{"_id":"6957c9dbbed5962df00d03cd","slug":"a-historical-book-based-on-the-sacred-heritage-of-sri-guru-gobind-singh-ji-at-ganga-sagar-was-released-chandigarh-news-c-74-1-lud1001-113683-2026-01-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की पवित्र धरोहर गंगा-सागर पर आधारित ऐतिहासिक पुस्तक का विमोचन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की पवित्र धरोहर गंगा-सागर पर आधारित ऐतिहासिक पुस्तक का विमोचन
विज्ञापन
-रायकोट के नवाब परिवार की ओर से उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों पर आधारित है पुस्तक
-- -
हलवारा। मुगल फौज से युद्ध के दौरान आनंदपुर साहिब का किला छोड़कर रायकोट पहुंचे श्री गुरु गोबिंद सिंह जी को शरण देने वाले नवाब राय कल्ला और उनके परिवार की निस्वार्थ सेवा पर आधारित ऐतिहासिक पुस्तक का विमोचन आज रायकोट के गुरुद्वारा टाहलीआणा साहिब में किया गया।
पुस्तक का नाम दशमेश पिता बख्शीश पवित्र गंगा-सागर सुच्ची सेवा संभाल रखा गया है और इसे पंजाबी लोक विरासत अकादमी, लुधियाना द्वारा प्रकाशित किया गया है। पुस्तक प्रसिद्ध लेखक प्रो. गुरदेव सिंह सिद्धू द्वारा लिखी गई है, जबकि प्रस्तावना प्रो. गुरभजन गिल ने तैयार की है। इसमें गुरु जी के रायकोट आगमन, राय कल्ला परिवार द्वारा दी गई सेवा और 17वीं शताब्दी के प्राचीन धातु के पवित्र गंगा-सागर का विवरण शामिल है जिसे नवाब परिवार ने श्रद्धापूर्वक संरक्षित रखा।
पुस्तक के विमोचन अवसर पर एसजीपीसी प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि यह धरोहर साहस, निस्वार्थ सेवा और धर्मनिरपेक्ष सद्भाव के मूल्यों को उजागर करती है। राय अजीज उल्लाह खान और उनके पुत्र राय मुहम्मद अली खान, जो वर्तमान में कनाडा में हैं, ने पुस्तक के लिए लेखक और अकादमी को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर एसजीपीसी सदस्य जत्थेदार जगजीत सिंह तलवंडी, विधायक हाकम सिंह ठेकेदार, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष अमनदीप सिंह गिल और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। यह पुस्तक सिख समुदाय के लिए प्रेरणा का स्रोत मानी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
हलवारा। मुगल फौज से युद्ध के दौरान आनंदपुर साहिब का किला छोड़कर रायकोट पहुंचे श्री गुरु गोबिंद सिंह जी को शरण देने वाले नवाब राय कल्ला और उनके परिवार की निस्वार्थ सेवा पर आधारित ऐतिहासिक पुस्तक का विमोचन आज रायकोट के गुरुद्वारा टाहलीआणा साहिब में किया गया।
पुस्तक का नाम दशमेश पिता बख्शीश पवित्र गंगा-सागर सुच्ची सेवा संभाल रखा गया है और इसे पंजाबी लोक विरासत अकादमी, लुधियाना द्वारा प्रकाशित किया गया है। पुस्तक प्रसिद्ध लेखक प्रो. गुरदेव सिंह सिद्धू द्वारा लिखी गई है, जबकि प्रस्तावना प्रो. गुरभजन गिल ने तैयार की है। इसमें गुरु जी के रायकोट आगमन, राय कल्ला परिवार द्वारा दी गई सेवा और 17वीं शताब्दी के प्राचीन धातु के पवित्र गंगा-सागर का विवरण शामिल है जिसे नवाब परिवार ने श्रद्धापूर्वक संरक्षित रखा।
विज्ञापन
पुस्तक के विमोचन अवसर पर एसजीपीसी प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि यह धरोहर साहस, निस्वार्थ सेवा और धर्मनिरपेक्ष सद्भाव के मूल्यों को उजागर करती है। राय अजीज उल्लाह खान और उनके पुत्र राय मुहम्मद अली खान, जो वर्तमान में कनाडा में हैं, ने पुस्तक के लिए लेखक और अकादमी को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर एसजीपीसी सदस्य जत्थेदार जगजीत सिंह तलवंडी, विधायक हाकम सिंह ठेकेदार, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष अमनदीप सिंह गिल और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। यह पुस्तक सिख समुदाय के लिए प्रेरणा का स्रोत मानी जा रही है।
विज्ञापन