17 स्थित एसबीआई से 24 लाख रुपये दूसरी बार ट्रांसफर किए। पीड़ित ने बताया कि आरोपी उन्हें ईडी अधिकारी बनकर लगातार धमकाते रहे और जल्द कार्रवाई होने की बात कहकर मानसिक दबाव बनाते रहे।


बेटे को बताया तो खुला पूरा मामला
13 नवंबर को जब शशि ने अपने बेटे सौरव को पूरी बात बताई तो उसने समझाया कि यह साइबर ठगी है और ठगों ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर लिया था। इसके बाद तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई गई। साइबर क्राइम थाना पुलिस अब ठगों द्वारा इस्तेमाल किए गए बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि बैंक खातों के आधार पर आरोपियों की पहचान जल्द करने की कोशिश की जा रही है।
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