करनाल: सैलरी नहीं मिली तो डॉक्टर ने पत्नी संग लगाया चाय का ठेला
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दो माह से सैलरी और ओवरटाइम नहीं मिलने से नाराज एक डॉक्टर ने पत्नी के साथ प्राइवेट कंपनी के बाहर ही चाय का ठेला लगा लिया है। यही नहीं कंपनी के रवैये से खफा डॉक्टर ने मामले की शिकायत डीसी और सीएम विंडो पर भी की है। उसका कहना है कि अगर यही स्थिति रही और उसे न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या के लिए मजबूर हो जाएगा।
भिवानी के रहने वाले डॉ. गौरव की दिसंबर में ही शादी हुई थी और वह करनाल में किराए के मकान में रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे सेक्टर-13 स्थित प्राइवेट कंपनी केयर पार्टनर ग्रुप ऑफ इंडिया करनाल कंपनी के कार्डियो सेंटर में आरएमओ के पद पर तैनात थे और कंपनी की ओर से 50 हजार रुपये महीने उनकी सैलरी थी।
उनकी आईसीयू में ड्यूटी थी। उनका कहना है कि पिछले दिनों कंपनी के पास डॉक्टरों की कमी थी तो वह लगातार ओवर टाइम भी करते थे। कुछ महीने तक कंपनी ने उन्हें ओवर टाइम की सैलरी भी दी। इसके बाद कंपनी ने फरवरी, मार्च की सैलरी नहीं दी और कहा कि वह लिव विदाउट पे ले लें। जब उसने इस पर आपत्ति जताई तो एक अप्रैल को उसके पास कंपनी से मेल आई कि उनका ट्रांसफर गाजियाबाद कर दिया गया है।
जब उसने असमर्थता जतायी तो कंपनी ने नौकरी से निकाल दिया। यही नहीं ना तो दो महीने की सैलरी दी जा रही है और ना ही चार महीने का ओवर टाइम। वह कंपनी के अधिकारियों से बात करता है तो कोई उसकी सुनवाई नहीं करता। उसका कहना है कि मजबूरन पत्नी के साथ उसे चाय का ठेला लगाने के लिए विवश होना पड़ रहा है। डॉक्टर गौरव अनुसार करीब एक लाख 70 हजार रुपये कंपनी से लेने हैं।
कंपनी प्रबंधन की सुनिए
डॉ. गौरव डिसिप्लिन से काम नहीं कर रहे थे और कंपनी पर पॉलिटिकल प्रेशर बना रहे थे। कंपनी पॉलिसी के अनुसार ही डॉ. गौरव का ट्रांसफर गाजियाबाद किया गया था लेकिन उन्होंने जाने से इंकार कर दिया। -राकेश कुमार, करनाल यूनिट हेड केयर पार्टनर ग्रुप ऑफ इंडिया