बहादुरगढ़ में छह लोगों ने चलाई ताबड़तोड़ गोलियां, एक किशोर की हुई मौत
बहादुरगढ़ के गांव मांडोठी में गुरुवार की सायं एक निर्माणाधीन सर्विस स्टेशन में घुसकर छह हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। जान बचाने के लिए भागे एक किशोर की छाती से गोली आर-पार हो गई, इस घटना में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आपसी कहासुनी के चलते परिवार के लोगों द्वारा ही ये वारदात अंजाम दी गई। पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
मृतक की पहचान 17 वर्षीय अमन के रूप में हुई है। मूलत: उत्तर प्रदेश का निवासी अमन दसवीं कक्षा का छात्र था और पिछले कुछ वर्षों से गांव मांडोठी में अपने बहनोई (जीजा) सुरजीत के यहां रह रहा था। इन दिनों गांव में रोहद रोड पर स्थित अपने प्लॉट में सुरजीत सर्विस स्टेशन बनवा रहा है। अमन गुरुवार को निर्माणधीन स्टेशन पर मौजूद था।
शाम करीब चार बजे दो कारों में सवार होकर आए छह लोगों ने निर्माणाधीन सर्विस स्टेशन में ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। गोलियां चली तो भगदड़ मच गई। एक गोली अमन की छाती से आर-पार हो गई। वारदात के बाद हमलावर फरार हो गए। सुरजीत व आसपास मौजूद लोगों ने खून से लथपथ अमन को बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और तफ्तीश शुरू की। अस्पताल में आकर परिजनों के बयान लिए। शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम होगा।
वारदात से एक दिन पहले हुआ था विवाद
सुरजीत का अपने ही कुणबे के कुछ लोगों से विवाद चल रहा है। बुधवार को भी उक्त लोगों का सुरजीत की पत्नी कुंती के साथ कहासुनी हुई। इस झगड़े में अमन ने अपनी बहन का पक्ष लेते हुए बीच बचाव किया था। यह बात उक्त लोगों को रास नहीं आई। परिवार के इस आपसी विवाद ने किसी दूसरे के परिवार का इकलौता चिराग बुझा दिया।
पांच बहनों का इकलौता भाई था
मृतक अमन पांच बहनों का इकलौता भाई था। दरअसल, मांडोठी निवासी सुरजीत का करीब 12 साल पहले देवरिया (उत्तर प्रदेश) निवासी कुंती के साथ हुआ था। अमन की अच्छी परवरिश के लिए कुंती करीब छह साल पहले उसे अपने गांव से मांडोठी ले आई थी। अमन गांव मांडोठी के ही एक निजी स्कूल में पढ़ रहा था और पढ़ाई में भी ठीकठाक था। अमन की मौत से पांच बहनों की राखियां सूनी हो गई हैं। उसकी बड़ी बहन कुंती का रो-रोकर बुरा हाल था।
छह पर आरोप, केस दर्ज
पुलिस को दी शिकायत में सुरजीत ने कहा है कि बुधवार की दोपहर करीब 13 बजे कुणबे की धर्मबीर उर्फ मोनू व कर्मबीर घर पर आए थे। उन्होंने मेरी पत्नी से झगड़ा किया था। अमन ने बीच बचाव किया, बस उसी रंजिश में धर्मबीर उर्फ मोनू, कर्मबीर, नरेंद्र, अनिल, प्रेम व जयबीर ने गोलियां चलाई। मैंने किसी तरह दीवार के पीछे छिपकर जान बचाई, लेकिन अमन की गोली लगने से मौत हो गई। उधर, सुरजीत की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है।
जल्द होगी गिरफ्तारी
आपसी कहासनु के चलते यह वारदात हुई है। मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया जाएगा। -राकेश कुमार इंचार्ज, मांडोठी चौकी पुलिस