जाट आंदोलनः 30 मृतकों में से मात्र 9 को मुआवजा, सरकारी तर्क सुनिए
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हरियाणा सरकार ने जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा में मारे गए नौ लोगों को निर्दोष माना है। उनके परिजनों को मुआवजे के रूप में 10-10 लाख रुपये जारी किए गए हैं। मंगलवार को कैबिनेट की साप्ताहिक बैठक के बाद यह जानकारी दी गई।
नौ मृतकों में चार रोहतक जिले से, दो झज्जर से और एक-एक सोनीपत, कैथल व हिसार से थे। हालांकि राज्य सरकार की ओर से इस बारे में कोई ब्योरा नहीं दिया गया कि उक्त नौ मृतकों को किस आधार पर निर्दोष ठहराया गया है, लेकिन इस संबंध में गृह सचिव पीके दास का कहना है कि उपद्रव की विभिन्न स्तरों पर की जा रही जांच में यह देखा जा रहा है कि मृतक व्यक्ति आंदोलन के दौरान लूटपाट, आगजनी की वारदात में शामिल तो नहीं था।
बाकी 21 लोगों के लिए भी सरकार जल्द फैसला लेगी
फरवरी माह के दौरान हुए इस आंदोलन में 30 लोगों की मौत हुई थी। सरकार ने साफ कर दिया था कि आंदोलन के दौरान हिंसा, आगजनी व लूटपाट में शामिल रहे मृतक लोगों के लिए कोई मुआवजा नहीं दिया जाएगा। केवल हिंसा का शिकार हुए निर्दोष लोगों के परिजनों को ही मुआवजा दिया जाएगा। इस मामले में सरकार मारे गए बाकी 21 लोगों के लिए भी जल्द फैसला लेगी
हिंसा प्रभावितों को अंतरिम सहायता जारी :
हरियाणा सरकार की ओर से जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसा, आगजनी व लूटपाट के शिकार हुए लोगों को उनके नुकसान की भरपाई के लिए वित्तीय मदद दी जा रही है। 29 मार्च तक सरकार ने प्रभावित 1537 लोगों को 20 करोड़ रुपये की अंतरिम सहायता राशि जारी की थी। इसके साथ ही सरकार संपत्तियों को हुए नुकसान का आकलन भी करवा रही है, ताकि प्रभावितों को नुकसान की पूरी भरपाई की जा सके।
निर्दोषों को ही मिलना चाहिए मुआवजा :
प्रदेश के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री कर्णदेव कांबोज ने कहा है कि हरियाणा में जो कुछ हुआ वह दुखद था। उनकी सरकार ने पहले ही फैसला ले लिया था कि हिंसक गतिविधियों में लिप्त रहे किसी भी दोषी को मुआवजा नहीं दिया जाएगा और केवल निर्दोष लोगों को ही मुआवजा दिया जाएगा।