मिसाल: चंडीगढ़ के इस गांव में 90 प्रतिशत लोगों ने लगवाया टीका, सामूहिक प्रयास से मिली सफलता
गांव रायपुर खुर्द बेशक चंडीगढ़ नगर निगम में शामिल है, लेकिन जागरूकता का अभाव यहां रोड़ा बना। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
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कोरोना महामारी से बचाव के लिए चंडीगढ़ के गांव रायपुरखुर्द में 45 वर्ष से अधिक उम्र के 90 प्रतिशत लोगों ने टीका लगवा लिया है। यह आंकड़ा यहां तक ऐसे ही नहीं पहुंचा। इस आंकड़े को छूने के लिए स्वास्थ्य कर्मचारी, पूर्व पंच और गांव के जागरूक लोगों का विशेष हाथ है। इन लोगों ने टीकाकरण की भ्रांति को लोगों के मन से दूर कर उन्हें तैयार किया। आज इसका परिणाम सबके सामने है। अब स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर भी टीकाकरण की जानकारी ले रही है। टीकाकरण में महिलाएं ज्यादा जागरूक हैं। पुरुषों के मुकाबले महिलाओं का टीकाकरण में औसत बेहतर है।
गांव रायपुरखुर्द स्थित हेल्थ और वेलनेस सेंटर में 13 अप्रैल से टीकाकरण शुरू हुआ था। यहां बहलाना, हल्लोमाजरा, रायपुरकलां, मक्खनमाजरा, बलटाना, जीरकपुर, भबात सहित अन्य जगहों के लोग भी टीका लगवाने के लिए पहुंचते हैं। रायपुरखुर्द की कुल जनसंख्या लगभग 11 हजार है। मई से यहां प्रतिदिन औसतन दस लोगों का टीकाकरण हो रहा है। उससे पहले अप्रैल में प्रतिदिन औसतन 35 से 40 लोगों का भी टीकाकरण हुआ था। सेंटर पर अभी 18 से 44 वर्ष तक लोगों के लिए टीकाकरण की व्यवस्था नहीं है।
व्यवस्था व जागरूकता चुनौती, लोगों का मिला सहयोग
बेशक गांव निगम में शामिल हों, लेकिन जागरूकता का अभाव यहां भी रोड़ा बना। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। हेल्थ और वेलनेस सेंटर में बैठने के उचित व्यवस्था नहीं थी। इस दौरान गांव की धार्मिक संस्थाओं ने सहयोग किया। बैठने के लिए कुर्सियों का इंतजाम किया।
गांव के पूर्व सरपंच धर्म सिंह ने लगवाया पहला टीका
टीकाकरण पर गांव में काफी चर्चाएं थीं। इसलिए सबसे पहले मैंने खुद टीका लगवाया। उसके बाद गांव के लोगों के घर-घर जाकर जागरूक किया। इसका सकारात्मक परिणाम सामने आया और लोगों ने टीका लगवाया। अब भी स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन एक चक्कर लगाता हूं। डॉक्टर या नर्स से भी समस्याओं के बारे में जानकारी लेता हूं। मेरा प्रयास है कि गांव का कोई भी व्यक्ति बिना टीका लगवाए न रहे। कोरोना महामारी की चेन को तोड़ने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है। इसके लिए सभी को आगे आना ही होगा। -धर्म सिंह, पूर्व पंच, गांव रायपुरखुर्द
मंदिर और गुरुद्वारों से कराया अनाउसमेंट
जागरूकता के लिए मंदिर और गुरुद्वारों से अनाउंसमेंट किया गया, तब जाकर यह सफलता मिली। अब भी लोगों के घरों तक जाकर जागरूक कर रहे हैं ताकि यह 10 प्रतिशत का कोटा भी पूरा हो सके। लोगों के मन में जो डर था उसे दूर किया। -डॉ. प्रभ गुरिंदर सिंह, प्रभारी, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, गांव रायपुरखुर्द
घर-घर जाकर सर्वे किया, तब इकट्ठा हुए आंकड़े
टीकाकरण के लिए घर-घर जाकर सर्वे किया। कोई बीमारी बताकर मना कर देता तो कोई दूसरा बहाना बताता। चुनौतियों का सामना करते हुए लोगों को जागरूक किया। इस कार्य में गांव के लोगों का काफी सहयोग मिला। -लखबीर कौर, एएनएम, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, गांव रायपुरखुर्द
रेहड़ी-फड़ी से लेकर दुकानदारों तक की सूची तैयार की
गांव हल्लोमाजरा के लोगों ने भी रायपुरखुर्द में करवाया टीकाकरण
गांव में डिस्पेंसरी तो है, लेकिन यहां बैठने की व्यवस्था नहीं है। गांव के लोग टीकाकरण करवाने के लिए रायपुरखुर्द के हेल्थ और वेलनेस सेंटर में जाते हैं। वहीं कुछ लोगों ने आईटीबीपी व इंडस्ट्रियल एरिया फेज एक स्थित डिस्पेंसरी में भी टीका लगवाया है। हमारा प्रयास है कि टीकाकरण अभियान को शत प्रतिशत पूरा करें। -गुरचरणजीत सिंह काला, पूर्व पंच गांव हल्लोमाजरा
एक सप्ताह से प्रयास में था, आज टीका लगा
पिछले एक सप्ताह से टीका लगवाने का प्रयास कर रहा था। कहीं पर स्लॉट नहीं था। इसके बाद रायपुरखुर्द हेल्थ और वेलनेस सेंटर में मेरा स्लॉट मिला। इसके बाद टीका लगवाया। अपनी व परिवार की सुरक्षा के लिए सभी को टीका लगवाना चाहिए। -रामजी दुबे, निवासी गांव, भबात