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पंजाब: शहणा की अर्पित रत्ती भी यूक्रेन में फंसीं, बंकरों में कट रहे दिन, परिजन परेशान
Sun, 27 Feb 2022 11:00 PM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, बरनाला (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, बरनाला (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Sun, 27 Feb 2022 11:00 PM IST
सार
पिता हरजीत सिंह ने कहा कि बेटी की वापसी की खातिर 96000 रुपये की टिकट बुक की थी। फ्लाइट 24 फरवरी को वहां से चलकर 26 फरवरी को भारत पहुंचनी थी लेकिन कॉलेज प्रबंधकों की सख्त हिदायत के कारण छुट्टी न मिल पाने की वजह से नहीं लौट पाई।
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यूक्रेन में जारी जंग के दौरान सेना के जवान।
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
रूस और यूक्रेन में चल रहे युद्ध ने भारत के उन परिवारों को चिंता में डाल दिया है जिन परिवारों के विद्यार्थी यूक्रेन में पढ़ाई और अन्य वजह से वहां फंसे हैं। कस्बा शहणा निवासी पटवारी हरजीत सिंह ने बताया कि उनकी बेटी अर्पित रत्ती पांच वर्ष पहले 2017 में यूक्रेन के खारकीव नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई करने गई थी। उनकी बेटी अगस्त 2021 में घर आई थी और मिलकर दोबारा यूक्रेन लौट गई।
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वह वहां एक निजी फ्लैट में रह रही थी। जैसे ही रूस ने यूक्रेन पर हमला किया तो शुक्रवार को बेटी अर्पित रत्ती के अलावा कई अन्य विद्यार्थियों को मेट्रो स्टेशन के नीचे बने बंकरों में शिफ्ट कर दिया गया है। वहां स्थानीय लोग भी रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि बेटी से करीब चार-पांच बार बात हो चुकी है पर नेटवर्क कम होने के कारण बातचीत अधिक नहीं हो पा रही है। बंकरों में कैद लोगों के पास खाने पीने का सामान अब खत्म होने की कगार पर है। शनिवार दोपहर पुलिस प्रशासन इंटेलिजेंस ने उनके साथ संपर्क कर जानकारी ली है।
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पिता हरजीत सिंह ने कहा कि बेटी की वापसी की खातिर 96000 रुपये की टिकट बुक की थी। फ्लाइट 24 फरवरी को वहां से चलकर 26 फरवरी को भारत पहुंचनी थी लेकिन कॉलेज प्रबंधकों की सख्त हिदायत के कारण छुट्टी न मिल पाने की वजह से नहीं लौट पाई। पटवारी पिता हरजीत सिंह ने कहा कि सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि सरकार ने जिन स्थानों पर बच्चों को आने के लिए कहा है, वह जगह करीब 800 किलोमीटर दूर है। शहर भर में गोलाबारी हो रही है।
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डीजल का भंडारण करने में जुटे किसान
पंजाब के मानसा जिले के गांव गांव भैनी फत्ता निवासी किसान जुगराज सिंह ने बरनाला में पेट्रोल पंप पर पांच ड्रम डीजल भरवाया और कहा कि यूक्रेन में चल रहे युद्ध के कारण पूरे देश में तेल के दाम में वृद्धि और अन्य महंगाई की चर्चा रोजाना बढ़ती जा रही है। गेहूं की कटाई और धान की रोपाई के मौसम को देखते हुए उन्होंने डीजल का स्टाक कर लिया है।