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फरीदकोट में कोरोना का संदिग्ध आइसोलेशन वार्ड से भागा, तलाश जारी, पठानकोट में 28 निगरानी में

Wed, 18 Mar 2020 12:28 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंजाब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंजाब Published by: ajay kumar Updated Wed, 18 Mar 2020 12:28 AM IST
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A corona virus suspect flee from isolation ward in Punjab's Faridkot
संदिग्ध की तलाश में जुटी पुलिस। - फोटो : अमर उजाला

देश में कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। पंजाब में भी इसके संदिग्ध मरीज लगातार सामने आ रहे हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि यहां सिर्फ एक मरीज को छोड़कर बाकी सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई हैं। पंजाब के मोहाली में अब तक 22 लोगों को संदिग्ध माना गया तो वहीं फरीदकोट में मंगलवार (17 मार्च) की रात कोरोना का एक संदिग्ध अस्पताल से फरार हो गया है। पुलिस अब तलाश में जुटी है।

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फरीदकोट से कोरोना का संदिग्ध फरार, पुलिस तलाश में जुटी
फरीदकोट के गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल से कोरोना वायरस का एक संदिग्ध मरीज फरार हो गया। बताया जा रहा है कि मरीज सोमवार सुबह ही भर्ती हुआ था। हालांकि अभी उसकी जांच रिपोर्ट नहीं आई है। वहीं पुलिस भी पूरी मुस्तैदी से तलाश में जुटी हुई है। फरीदकोट में पीसीआर से पुलिस संदिग्ध मरीज की तलाश कर रही है।
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बताया जा रहा है कि संदिग्ध मरीज ने कुछ दिन अपने एनआरआई दोस्तों के साथ बिताए थे। इसके बाद से उसे खांसी और सांस लेने में दिक्कत महसूस हुई। इसके बाद ही वह जांच करने मेडिकल कॉलेज पहुंचा तो डॉक्टरों ने संदिग्ध मानते हुए उसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर लिया था। जहां से वह मंगलवार की रात फरार हो गया।
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मोहाली:दो महिलाओं की रिपोर्ट आई निगेटिव, अब तक जिले में कोरोना के 22 संदिग्ध
मोहाली में कोरोना के संदिग्ध अब तक 22 मरीज सामने आ चुके हैं। इन सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। जिससे साफ हो गया है कि कोरोना से कोई भी व्यक्ति पीड़ित नहीं है। सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह ने बताया कि खरड़ में दाखिल कोरोना की संदिग्ध एक महिला और एक अन्य निजी अस्पताल में दाखिल बुजुर्ग महिला की रिपोर्ट भी निगेटिव आई है। 

दोनों महिलाओं के ब्लड सैंपल सोमवार को पीजीआई भेजे गए थे। उन्होंने बताया कि जिले में 470 लोगों को एहतियात के तौर पर घरों में डॉक्टरों की निगरानी में अलग रखा गया था। इनमें से 320 लोगों के डॉक्टरों की निगरानी के 14 दिन पूरे हो चुके हैं। अब सभी पूरी तरह से तंदरुस्त हैं। बाकी के 150 लोग फिलहाल सेहत विभाग की निगरानी में घरों में अलग रखे गए हैं।

लुधियाना: हवालाती को कोरोना का संदिग्ध मान अस्पताल लाई पुलिस 
पिछले महीने अमेरिका से लौटे मारपीट के मामले में नामजद आरोपी को जेल से कोरोना वायरस का संदिग्ध मान जेल प्रशासन सिविल अस्पताल लाया है। हवालाती को खांसी, जुकाम और बुखार था। अमेरिका से लौटने के कारण उसे सिविल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करवाया गया है। सिविल अस्पताल प्रशासन ने मरीज के सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं। अब रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि वह कोरोना वायरस से पीड़ित है या नहीं। 

जानकारी के मुताबिक उक्त हवालाती नवांशहर का रहने वाला है। उसके खिलाफ 2018 में मारपीट का मामला दर्ज हुआ था। केस दर्ज होने के बाद वह अमेरिका चला गया था। इस बीच उसकी गिरफ्तारी न होने पर कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था और उसकी एलओसी जारी कर दी गई थी। जब फरवरी 2020 को वह विदेश से वापस भारत आया तो एयरपोर्ट पर पुलिस ने दबोच लिया था। 

उसे लुधियाना की सेंट्रल जेल भेज दिया गया था। सूत्रों का कहना है कि उसे हलकी खांसी और बुखार था। जब वह मंगलवार को जेल के अस्पताल में खुद का चेकअप करवाने गया तो उसकी ट्रेवल हिस्ट्री के कारण डॉक्टरों को शक हुआ। इसी आधार पर उसे सिविल अस्पताल भेज दिया है। जहां उसे आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है।

दुबई से आया कोरोना का संदिग्ध अस्पताल में भर्ती

कोरोना वायरस के एक संदिग्ध को बरनाला सिविल अस्पताल में भर्ती किया गया है। जानकारी अनुसार बरनाला निवासी एक व्यक्ति दुबई गया हुआ था। कुछ दिन पहले ही वह दुबई से बरनाला लौटा है। मरीज को बुखार और पेट दर्द होने पर उसके पारिवारिक सदस्यों ने उसे सिविल अस्पताल बरनाला पहुंचाया। डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया है।

कोरोना : पंजाब में उद्योगपतियों को वर्करों की सेहत संबंधी हिदायतें जारी
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा ने सूबे के उद्योग जगत से अपने सभी कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य उपाय यकीनी बनाने के लिए कहा। ताकि कोरोना वायरस के फैलाव को रोका जा सके। अरोड़ा ने कहा कि सभी औद्योगिक इकाइयों में कर्मचारियों के लिए साफ-सफाई संबंधी सावधानियां लाजिमी तौर पर उपलब्ध करवाई जाएं। उन्होंने उद्योगों से नजदीकी डिस्पेंसरियों में कर्मचारियों की जांच कराने को भी कहा।

मंगलवार को कोरोना वायरस के खतरे से पैदा हुई स्थिति का जायजा लेने के लिए विभाग के सीनियर अधिकारियों और हिस्सेदार बोर्डों व कारपोरेशन की मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए अरोड़ा ने वायरस के फैलाव को रोकने के लिए राज्य की सभी औद्योगिक इकाइयों को अपनी फैक्ट्रियों के बाहर सफाई संबंधी सावधानियां दिखाने वाले साइन बोर्ड लगाने को कहा।

उन्होंने सभी कर्मचारियों के लिए सैनेटाइजर की उपलब्धता भी यकीनी बनाने को कहा। इसके अलावा उन्होंने कहा कि फैक्ट्रियों में दाखिल होने वाले कामगारों के लिए मुफ्त साबुन और पानी उपलब्ध करवाया जाए और स्टाफ व वर्करों द्वारा इस्तेमाल की होने वाली आम सुविधाओं को नियमित तौर पर साफ-सुथरा रखा जाए। इन सहूलियतों में कर्मचारियों की ओर से इस्तेमाल की जाने वाली बसें और आम ट्रांसपोर्ट वाहन शामिल हैं।

कैप्टन ने कोरोना के बाद बड़ी आर्थिक मंदी के लिए चेताया  

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को कहा कि कोरोना वायरस एक बड़ी आफत है, जिससे अर्थव्यवस्था में गंभीर मंदी आने का अंदेशा है। उन्होंने कहा कि स्थिति पहले ही खराब है और अगर यह और फैलता है तो हालात और बिगड़ जाएंगे। उन्होंने कोविड-19 के बाद अर्थव्यवस्था में गंभीर मंदी आने की चेतावनी दी। 

मुख्यमंत्री ने पूरी तरह तैयार रहने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि इस मामले में हर तरह के एहतियात बरतना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हाथ मिलाने जैसी पुरानी आदतें जल्दी खत्म नहीं होती लेकिन इसे बदलने की जरूरत है। भारत सरकार और विश्व स्वास्थ्य संस्था द्वारा जारी दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार इस समस्या से निपटने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है लेकिन लोगों को भी इसके खतरे की गंभीरता को देखते हुए खुद भी सावधानी बरतनी चाहिए। 

पठानकोट में तीन दिन में विदेश से लौटे 28 लोग निगरानी में
पठानकोट सिविल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में विदेश से आए अब तक 40 लोगों की जांच हुई है। सोमवार और मंगलवार को विदेश से आए पठानकोट के और 25 लोगों की लिस्ट सेहत विभाग के पास पहुंची है। सेहत विभाग का कहना है कि उनकी टीमों की ओर से विदेश से आए लोगों के घर में जाकर उन्हें निगरानी में रखा जाएगा। 

वहीं, मंगलवार को हिमाचल सरकार की ओर से जारी आदेशों के बाद पंजाब-हिमाचल सीमा स्थित काठगढ़ महादेव मंदिर और श्री राम गोपाल मंदिर डमटाल को भी श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया। उक्त मंदिरों में रोजाना हजारों लोग विभिन्न राज्यों से पहुंचते हैं। मंगलवार को श्रद्धालुओं को लौटना पड़ा। सिविल अस्पताल पठानकोट में थर्मल स्कैनिंग मशीनों से मरीजों की जांच की जा रही है।

सेहत विभाग के मुताबिक अब तक पठानकोट के 65 लोग चीन, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, ईटली, सिडनी, शिकागो से लौटे हैं। इनमें से 25 लोग बिल्कुल स्वस्थ हैं जबकि 28 लोगों को 28 दिनों के लिए निगरानी में रखा गया है। सेहत विभाग की टीम शेष बचे 2 लोगों के एड्रेस कंफर्म करने में जुटी है। वहीं रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड पर पोस्टर चिपका लोगों को कोरोना वायरस से बचने के लिए जागरुक किया जा रहा है।

रोडवेज की बसों में की जा रही सोडियम हैपोक्लोराइड से स्ट्रलाइजेशन
जीएम रोडवेज दर्शन सिंह गिल ने बताया कि पठानकोट डिपो में 90 बसें हैं। यह रोजाना 62 रूटों पर रवाना होती हैं। सेहत विभाग से मिले निर्देशों के तहत बसों में सोडियम हैपोक्लोराइड का छिड़काव किया जा रहा है। इस संबंधी बस चालक और कंडक्टर को सख्त हिदायतें दी गई हैं।

अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई: डीसी 
डीसी गुरदासपुर मोहम्मद इफ्शाक का कहना है कि जिले में कोरोना वायरस का कोई मरीज ही नहीं है। उन्होंने अफवाह फैलाने वालों पर शिकंजा कसते हुए ऐसे शरारती तत्व के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही। गौरतलब है कि कुछ लोगों ने व्हाट्सएप और फेसबुक पर गुरदासपुर के एक चौक में कोरोना वायरस का मरीज होने की बात कही है। 

सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। इस संबंधी एक वीडियो भी जारी किया गया जिसमें अस्पताल के लोग एक मरीज को एंबुलेंस से अस्पताल शिफ्ट कर रहे थे। उसे अमृतसर ले गए और बाद में दिल्ली शिफ्ट कर दिया गया है। अमृतसर की सिविल सर्जन डा. प्रभजोत कौर सोहल ने बताया कि उनके पास ऐसा कोई मरीज नहीं आया है। 

मरीज की हालात ज्यादा खराब होने पर उसे अमृतसर से चंडीगढ़ पीजीआई भेजा जाता है न कि दिल्ली। गुरदासपुर के सिविल सर्जन डा. किशन चंद ने भी कोई मरीज न मिलने की बात कही। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक आठ संदिग्ध मरीजों की जांच के लिए सैंपल भेजे गए थे। छह की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। दो की रिपोर्ट आना बाकी है। 

मास्क, सैनेटाइजर, दवाओं की जमाखोरी करने वालों पर होगी कार्रवाई 
पटियाला के डीसी कुमार अमित ने जिले में मास्क, सैनेटाइजर, जरूरी दवाओं और अन्य सामान को बड़ी मात्रा में स्टोर करके ज्यादा रेट पर बेचने की मिली शिकायतों को गंभीरता से लिया है। उन्होंने सभी सब डिवीजनों में विशेष चेकिंग टीमों का गठन किया है। डीसी की ओर से जारी इन आदेशों के तहत सब डिवीजन का उपमंडल मजिस्ट्रेट इन टीमों का नोडल अफसर होगा। इस टीम में संबंधित सब डिवीजन के उप पुलिस कप्तान, खुराक व सिविल सप्लाई अफसर, ड्रग इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टर नापतौल को शामिल किया गया है।

यह विशेष चेकिंग टीमें मास्क, सैनेटाइजर, जरूरी दवाओं व अन्य सामान को सरकार की ओर से निर्धारित रेटों से ज्यादा पर बेचने वाले सप्लायरों व दुकानदारों की चेकिंग करेंगी। दोषी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। डीसी ने कहा कि जिले में किसी को भी जमाखोरी करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। दोषी पाए गए व्यक्तियों के लाइसेंस रद्द करके उनके खिलाफ पुलिस केस दर्ज किए जाएंगे। 

जिला मजिस्ट्रेट कुमार अमित ने कोरोना वायरस के संभावित खतरे के मद्देनजर जिले में स्थापित कुआरनटाइन और आइसोलेशन सुविधाओं के प्रबंधों को तुरंत मुकम्मल करने के लिए राजिंदरा अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट और मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को आदेश दिए हैं। कोरोना वायरस मरीजों के संपर्क में आए लोगों पर निगरानी रखने के लिए जिले में स्थापित किए कुआरनटाइन ब्लाकों के सारे प्रबंध राजिंदरा अस्पताल के एमएस अपनी निगरानी में कराएंगे। कोरोना के लक्षण वाले मरीजों के लिए बनाए जा रहे आइसोलेशन ब्लाकों के पूरे प्रबंधों की देखरेख मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल करेंगे।

कोरोना प्रभावित देशों से आए 746 लोगों की स्क्रीनिंग हुई
कोरोना से प्रभावित देशों से पटियाला आए 746 व्यक्तियों की सेहत विभाग की टीमों ने स्क्रीनिंग की। उनमें से छह संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए गए थे जो नेगेटिव आए हैं। जिला एपिडीमोलोजिस्ट डा. सुमित सिंह ने बताया कि सेहत विभाग इस वायरस के खिलाफ अपनी नजर पैनी किए हुए है। पंजाब सरकार की ओर से जारी एडवाइजरी में जिन 14 देशों का जिक्र किया गया है, वहां यात्रा करने वाले जिले के सभी लोगों पर नजर रखी जा रही है। 

उन्होंने लोगों से अपील की कि अपने आस पड़ोस में अगर कोई व्यक्ति कोरोना वायरस प्रभावित देश की यात्रा करके वापस आया है तो उसके बारे में तुरंत विभाग को सूचित किया जाए। साथ ही उन्होंने साफ किया कि कोरोना वायरस से घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि कुछ सावधानियों को अपना कर इस बीमारी से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि भीड़ वाली जगहों पर जाने से परहेज किया जाए और साथ ही ध्यान रखा जाए कि आंख, नाक व मुंह को न छुआ जाए, क्योंकि यह वायरस आंखों, नाक व मुंह के जरिये शरीर में दाखिल होता है।

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